{"_id":"68c97b6ca30046b60b0aaca9","slug":"former-cec-sy-quraishi-remarks-on-nepal-developments-reckless-says-bjp-2025-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"BJP: 'देश को उपदेश देने का कोई अधिकार नहीं', नेपाल घटनाक्रम पर पूर्व CEC एसवाई कुरैशी के बयान पर बोली भाजपा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
BJP: 'देश को उपदेश देने का कोई अधिकार नहीं', नेपाल घटनाक्रम पर पूर्व CEC एसवाई कुरैशी के बयान पर बोली भाजपा
Tue, 16 Sep 2025 08:30 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 16 Sep 2025 08:30 PM IST
सार
पूर्व सीईसी की तरफ से इन आरोपों पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। अमित मालवीय ने कहा, 'जिन्होंने अपने कार्यकाल में सुधार के लिए कुछ नहीं किया, उन्हें आज देश को उपदेश देने का कोई अधिकार नहीं है।'
विज्ञापन
भाजपा नेता अमित मालवीय और पूर्व सीईसी एसवाई कुरैशी
- फोटो : ANI
विस्तार
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) एसवाई कुरैशी की नेपाल के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम पर की गई टिप्पणी को 'गैरजिम्मेदाराना' बताया। पार्टी ने कहा कि उनकी यह टिप्पणी चौंकाने वाली नहीं है क्योंकि कुरैशी के कार्यकाल में ही चुनाव आयोग ने उस संगठन के साथ समझौता किया था, जिसका संबंध अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस की ओपन सोसाइटी फाउंडेशन से है।
यह भी पढ़ें - 8th Pay Commission: 100 दिन में कैसे लागू होगा वेतन आयोग? न हुआ गठन, न कर्मियों संग बैठक; पहले लगते थे दो साल
'नेपाल की घटनाएं अराजकता नहीं बल्कि सशक्त लोकतंत्र का संकेत'
एसवाई कुरैशी ने रविवार को एक साक्षात्कार में कहा था कि नेपाल में हाल की घटनाएं अराजकता नहीं बल्कि सशक्त लोकतंत्र का संकेत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारों को सोशल मीडिया को नियंत्रित करने में बेहद सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि यह अब लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। साथ ही, उन्होंने सुझाव दिया कि भारत को SAARC देशों में संघर्ष कर रहे लोकतंत्रों की मदद बड़े भाई की तरह नहीं बल्कि बुजुर्ग भाई की तरह करनी चाहिए।
विज्ञापन
अमित मालवीय का पूर्व सीईसी पर सीधा हमला
भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने एसवाई कुरैशी पर सीधा हमला करते हुए कहा, 'पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त का यह बयान बिल्कुल चौंकाने वाला है। यह वही व्यक्ति हैं, जिनके कार्यकाल में चुनाव आयोग ने जॉर्ज सोरोस से जुड़े संगठन आईएफईएस के साथ एमओयू साइन किया था। सोरोस कांग्रेस और गांधी परिवार के करीबी माने जाते हैं।'
एसवाई कुरैशी के पुराने बयान को लेकर साधा निशाना
अमित मालवीय ने एसवाई कुरैशी के एक पुराने बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने बताया था कि 2017 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद एक बड़े नेता ने उनसे शिकायत की थी कि उन्होंने उनके नकली मतदाताओं को वोट डालने से रोक दिया। अमित मालवीय ने सवाल उठाया, 'अगर कुरैशी को उस समय यह जानकारी थी, तो उन्होंने उस नेता का नाम क्यों नहीं उजागर किया? क्या समाजवादी पार्टी 'वोट चोरी' में शामिल थी?' भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कुरैशी को स्थानांतरित, अनुपस्थित और मृत मतदाताओं की जानकारी थी, फिर भी उन्होंने कभी स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) कराने का आदेश नहीं दिया। उन्होंने कहा कि 2003 के बाद कोई विशेष संशोधन नहीं हुआ।
यह भी पढ़ें - Maharashtra: 'मुंबई में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को खत्म किया जा रहा है', महायुति सरकार पर आदित्य ठाकरे का हमला
'पुराने अधिकारी कांग्रेस प्रणाली के प्रति जवाबदेह थे'
अमित मालवीय ने यह भी कहा कि एसवाई कुरैशी के बाद आए चुनाव आयुक्त, जैसे अशोक लवासा और ओपी रावत, ने भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति सिर्फ प्रधानमंत्री की तरफ से होती थी, इसलिए पुराने अधिकारी कांग्रेस प्रणाली के प्रति जवाबदेह थे।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - 8th Pay Commission: 100 दिन में कैसे लागू होगा वेतन आयोग? न हुआ गठन, न कर्मियों संग बैठक; पहले लगते थे दो साल
विज्ञापन
'नेपाल की घटनाएं अराजकता नहीं बल्कि सशक्त लोकतंत्र का संकेत'
एसवाई कुरैशी ने रविवार को एक साक्षात्कार में कहा था कि नेपाल में हाल की घटनाएं अराजकता नहीं बल्कि सशक्त लोकतंत्र का संकेत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारों को सोशल मीडिया को नियंत्रित करने में बेहद सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि यह अब लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। साथ ही, उन्होंने सुझाव दिया कि भारत को SAARC देशों में संघर्ष कर रहे लोकतंत्रों की मदद बड़े भाई की तरह नहीं बल्कि बुजुर्ग भाई की तरह करनी चाहिए।
विज्ञापन
अमित मालवीय का पूर्व सीईसी पर सीधा हमला
भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने एसवाई कुरैशी पर सीधा हमला करते हुए कहा, 'पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त का यह बयान बिल्कुल चौंकाने वाला है। यह वही व्यक्ति हैं, जिनके कार्यकाल में चुनाव आयोग ने जॉर्ज सोरोस से जुड़े संगठन आईएफईएस के साथ एमओयू साइन किया था। सोरोस कांग्रेस और गांधी परिवार के करीबी माने जाते हैं।'
एसवाई कुरैशी के पुराने बयान को लेकर साधा निशाना
अमित मालवीय ने एसवाई कुरैशी के एक पुराने बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने बताया था कि 2017 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद एक बड़े नेता ने उनसे शिकायत की थी कि उन्होंने उनके नकली मतदाताओं को वोट डालने से रोक दिया। अमित मालवीय ने सवाल उठाया, 'अगर कुरैशी को उस समय यह जानकारी थी, तो उन्होंने उस नेता का नाम क्यों नहीं उजागर किया? क्या समाजवादी पार्टी 'वोट चोरी' में शामिल थी?' भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कुरैशी को स्थानांतरित, अनुपस्थित और मृत मतदाताओं की जानकारी थी, फिर भी उन्होंने कभी स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) कराने का आदेश नहीं दिया। उन्होंने कहा कि 2003 के बाद कोई विशेष संशोधन नहीं हुआ।
यह भी पढ़ें - Maharashtra: 'मुंबई में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को खत्म किया जा रहा है', महायुति सरकार पर आदित्य ठाकरे का हमला
'पुराने अधिकारी कांग्रेस प्रणाली के प्रति जवाबदेह थे'
अमित मालवीय ने यह भी कहा कि एसवाई कुरैशी के बाद आए चुनाव आयुक्त, जैसे अशोक लवासा और ओपी रावत, ने भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति सिर्फ प्रधानमंत्री की तरफ से होती थी, इसलिए पुराने अधिकारी कांग्रेस प्रणाली के प्रति जवाबदेह थे।