भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को लगा झटका, लंदन कोर्ट ने प्रत्यर्पित करने का दिया आदेश
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पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से 9,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोपी भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को भारत लाने का रास्ता आसान हो गया है। लंदन के वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने सोमवार को माल्या को भारत प्रत्यर्पित करने का आदेश दिया। भारत सरकार काफी समय से माल्या को वापस देश लाने का प्रयास कर रही है।
2016 में देश छोड़ चुका माल्या (62) अप्रैल, 2017 में प्रत्यर्पण वारंट पर हुई गिरफ्तार के बाद से जमानत पर है। चीफ मजिस्ट्रेट जज एम्मा अर्बथनॉट ने कहा, ‘माल्या पर भारतीय जांच एजेंसियों सीबीआई और ईडी की ओर से लगाए गए आरोप फर्जी नहीं हैं। इसलिए माल्या को भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है।’
कोर्ट ने प्रत्यर्पण के इस मामले को विदेश मंत्रालय के पास भेज दिया। अब मंत्रालय इस पर अपना आदेश पारित करेगा। ब्रिटिश कोर्ट में माल्या के प्रत्यर्पण के मामले से जुड़ी सुनवाई पिछले साल 4 दिसंबर को शुरू हुई थी। इसमें कई दौर की सुनवाई हुई और सीबीआई व ईडी ने कई सुबूत पेश किए।
कोर्ट का यह फैसला माल्या के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि, माल्या के पास फैसले के खिलाफ ब्रिटेन की ऊपरी अदालत में अपील करने का विकल्प मौजूद है। वह दो सप्ताह के भीतर फैसले को चुनौती दे सकता है।
फैसले से पहले माल्या बोला, मैंने पैसे नहीं चुराए
फैसले से पहले कोर्ट के बाहर माल्या ने कहा कि उसने किसी के पैसे नहीं चुराए हैं। मैं झूठ नहीं बोल रहा हूं। मेरी तरफ से भारतीय बैंकों को पैसे वापस करने का प्रस्ताव झूठा नहीं है। कर्नाटक हाईकोर्ट के सामने मेरी तरफ से पैसे वापस करने के प्रस्ताव का प्रत्यर्पण केस से कोई संबंध नहीं है।
माल्या ने कहा था कि ईडी ने जिन संपत्तियों को कुर्क किया है, वे फर्जी नहीं हो सकतीं। मेरे पास कर्ज चुकाने के लिए काफी संपत्ति है। वे उसी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। मैं इस बात को खारिज करता हूं कि मैंने पैसे चुराए हैं।
जेटली, सुब्रमण्यम ने जताई खुशी
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने माल्या के प्रत्यर्पण की मंजूरी पर खुशी जताई है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘आज भारत के लिए बड़ा दिन है। भारत से धोखाधड़ी करने वाला कोई भी सजा से नहीं बचेगा। एक अपराधी को यूपीए सरकार के दौरान फायदा पहुंचाया गया था। अब एनडीए सरकार उसको वापस ला रही है।
Great Day for India. No one who cheats India will go scot free.
— Arun Jaitley (@arunjaitley) December 10, 2018
The Judgement of UK’s Court is welcome. An offender benefited during the UPA. The NDA brings him to book.
वहीं, भाजपा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि माल्या के प्रत्यर्पण को लंदन कोर्ट की मंजूरी मिलना भारत सरकार की बड़ी जीत है।
सीबीआई ने कहा जल्द निष्कर्ष तक पहुंचेगा मामला
सीबीआई ने माल्या प्रत्यर्पण को लेकर कहा कि हम माल्या को जल्द भारत लाने और मामले को निष्कर्ष तक पहुंचाने की उम्मीद कर रहे हैं। हमने केस पर काफी मेहनत की है। हम तथ्य व कानून दोनों पक्षों में मजबूत हैं। इसीलिए प्रत्यर्पण प्रक्रिया का पालन करते समय हम विश्वस्त थे।