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दुखद: स्वतंत्रता सेनानी एचएस दोरैस्वामी का निधन, 103 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस
Wed, 26 May 2021 04:34 PM IST
गौरव पाण्डेय
पीटीआई, बंगलूरू
पीटीआई, बंगलूरू
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 26 May 2021 04:34 PM IST
सार
दस अप्रैल सन 1918 को जन्मे होरोहल्ली श्रीनिवासैया दोरैस्वामी ने भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा लिया था और वह 1943 और 1944 के बीच 14 महीने तक जेल में रहे थे।
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एचएस दोरैस्वामी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
स्वतंत्रता सेनानी एचएस दोरैस्वामी का बुधवार को बंगलूरू के एक अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनकी उम्र 103 साल थी। वह 13 मई को कोरोना वायरस संक्रमण से उबरे थे। उनके करीबी सूत्रों ने बताया कि उनमें कोविड-19 के हल्के लक्षण सामने आए थे।
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पांच दिन बाद ही वह अस्पताल से घर लौट आए थे। दोरैस्वामी की दो संतान हैं। उनके करीबी वुडी पी कृष्णा ने बताया, ‘अभी अभी मुझे जयदेव अस्पताल से सूचना मिली कि दोरैस्वामी नहीं रहे। दिल का दौरा पड़ने से वह चल बसे।’
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इन गांधीवादी नेता ने आजादी के बाद तत्कालीन मैसूरू महराज पर अपनी रियासत का विलय करने के वास्ते दबाव डालने के लिए ‘मैसूरू चलो’ आंदोलन में भी हिस्सा लिया था। बंगलूरू के सेंट्रल कॉलेज के छात्र रहे दोरैस्वामी अध्यापन के पेशे में थे और वह ‘पौरावनी’ नामक एक समाचार पत्र भी निकालते थे।
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उम्र उनके जज्बे को नहीं डिगा सकी और वह अंत तक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता रहे। उन्होंने कोविड-19 महामारी फैलने से पहले तक कई आंदोलनों में हिस्सा लिया था।