भारत के NSG में शामिल होने के सपने को नई उम्मीद दे सकती है वियना बैठक
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परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) में शामिल होने के भारत के सपने को एक नई उम्मीद मिल सकती है। भारत की एनएसजी में एंट्री को लेकर आगामी 11-12 नवंबर को वियना में एक अहम बैठक होनी है। इस बैठक के लिए परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह द्वारा राफेल ग्रॉसी को विशेष दूत के तौर पर नियुक्त किया गया है।
माना जा रहा है कि वियना में होने वाली एनएसजी सलाहकारों की बैठक में ग्रॉसी गैर एनपीटी सदस्यों को एनएसजी में शामिल करने के लिए दो चरण की प्रक्रिया का प्रस्ताव रख सकते हैं। इससे पहले जून में भारत ने NSG में शामिल होने की कोशिश की थी लेकिन, चीन ने यह कहते हुए अड़ंगा लगा दिया था कि एनएसजी एक देश को अपना सदस्य बनाने के लिए नियमों में बदलाव नहीं कर सकता।
भारत की एनएसजी सदस्यता को जापान, अमेरिका और रूस का समर्थन
अमनदीप गिल और वांग कून के नेतृत्व में भारतीय और चीनी प्रतिनिधिमंडलों के बीच दो दौर की बातचीत भी दोनों देशों के बीच की खांई पाटने में कामयाब नहीं हो पाई। टॉइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "हम सभी गैर एनपीटी देशों के लिए समाधान की तलाश करेंगे और फिर गैर एनपीटी देश के विशिष्ट आवेदन पर चर्चा करेंगे।"
उन्होंने कहा, "हम इस मामले में भारत के साथ संचार और संपर्क रखने के लिए तैयर हैं।" गौरतलब है कि भारत की एनएसजी सदस्यता को लेकर जापान, अमेरिका और रूस ने खुलकर समर्थन किया है।