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कांग्रेस को झटका: पूर्व कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने पार्टी से दिया इस्तीफा, जानें क्या है कारण

Tue, 15 Feb 2022 12:08 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Tue, 15 Feb 2022 12:08 PM IST
सार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजा है। 

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Former Union Law Minister Ashwani Kumar resigns from Congress
पूर्व कानून मंत्री अश्विनी कुमार - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कांग्रेस को एक के बाद एक बड़े झटके लग रहे हैं। अब पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजा है। इसमें अश्चिवी कुमार ने लिखा है कि, वह पार्टी से बाहर रहकर राष्ट्रीय मुद्दों पर बेहतर तरीके से काम कर सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने पार्टी को धन्यवाद भी कहा है। 

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अश्विनी कुमार ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि, 'इस मामले पर विचार करने के बाद मैंने यह निष्कर्ष निकाला है कि वर्तमान परिस्थितियों और अपनी गरिमा के अनुरूप मैं पार्टी के दायरे से बाहर रहकर राष्ट्रीय मुद्दों को बेहतर ढंग से पूरा कर सकता हूं।' उन्होंने आगे कहा कि 46 साल पार्टी से जुड़े रहने के बाद वह इस उम्मीद से पार्टी छोड़ रहे हैं कि स्वतंत्रता संग्राम द्वारा परिकल्पित लोकतंत्र के वादे को पूरा करने में वह सक्रिय रूप से आगे बढ़ते रहेंगे।
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पंजाब में बड़ा झटका
अश्चिनी कुमार पंजाब से राज्यसभा सांसद थे। ऐसे में 2022 विधानसभा चुनाव से पहले उनका इस्तीफा देना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। यह इसलिए भी चौंकाने वाला है, क्योंकि अश्चिनी कुमार सोनिया गांधी के वफादार माने जाते थे। जी-23 नेताओं के समय में भी उन्होंने सोनिया गांधी का बचाव किया था। 

जमीनी हकीकत से दूर हो गई है कांग्रेस : अश्विनी कुमार
पूर्व कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा देने के बाद खुलकर कांग्रेस को आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी का जमीनी हकीकत से संपर्क टूट चुका है और यह अब राष्ट्रीय मन:स्थिति को प्रतिबिंबित नहीं करती। पंजाब से पूर्व राज्यसभा सांसद ने कहा कि उन्होंने बहुत धैर्य रखा लेकिन लगातार पतन के साथ पार्टी खुद को संभाल नहीं पाई।

कुमार ने हाल में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा इंडिया गेट पर लगाने और पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद को पद्मभूषण दिए जाने के फैसले पर हुए विववाद पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से विचारों में ऐसी संकीर्णता की अपेक्षा नहीं की जाती। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, कांग्रेस को पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं में खोट देखने के बजाय अपने भीतर झांकना चाहिए। 

पंजाब में चुनाव होने वाले हैं ऐसे में पार्टी को छोड़ने के सवाल पर कुमार ने कहा कि राजनीतिक विमर्श का मुद्दा जिस निचले स्तर पर पहुंच चुका है, वैसा कभी नहीं था। सीएम पद को लेकर खुले में हुए संघर्ष ने कांग्रेस की छवि को नुकसान पहुंचाया है। इसने यह दिखाया कि कुछ लोगों को छोड़कर कोई प्रासंगिक नहीं है। 


कैप्टन को अपमानित कर इस्तीफ के लिए मजबूर करना एक अशुभ संकेत था
कैप्टन अमरिंदर को पंजाब में अपदस्थ करने के सवाल पर कुमार ने कहा कि जिस तरह से कैप्टन अमरिंदर को अपमानित कर इस्तीफे के लिए मजबूर किया गया, वह एक अशुभ संकेत था। उनके साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए था। 

कांग्रेस रह गई तीन राज्यों की पार्टी
कुमार ने कहा कि कांग्रेस अब महज तीन राज्यों की पार्टी रह गई है। कांग्रेस लोगों की इच्छा-आकांक्षाओं को पूरी करने की स्थिति में नहीं है और वह राष्ट्रीय दल के तौर पर अपनी प्रासंगिकता खोती जा रही है। उन्होंने कहा, भविष्य में क्षेत्रीय पार्टियां न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत एक साथ आ सकती हैं मगर कोई एक दल भाजपा को चुनौती देने की स्थिति में नहीं है। 

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