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मुंबई: आईआरसीटीसी के सप्लायर और इस्कॉन के तीन प्रतिष्ठानों पर एफडीए की कार्रवाई, खाद्य लाइसेंस निलंबित
Tue, 08 Sep 2026 08:35 PM IST
देवेश त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Tue, 08 Sep 2026 08:35 PM IST
सार
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों के कथित उल्लंघन पर मुंबई और नवी मुंबई में कई प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की है। एफडीए ने कुर्ला पश्चिम स्थित आईआरसीटीसी से जुड़े आरके एसोसिएट्स एंड होटलियर्स और जुहू स्थित इस्कॉन के तीन खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए।
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एफडीए ने कई खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने नियमों के कथित उल्लंघन पर कुर्ला स्थित आईआरसीटीसी से जुड़े एक सप्लायर और जुहू स्थित इस्कॉन के तीन खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, 2 सितंबर को निरीक्षण के बाद कुर्ला पश्चिम स्थित आरके एसोसिएट्स एंड होटलियर्स का खाद्य लाइसेंस निलंबित किया गया। निरीक्षण के दौरान भंडारण और प्रसंस्करण क्षेत्रों में कॉकरोच, खुले में रखा भोजन, खुले कचरे के पास भोजन तैयार करना, फर्श की क्षतिग्रस्त टाइलें और दीवारों पर दरारों के साथ खराब सतह जैसी कमियां मिलीं।
निरीक्षण में सामने आईं क्या कमियां?
निरीक्षण में व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़ी कमियां भी सामने आईं। एक घायल उंगली वाला कर्मचारी कथित तौर पर भोजन की व्यवस्था संभाल रहा था। 34 खाद्य कर्मचारियों में से केवल 21 ही चिकित्सकीय रूप से फिट होने का प्रमाण पत्र दिखा सके।
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एफडीए ने इस साल मई में आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे के आयुक्त का पद संभालने के बाद स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा से जुड़े कानूनों व नियमों का उल्लंघन करने वाले खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ पूरे राज्य में कार्रवाई शुरू की है।
इस्कॉन के तीन प्रतिष्ठानों पर क्यों हुई कार्रवाई?
विज्ञप्ति के अनुसार, 3 सितंबर को इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) के हरे कृष्ण लैंड, जुहू स्थित तीन खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इनमें से एक प्रतिष्ठान में भोजन तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले पानी की समय-समय पर जांच के पर्याप्त रिकॉर्ड नहीं मिले। कच्चे माल की जांच भी उचित तरीके से नहीं की जा रही थी। कच्चे और तैयार भोजन के भंडारण में तापमान और नमी की स्थिति भी उचित नहीं थी।
निरीक्षण में भोजन और गैर-खाद्य सामग्री को इस तरह रखा जाना पाया गया, जिससे एक-दूसरे के संपर्क में आने से दूषित होने का खतरा था। कीटों का प्रकोप, पर्याप्त सफाई का अभाव और माप व निगरानी उपकरणों के कैलिब्रेशन में कमी भी मिली। एफडीए ने निरीक्षण रिपोर्ट और तस्वीरों की जांच के बाद 7 सितंबर को लाइसेंस निलंबित करने का आदेश जारी किया।
इस्कॉन के प्रतिष्ठानों में सामने आई क्या कमियां?
इस्कॉन के फूड सर्विसेज रेस्तरां में पीछे की रसोई का प्रवेश द्वार खुला था और कीटों को अंदर आने से रोकने के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। जरूरी प्रयोगशाला जांच नहीं कराई गई थी। रोशनी, कच्चे माल की जांच और सफाई में भी कमियां मिलीं।
वहां नालियां भोजन के कचरे से जाम मिलीं और कीटों की बीट भी पाई गई। खाद्य कर्मचारियों की चिकित्सकीय जांच, टीकाकरण और प्रशिक्षण से जुड़े रिकॉर्ड में भी कमियां मिलीं।
तीसरे प्रतिष्ठान, इस्कॉन गोविंदाज रेस्तरां में खाद्य जांच, पीने के पानी की जांच, कच्चे माल की जांच और अलग-अलग रखने, सफाई, जल निकासी, कीट नियंत्रण, उपकरणों के कैलिब्रेशन तथा खाद्य कर्मचारियों की स्वच्छता और प्रशिक्षण से जुड़ी कमियां मिलीं। इसका लाइसेंस 7 सितंबर से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
अन्य प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई
नवी मुंबई में दूध कारोबारी का लाइसेंस निलंबित
पड़ोसी नवी मुंबई में एफडीए ने खरघर स्थित मातेश्वरी मिल्क का खाद्य कारोबार लाइसेंस भी विभिन्न नियमों के कथित उल्लंघन के चलते निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई 1 सितंबर को किए गए निरीक्षण के बाद की गई। एफडीए के अनुसार, कंपनी ने पाश्चुरीकृत मानकीकृत और टोंड दूध बेचने का दावा किया, जबकि परिसर में पाश्चुरीकरण के उपकरण ही नहीं थे।
विज्ञप्ति में दावा किया गया कि खुले में बेचे जा रहे टोंड दूध को गलत तरीके से गाय का दूध बताया जा रहा था, जबकि खुले में बेचे जा रहे मानकीकृत दूध को भैंस का दूध बताकर बेचा जा रहा था। एफडीए ने कहा कि प्रतिष्ठान बुनियादी गुणवत्ता नियंत्रण और स्वच्छता मानकों को भी पूरा करने में विफल रहा।
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एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, 2 सितंबर को निरीक्षण के बाद कुर्ला पश्चिम स्थित आरके एसोसिएट्स एंड होटलियर्स का खाद्य लाइसेंस निलंबित किया गया। निरीक्षण के दौरान भंडारण और प्रसंस्करण क्षेत्रों में कॉकरोच, खुले में रखा भोजन, खुले कचरे के पास भोजन तैयार करना, फर्श की क्षतिग्रस्त टाइलें और दीवारों पर दरारों के साथ खराब सतह जैसी कमियां मिलीं।
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निरीक्षण में सामने आईं क्या कमियां?
निरीक्षण में व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़ी कमियां भी सामने आईं। एक घायल उंगली वाला कर्मचारी कथित तौर पर भोजन की व्यवस्था संभाल रहा था। 34 खाद्य कर्मचारियों में से केवल 21 ही चिकित्सकीय रूप से फिट होने का प्रमाण पत्र दिखा सके।
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एफडीए ने इस साल मई में आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे के आयुक्त का पद संभालने के बाद स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा से जुड़े कानूनों व नियमों का उल्लंघन करने वाले खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ पूरे राज्य में कार्रवाई शुरू की है।
इस्कॉन के तीन प्रतिष्ठानों पर क्यों हुई कार्रवाई?
विज्ञप्ति के अनुसार, 3 सितंबर को इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) के हरे कृष्ण लैंड, जुहू स्थित तीन खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इनमें से एक प्रतिष्ठान में भोजन तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले पानी की समय-समय पर जांच के पर्याप्त रिकॉर्ड नहीं मिले। कच्चे माल की जांच भी उचित तरीके से नहीं की जा रही थी। कच्चे और तैयार भोजन के भंडारण में तापमान और नमी की स्थिति भी उचित नहीं थी।
निरीक्षण में भोजन और गैर-खाद्य सामग्री को इस तरह रखा जाना पाया गया, जिससे एक-दूसरे के संपर्क में आने से दूषित होने का खतरा था। कीटों का प्रकोप, पर्याप्त सफाई का अभाव और माप व निगरानी उपकरणों के कैलिब्रेशन में कमी भी मिली। एफडीए ने निरीक्षण रिपोर्ट और तस्वीरों की जांच के बाद 7 सितंबर को लाइसेंस निलंबित करने का आदेश जारी किया।
इस्कॉन के प्रतिष्ठानों में सामने आई क्या कमियां?
इस्कॉन के फूड सर्विसेज रेस्तरां में पीछे की रसोई का प्रवेश द्वार खुला था और कीटों को अंदर आने से रोकने के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। जरूरी प्रयोगशाला जांच नहीं कराई गई थी। रोशनी, कच्चे माल की जांच और सफाई में भी कमियां मिलीं।
वहां नालियां भोजन के कचरे से जाम मिलीं और कीटों की बीट भी पाई गई। खाद्य कर्मचारियों की चिकित्सकीय जांच, टीकाकरण और प्रशिक्षण से जुड़े रिकॉर्ड में भी कमियां मिलीं।
तीसरे प्रतिष्ठान, इस्कॉन गोविंदाज रेस्तरां में खाद्य जांच, पीने के पानी की जांच, कच्चे माल की जांच और अलग-अलग रखने, सफाई, जल निकासी, कीट नियंत्रण, उपकरणों के कैलिब्रेशन तथा खाद्य कर्मचारियों की स्वच्छता और प्रशिक्षण से जुड़ी कमियां मिलीं। इसका लाइसेंस 7 सितंबर से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
अन्य प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई
- एफडीए निरीक्षक ने उपनगरीय घाटकोपर स्थित बॉम्बे- द फूड फ्यूजन कैफे का खाद्य लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिश की है। निरीक्षण में खुले में रखा चावल, खुले कंटेनर में रखा कच्चा चिकन, ठीक से पैक नहीं की गई कटी सब्जियां, रेफ्रिजरेटर का अपर्याप्त तापमान, खराब जल निकासी और गंदे बर्तन मिले। पानी की जांच, कर्मचारियों की चिकित्सकीय जांच, टीकाकरण और प्रयोगशाला जांच से जुड़े रिकॉर्ड भी नहीं मिले।
- बोरीवली पूर्व स्थित श्री माधुरम का पंजीकरण प्रमाणपत्र निलंबित करने की भी सिफारिश की गई है। निरीक्षण में पाया गया कि हॉकर या मोबाइल खाद्य विक्रेता के रूप में पंजीकृत प्रतिष्ठान खाद्य सेवा रेस्तरां के तौर पर चल रहा था। यहां मक्खियां, सड़ी सब्जियां, जमा पानी, खराब जल निकासी और रेफ्रिजरेटर के तापमान का डिस्प्ले नहीं मिला। खाद्य सुरक्षा और कर्मचारियों से जुड़े रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं थे।
- एफडीए ने मुलुंड पश्चिम स्थित कोठारी स्वीट और मुलुंड फरसान मार्ट तथा गोरेगांव पूर्व स्थित महाराष्ट्र बिरयानी सेंटर के लाइसेंस भी निलंबित कर दिए हैं।
नवी मुंबई में दूध कारोबारी का लाइसेंस निलंबित
पड़ोसी नवी मुंबई में एफडीए ने खरघर स्थित मातेश्वरी मिल्क का खाद्य कारोबार लाइसेंस भी विभिन्न नियमों के कथित उल्लंघन के चलते निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई 1 सितंबर को किए गए निरीक्षण के बाद की गई। एफडीए के अनुसार, कंपनी ने पाश्चुरीकृत मानकीकृत और टोंड दूध बेचने का दावा किया, जबकि परिसर में पाश्चुरीकरण के उपकरण ही नहीं थे।
विज्ञप्ति में दावा किया गया कि खुले में बेचे जा रहे टोंड दूध को गलत तरीके से गाय का दूध बताया जा रहा था, जबकि खुले में बेचे जा रहे मानकीकृत दूध को भैंस का दूध बताकर बेचा जा रहा था। एफडीए ने कहा कि प्रतिष्ठान बुनियादी गुणवत्ता नियंत्रण और स्वच्छता मानकों को भी पूरा करने में विफल रहा।