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अरुणाचल में सुरक्षाबलों को मिली कामयाबी: उल्फा के चार उग्रवादियों ने डाले हथियार, पिस्तौल और कारतूस भी बरामद
Fri, 07 Aug 2026 10:24 PM IST
राकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, ईटानगर।
अमर उजाला ब्यूरो, ईटानगर।
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 07 Aug 2026 10:24 PM IST
सार
अरुणाचल प्रदेश के लॉन्गडिंग में उल्फा (आई) के चार उग्रवादियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई पूर्वोत्तर में शांति बहाली और उग्रवाद के खात्मे की दिशा में एक बेहद अहम कदम है।
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उग्रवादी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : ANI
विस्तार
अरुणाचल प्रदेश के लॉन्गडिंग जिले में सुरक्षा बलों को उग्रवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित संगठन उल्फा (स्वतंत्र) के चार सक्रिय उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। यह कार्रवाई पूर्वोत्तर में उग्रवादी नेटवर्क पर लगातार बनाए जा रहे दबाव का परिणाम मानी जा रही है।
कहां और किसके सामने किया आत्मसमर्पण?
अधिकारियों के मुताबिक, यह आत्मसमर्पण लॉन्गडिंग जिले के वक्का इलाके में हुआ। चारों उग्रवादियों ने 44 असम राइफल्स और लॉन्गडिंग पुलिस के संयुक्त दल के समक्ष अपने हथियार डाल दिए। आत्मसमर्पण करने वाले सभी चार सदस्य मूल रूप से असम के निवासी बताए गए हैं।
आत्मसमर्पण करने वालों की पहचान और बरामदगी
यह भी पढ़ें: सीजेपी में भाई-भतीजावाद हावी?: कोर कमेटी के गठन पर फूटा गुस्सा, अभिजीत दीपके के घर के बाहर अनशन पर बैठे युवा
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क्या पूर्वोत्तर में खत्म हो रहा है उग्रवादी संगठनों का प्रभाव?
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि हाल के महीनों में पूर्वोत्तर में उग्रवादी संगठनों के खिलाफ अभियान काफी तेज किए गए हैं। लगातार जारी सर्च ऑपरेशन और सख्त घेराबंदी के चलते उग्रवादियों के पास आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बच रहा है। सुरक्षा बल अब इन चारों से संगठन के नेटवर्क और अन्य गतिविधियों को लेकर आगे की पूछताछ कर रहे हैं।
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कहां और किसके सामने किया आत्मसमर्पण?
अधिकारियों के मुताबिक, यह आत्मसमर्पण लॉन्गडिंग जिले के वक्का इलाके में हुआ। चारों उग्रवादियों ने 44 असम राइफल्स और लॉन्गडिंग पुलिस के संयुक्त दल के समक्ष अपने हथियार डाल दिए। आत्मसमर्पण करने वाले सभी चार सदस्य मूल रूप से असम के निवासी बताए गए हैं।
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आत्मसमर्पण करने वालों की पहचान और बरामदगी
- अजय असम: एसएस एलसी अजय असम (उम्र 33 वर्ष)।
- बिप्लब असम: एसएस एलसी बिप्लब असम (उम्र 31 वर्ष)।
- मोनेई असम: एसएस एलसी मोनेई असम (उम्र 28 वर्ष)।
- बोलिन असम: एसएस प्राइवेट बोलिन असम (उम्र 22 वर्ष)।
- बरामद हथियार: उग्रवादियों के कब्जे से 4 पिस्तौल और 17 जीवित कारतूस बरामद किए गए हैं।
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क्या पूर्वोत्तर में खत्म हो रहा है उग्रवादी संगठनों का प्रभाव?
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि हाल के महीनों में पूर्वोत्तर में उग्रवादी संगठनों के खिलाफ अभियान काफी तेज किए गए हैं। लगातार जारी सर्च ऑपरेशन और सख्त घेराबंदी के चलते उग्रवादियों के पास आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बच रहा है। सुरक्षा बल अब इन चारों से संगठन के नेटवर्क और अन्य गतिविधियों को लेकर आगे की पूछताछ कर रहे हैं।