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VHP: कनाडा से अमेरिका तक, हिंदू मंदिरों पर क्यों हो रहे हमले? विहिप की शीर्ष बैठक में होगा विचार
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विहिप
- फोटो : फाइल फोटो
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पिछले कुछ दिनों में विदेशों में हिंदू मंदिरों पर हमले होने की घटनाएं बढ़ी हैं। पड़ोसी देश बांग्लादेश से लेकर कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की 18-20 जुलाई को महाराष्ट्र के जलगांव में होने वाली तीन दिवसीय उच्च स्तरीय बैठक में इन घटनाओं पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। विहिप ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर व्यापक विचार-विमर्श करेगी।
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विहिप की केंद्रीय प्रबंध समिति की इस उच्च स्तरीय बैठक में देश-विदेश के लगभग 400 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इनमें इन देशों से आए प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। उनकी उपस्थिति में हिंदू मंदिरों पर होने वाली इन घटनाओं के कारण और उसके समाधान पर विचार किया जाएगा। विहिप हिंदू समाज के जागरण और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से इन समस्याओं के निराकरण के स्थाई उपाय खोजने पर विचार कर सकता है। केंद्रीय प्रबंध समिति की बैठक के बाद प्रांत और जिले स्तर की बैठकें पूरे देश में आयोजित की जाएंगी जिससे केंद्रीय प्रबंध समिति के संदेशों को निचले स्तर तक पहुंचाया जा सके।
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देश के अंदर एससी-एसटी समुदाय निशाने पर
विहिप का मानना है कि देश के अंदर अनूसूचित जाति-जनजाति के लोगों को एक साजिश के अंतर्गत निशाना बनाया जा रहा है। बाजारू शक्तियों का दुरुपयोग कर उनका धर्मांतरण कर डेमोग्राफी परिवर्तित करने की कोशिश की जा रही है। विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों में उनकी गरीबी का लाभ उठाकर उन्हें धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। विहिप इन घटनाओं को रोकने के उपायों पर भी विचार करेगी।
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कई अहम मुद्दों पर भी होगा विचार
इधर देश के अंदर भी हाल ही में ऐसे कई मुद्दे उठे हैं जिन्होंने देश-समाज और राजनीति को प्रभावित किया है। महाराष्ट्र में हिंदी भाषा पर विवाद, वक्फ बोर्ड संशोधन कानून, कांवड़ यात्राओं पर विपक्ष के कुछ नेताओं के बयानों से उपजी राजनीति ने विहिप को असहज किया है। इसी तरह हिंदुओं की धार्मिक शोभा यात्राओं पर लगातार हमले होने की घटनाएं बढ़ी हैं। विहिप की बैठक में इन मुद्दों पर भी विचार किया जा सकता है।
विहिप की स्थापना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिवराव गोलवलकर (गुरु गोलवलकर) ने अगस्त 1964 में की थी। इस वर्ष संघ अपना जन्मशताब्दी वर्ष मना रहा है। विहिप की बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष को लेकर भी विचार किया जा सकता है।
संगठनात्मक बैठक में कार्यों की समीक्षा: विनोद बंसल
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने अमर उजाला से कहा कि जलगांव में होने वाली बैठक एक रूटीन बैठक है जिसमें पिछली बैठक में तय किए गए कार्यों की समीक्षा की जाती है, और अगले छह महीने के लिए कार्य योजना बनाई जाती है। बैठक में हिंदू समाज को लेकर चल रही समसामयिक गतिविधियों, समस्याओं पर विचार किया जाता है।
विनोद बंसल ने कहा कि वर्तमान समय में हिंदू समाज पर एक सोची-समझी रणनीति के साथ हमले किए जा रहे हैं। विहिप इन घटनाओं को लेकर चिंतित है। उनका प्रयास हिंदू समाज का जनजागरण होता है जिससे समाज के सहयोग से ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।