{"_id":"64fd328f4e474c85e200e519","slug":"g20-meeting-five-big-takeaway-decisions-biofuel-alliance-ukraine-war-rail-link-project-counter-china-2023-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"G20 Summit 2023: जी20 सम्मेलन से क्या हासिल हुआ? जानिए इसके पांच बड़े फैसले और इनका फायदा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
G20 Summit 2023: जी20 सम्मेलन से क्या हासिल हुआ? जानिए इसके पांच बड़े फैसले और इनका फायदा
Sun, 10 Sep 2023 08:35 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 10 Sep 2023 08:35 AM IST
सार
जी20 जैसे अहम समूह में अफ्रीकन यूनियन के शामिल होने से दुनिया में नई विश्व व्यवस्था का निर्माण होगा, जिसमें विकासशील और गरीब देशों को भी वैश्विक फैसले करने की व्यवस्था में प्रतिनिधित्व मिलेगा।
विज्ञापन
जी20 की बैठक के दौरान विभिन्न नेता
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नई दिल्ली में आयोजित हो रहे जी20 शिखर सम्मेलन पर दुनिया की नजरें हैं। विश्व के शीर्ष नेता लगातार बैठकें कर रहे हैं और द्विपक्षीय बैठकें भी हो रही हैं। पूरी दुनिया का मीडिया इन बैठकों पर नजर रखे हुए है। लेकिन, यहां ये सवाल उठ सकता है कि आखिर इस सारी व्यवस्था और इन बैठकों से क्या हासिल हो रहा है? तो आइए जानते हैं कि नई दिल्ली में हुई जी20 बैठक में क्या पांच बड़े फैसले हुए हैं, जिनका आने वाले समय में दुनिया पर सकारात्मक असर दिख सकता है।
1. अफ्रीकन यूनियन को जी20 में शामिल किया गया है। अफ्रीकन यूनियन में अफ्रीकी महाद्वीप के 55 देश शामिल हैं। ऐसे में जी20 जैसे अहम समूह में अफ्रीकन यूनियन के शामिल होने से दुनिया में नई विश्व व्यवस्था का निर्माण होगा, जिसमें विकासशील और गरीब देशों को भी वैश्विक फैसले करने की व्यवस्था में प्रतिनिधित्व मिलेगा।
2. जी20 की बैठक में दिल्ली घोषणा पत्र को सर्वसहमति से मंजूर किया गया है, जो कि भारत की कूटनीतिक ताकत का उदाहरण है। इस घोषणापत्र में अंतरराष्ट्रीय कानूनों को बनाए रखने, क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून, शांति और स्थिरता की रक्षा करने वाली बहुपक्षीय प्रणाली को बनाए रखने का आह्वान किया गया है।
विज्ञापन
3. भारत, सऊदी अरब, अमेरिका और यूरोप को जोड़ने वाले रेल लिंक प्रोजेक्ट पर सहमति बनी है। इस प्रोजेक्ट को चीन के बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव का जवाब माना जा रहा है, जो दुनिया के विकासशील देशों को आधारभूत ढांचे के विकास के नाम पर चीन के कर्ज के जाल से बचाएगा।
4. प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस बनाने का एलान किया है। इस गठबंधन में भारत, ब्राजील, अमेरिका जैसे देश शामिल हैं। इस गठबंधन के जरिए अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाएगा और कार्बन उत्सर्जन को नेट जीरो करने में काफी मदद मिलेगी।
5. हाल के सालों में दुनिया के देशों में एक दूसरे के प्रति विश्वास में कमी आई है। दिल्ली में हो रहे जी20 सम्मेलन में इस विश्वास को फिर से मजबूत करने की कोशिश की गई। खासकर यूक्रेन युद्ध के बाद जो तनाव है, उसे कम करने की कोशिश की गई।
विज्ञापन
1. अफ्रीकन यूनियन को जी20 में शामिल किया गया है। अफ्रीकन यूनियन में अफ्रीकी महाद्वीप के 55 देश शामिल हैं। ऐसे में जी20 जैसे अहम समूह में अफ्रीकन यूनियन के शामिल होने से दुनिया में नई विश्व व्यवस्था का निर्माण होगा, जिसमें विकासशील और गरीब देशों को भी वैश्विक फैसले करने की व्यवस्था में प्रतिनिधित्व मिलेगा।
विज्ञापन
2. जी20 की बैठक में दिल्ली घोषणा पत्र को सर्वसहमति से मंजूर किया गया है, जो कि भारत की कूटनीतिक ताकत का उदाहरण है। इस घोषणापत्र में अंतरराष्ट्रीय कानूनों को बनाए रखने, क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून, शांति और स्थिरता की रक्षा करने वाली बहुपक्षीय प्रणाली को बनाए रखने का आह्वान किया गया है।
विज्ञापन
3. भारत, सऊदी अरब, अमेरिका और यूरोप को जोड़ने वाले रेल लिंक प्रोजेक्ट पर सहमति बनी है। इस प्रोजेक्ट को चीन के बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव का जवाब माना जा रहा है, जो दुनिया के विकासशील देशों को आधारभूत ढांचे के विकास के नाम पर चीन के कर्ज के जाल से बचाएगा।
4. प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस बनाने का एलान किया है। इस गठबंधन में भारत, ब्राजील, अमेरिका जैसे देश शामिल हैं। इस गठबंधन के जरिए अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाएगा और कार्बन उत्सर्जन को नेट जीरो करने में काफी मदद मिलेगी।
5. हाल के सालों में दुनिया के देशों में एक दूसरे के प्रति विश्वास में कमी आई है। दिल्ली में हो रहे जी20 सम्मेलन में इस विश्वास को फिर से मजबूत करने की कोशिश की गई। खासकर यूक्रेन युद्ध के बाद जो तनाव है, उसे कम करने की कोशिश की गई।