सलाह : यूपी के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह बोले- अगर पुलिस सुधार नहीं हुआ तो देश में लोकतंत्र नहीं बचेगा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 30 May 2021 04:54 PM IST

सार

हाल ही महाराष्ट्र में पुलीस के द्वारा अवैध वसूली, बंगाल में पुलिस का राजनीतिकरण और केरल में पुलिस की यूनियन बाजी की घटनाओं ने एक बार फिर पुलिस सुधारों की जरूरत को महसूस किया। 
यूपी के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह
यूपी के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

पुलिस सुधारों की मांग देश में लंबे समय से होती रही है। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पीआईएल पर एक आदेश भी जारी किया था। बावजूद इसके 15 साल से भी ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद भी अधिकतर राज्यों ने आंशिक ही इन सुधारों को लागू किया है। 
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हाल ही महाराष्ट्र में पुलीस के द्वारा अवैध वसूली, बंगाल में पुलिस का राजनीतिकरण ,केरल में पुलिस की यूनियन बाजी की घटनाओं ने एक बार फिर पुलिस सुधारों की जरूरत को महसूस किया। इस सेमिनार में पुलिस सुधारों का झंडा उठाते रहे श्री प्रकाश सिंह स्वयं मौजूद थे। इसके अलावा पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री सत्यपाल सिंह, उत्तर प्रदेश पुलिस के एडीजी श्री राजीव कृष्ण और पूर्व डीएसपी केके गौतम भी मौजूद थे ।


सभी ने एक सुर में पुलिस सुधारों को तुरंत लागू किए जाने की मांग की। इस अवसर पर प्रकाश सिंह ने लोगो को चेताते हुए कहा था कि यदि पुलिस सुधारों को पूरी तरह से अमल में नहीं लाया गया तो भविष्य में देश में लोकतंत्र खतरे में पड़ सकता है। क्योंकि तमाम सरकारें अपने अपने हिसाब से पुलिस का इस्तेमाल करती हैं और यह किसी भी लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है। श्री सिंह के मुताबिक देश की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक तरक्की के लिए जरूरी है कि पुलिस सुधार हों, उन्होंने जोर देकर कहा कि आधुनिक भारत के लिए जरूरी है कि पुलिस भी आधुनिक हो।

वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री सतपाल सिंह ने कहा कि पुलिस सुधार लोकतंत्र का मूल है। उन्होंने महत्वपूर्ण बात कही कि देश में पुलिस सुधार में सबसे बड़ा रोड़ा आइएएस लॉबी है जो नहीं चाहती कि पुलिस आधुनिक हो। सत्यपाल सिंह ने पुलिस की छवि और सम्मान को लौटाए जाने की वकालत की और कहा कि जब तक राजनेता और प्रशासनिक तंत्र पुलिस को सम्मान की दृष्टि से नहीं देखेगा तब तक सुधार संभव नहीं है।

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