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शिक्षा अधिकारियों के अड़ियल रवैये से महिला टीचर का हुआ गर्भापात

Mon, 02 Apr 2018 01:17 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडी Updated Mon, 02 Apr 2018 01:17 PM IST
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Forced to walk for kilometres to reach school teacher suffered miscarriage
सांकेतिक तस्वीर

पंजाब के जगराओं में 32 साल की शिक्षा स्वयंसेवक का गर्भपात हो गया क्योंकि खराब रोड की वजह से उन्हें स्कूल तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर जबरन पैदल चलना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने खुद का स्थानांतरण इतनी दूर करने की वजह से स्थानीय शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। वैकल्पिक अभिनव शिक्षा की स्वयंसेवक वनीता ने शिक्षा मंत्री अरुणा चौधरी, शिक्षा सचिव कृष्णन कुमार और महिला और बाल कल्याण मंत्रालय के पास जिला शिक्षा विभाग की शिकायत दर्ज कराई है।

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इससे पहले वनीता मंडी के सरकारी प्राथमिक स्कूल में पढ़ाया करती थीं। फरवरी में स्थानीय शिक्षा विभाग ने उनका तबादला सरकारी प्राथमिक केंद्रीय बालिका विद्यालय में कर दिया था जो मंडी से 3 किलोमीटर दूर है। चूंकि वह दो महीने की प्रेग्नेंट थीं तो डॉक्टर ने उन्हें आराम की सलाह दी थी। जिसकी वजह से उन्होंने ब्लॉक के प्राथमिक शिक्षा अधिकारी, केंद्रीय मास्टर ट्रेनर और ब्लॉक मास्टर ट्रेनर से संपर्क किया था कि वह उनका ट्रांसफर रोक दें लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी सहित उप-जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) से भी संपर्क किया था लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी।
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वनीता ने कहा- मैंने सभी अधिकारियों से गुहार लगाई थी लेकिन किसी ने मेरी बात नहीं सुनी। जब किसी ने मेरी नहीं सुनी तो मैंने ड्यूटी ज्वाइन कर ली। पहले दिन तो स्कूल पहुंचने के लिए मुझे ऑटोरिक्शा मिल गया लेकिन ऊबड़-खाबड़ यात्रा की वजह से मुझे काफी दर्द हुआ। कई दिन मुझे ऑटोरिक्शा तक नहीं मिला जिसकी वजह से स्कूल पहुंचने के लिए मुझे तीन किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। शारीरिक और मानसिक पीड़ा की वजह से मुझे अपना बच्चा खोना पड़ा। जिन भी शिक्षा अधिकारियों से मैंने सपंर्क किया था वह सभी इस गर्भपात के लिए जिम्मेदार हैं।
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वनीता के पति हरभजन सिंह जो पेशे से किसान हैं उन्होंने कहा- सभी अधिकारियों ने हमें घंटों तक दफ्तर में इंतजार करवाया। मेरी पत्नी के प्रति उनका व्यवहार बहुत अमानवीय था। हम उन सभी के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं। इस मामले पर शिक्षामंत्री अरुणा चौधरी का कहना है कि यह मामला मेरे ध्यान में आया है और मैं निजी तौर पर इसे देख रही हूं।

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