फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Former Union Minister Ashwini Kumar says Rahul Gandhi should take over as Congress Presiden

पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार बोले- राहुल कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालें, अनिश्चितता दूर करें

Sun, 01 Mar 2020 08:26 PM IST
अनवर अंसारी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: अनवर अंसारी Updated Sun, 01 Mar 2020 08:26 PM IST
विज्ञापन
Former Union Minister Ashwini Kumar says Rahul Gandhi should take over as Congress Presiden
Congress leader Ashwini Kumar - फोटो : ANI

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता अश्विनी कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए हो रही चर्चा के बीच कहा है कि राहुल गांधी पर दायित्व है कि वह कांग्रेस अध्यक्ष पद संभालें और नेतृत्व के मुद्दे पर जारी अनिश्चितता को दूर करें क्योंकि पार्टी के पास इतना समय नहीं है। 

विज्ञापन


कांग्रेस नेता ने जोर दिया कि कांग्रेस में गांधी परिवार जब तक राजनीति में सक्रिय रहेगा उनकी केंद्रीय भूमिका बनी रहेगी और अगर राहुल गांधी नहीं माने तो चुनाव के जरिए नहीं बल्कि आम सहमित से नेता का चुनाव होना चाहिए। 
विज्ञापन


कुमार ने एक साक्षात्कार में कहा कि आज देश में राजनीति की जमीनी हकीकत को देखते हुए मुझे लगता है कि राहुल गांधी पार्टी नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालें, पार्टी के लोगों को हौसला दें और देश का विश्वास जीतें। 

विज्ञापन
विज्ञापन

राहुल के सोनिया की जगह लेने पर पार्टी एकमत 

कांग्रेस नेता ने कहा कि राहुल गांधी के अंतरिम कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की जगह लेने को लेकर तकरीबन एकमत है और जरुरी हो तो उन्हें ऐसा करने के लिए निर्देश देने चाहिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारे पास बहुत समय नहीं है। राजनीतिक वफादारी बदलते रहने वाले इस समय में लोग स्थिति ठीक होने के लिए अनिश्चितकाल तक हमारा इंतजार नहीं करेंगे।


कुमार ने कहा कि भविष्य के नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता दूर किए जाने की जरुरत है। पहले ही देरी हो चुकी है। जरूरी हो तो राहुल गांधी को नेतृत्व के लिए निर्देश दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने केवल अंतरिम अध्यक्ष के रूप में बने रहना स्वीकार किया था।

उन्होंने कहा कि आज देश में विपक्षी एकजुटता की सख्त जरुरत है और कांग्रेस ही इसमें प्रेरक की भूमिका निभा सकती है। कुमार ने कहा कि इसलिए कांग्रेस के भीतर नेतृत्व के सवाल को सुलझाने का परोक्ष और स्पष्ट आग्रह है।

राहुल पार्टी का नेतृत्व एक से ज्यादा बार करने के हकदार

पूर्व के चुनावों में मिली हार के मद्देनजर राहुल गांधी क्या पार्टी में फिर से जान फूंक पाएंगे , इस पर कुमार ने कहा कि निश्चित तौर पर वह एक बार से ज्यादा पार्टी का नेतृत्व करने के हकदार हैं।

कुमार ने कहा कि हम जानते हैं कि इस समय तकरीबन एक राय है कि राहुल गांधी , सोनिया गांधी का स्थान लें। ये सच है कि वह 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में अच्छा नहीं कर पाए और इसी वजह से उन्होंने इस्तीफा दिया।

कुमार ने कहा कि लेकिन, उनकी राजनीतिक प्राथमिकता आदर्शवाद में निहित हैं और मैं आश्वस्त हूं कि जब भी वह कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर वापसी करेंगे तो सांगठनिक खामियों को दूर करेंगे । 

उन्होंने अपने सहयोगियों के उन सुझावों को खारिज कर दिया जो नेतृत्व के मुद्दे के समाधान के लिए सांगठनिक चुनाव की मांग कर रहे हैं और कहा कि आम सहमति सबसे बेहतर जरिया है।

कुमार ने कहा कि कांग्रेस का शीर्ष सांगठनिक ढांचा हमेशा आम सहमति से तय होता है। उन्होंने कहा कि मुझे बहुत संदेह होता है कि क्या चुनाव के जरिए हम पार्टी का संगठन मजबूत कर सकते हैं। चुनाव पार्टी को फिर से तैयार करने की गारंटी नहीं है। 

राहुल के विकल्प के तौर पर एक भी नाम नहीं आया सामने

राहुल गांधी द्वारा खुद गांधी परिवार के बाहर के व्यक्ति को नेतृत्व पर लाने की हिमायत के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा कि एकमत राय है कि राहुल गांधी को कांग्रेस की बागडोर संभालनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि राहुल गांधी ने इस्तीफा दे दिया और दूसरे नेताओं की पहचान के लिए एक प्रक्रिया शुरू हुई, विकल्प के तौर पर एक भी नाम सामने नहीं आया। इन परिस्थितियों में यह जोर देने का औचित्य है कि राहुल गांधी कांग्रेस का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी संभाल लें। अगर वह नहीं मानते हैं तब आम सहमति से किसी नेता को चुनना चाहिए। 

पूर्व राज्यसभा सांसद ने कांग्रेस में वंशवादी राजनीति के भाजपा के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वंशवादी राजनीति के आरोप बिल्कुल गलत हैं। यह ध्यान रखना चाहिए कि चुनावी मुकाबले में जनता के बीच गांधी परिवार के नेतृत्व ने इम्तिहान दिया है।



कुमार ने कहा कि कांग्रेस के भविष्य के अध्यक्ष को लोगों और देश का भरोसा जीतना होगा। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार से पार्टी का भावनात्मक जुड़ाव है और जब तक वे सक्रिय रहेंगे उनकी केंद्रीय भूमिका बनी रहेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed