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गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला राजनीति में लौटे, भाजपा विरोधी गठबंधन में होंगे शामिल

Wed, 19 Sep 2018 10:23 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Updated Wed, 19 Sep 2018 10:23 AM IST
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Former Gujarat CM Shankar Singh Vaghela will return to politics, wish to join anti-BJP alliance
shankar singh vaghela
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के पूर्व नेता शंकरसिंह वाघेला ने एक बार फिर राजनीति में सक्रिय होने का इशारा किया है। वाघेला ने मंगलवार को यह इच्छा जताई कि वे साल 2019 के आम चुनाव में "भाजपा विरोधी" मोर्चा बनाने के लिए क्षेत्रीय दलों के बीच समन्वयक की भूमिका निभाना चाहते हैं। 
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गांधीनगर स्थित निवास वसंत वगडा में मीडियाकर्मियों से रू-ब-रू हुए वाघेला ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा मोदी सरकार अपने वादे निभाने में नाकाम रही है। वाघेला ने कहा कि हालांकि किसी भी क्षेत्रीय दल ने समन्वय के लिए उनसे संपर्क नहीं किया है लेकिन उनके समर्थकों ने उनसे चुनावों के मद्देनजर "भाजपा के खिलाफ" ऐसे दलों को एकजुट करने का अनुरोध किया है।
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वाघेला ने कहा, "मेरे समर्थकों का मानना है कि मुझे क्षेत्रीय दलों को एकजुट करने में समन्वयक की भूमिका निभानी चाहिए जो सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ हो। यहां तक कि मुझे लगता है कि दलों के बीच बेहतर समन्वय की जरुरत है।" 
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वाघेला ने कहा, "मैं किसी भी राजनीतिक दल में शामिल होने वाला नहीं लेकिन भाजपा के खिलाफ जो पार्टियां लड़ेगी, मैं उनकी मदद करूंगा।" वाघेला ने कहा कि उन्हें सत्ता का लालच नहीं है। भाजपा सरकार ने किसानों के साथ अन्याय किया है। भाजपा के खिलाफ जो गठबंधन बनेगा मैं उस में शामिल रहूंगा। 

शंकर सिंह वाघेला का राजनीतिक सफर

Former Gujarat CM Shankar Singh Vaghela will return to politics, wish to join anti-BJP alliance
शंकर सिंह वाघेला - फोटो : PTI
शंकर सिंह वाघेला ने गुजरात में अपनी राजनीतिक सफर की शुरुआत जनसंघ से की थी। 35 साल पहले उन्होंने पहली बार चुनाव जीता था। भाजपा में विद्रोह कर वे गुजरात के मुख्यमंत्री बने। बाद में भाजपा छोड़कर उन्होंने अपनी पार्टी बनाई और कांग्रेस के सहयोग से सरकार बनाई।

इसके बाद वह कांग्रेस में शामिल हो गए। यूपीए एक के दौरान वे केंद्र में मंत्री भी रहे। पिछली विधानसभा में कांग्रेस में रहते हुए वह नेता विपक्ष के पद पर रहे थे। 

दो दशकों तक कांग्रेस के साथ सियासी सफर करने के बार अबकी अगस्त में गुजरात में राज्यसभा चुनाव से पहले पार्टी छोड़ दी। इनके साथ कई विधायकों ने पार्टी छोड़ दी।

वाघेला के बागी होने के कारण सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार और वरिष्ठ नेता अहमद पटेल बड़ी मुश्किल से गुजरात से राज्य सभा चुनाव जीत पाए। 

चुनाव से पहले वाघेला ने जन विकल्प मोर्चा का गठन किया। उनकी पार्टी के 100 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरे लेकिन वाघेला खुद चुनाव नहीं लड़े और न ही कोई चुनावी रैली की। (इनपुट:भाषा)
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