संसद में पहली बार सदस्यों ने ऑनलाइन भेजे प्रश्न, हमारे 62% काम डिजिटल: ओम बिड़ला
कोरोना संकट के बीच संसद के मानसून सत्र के आयोजन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। 14 सितंबर से एक अक्तूबर के बीच आयोजित होने वाले सत्र में संक्रमण से बचाव के लिए इस बार परिसर में कई तरह के सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने बृहस्पतिवार को कहा, 'हम अंततः 100% डिजिटल हो जाएंगे। संसद के इतिहास में पहली बार, सभी सदस्यों ने ऑनलाइन माध्यम से अपने प्रश्न भेजे हैं। हमने अपने 62% कामों को डिजिटल बना दिया है।'
All members will undergo #COVID19 testing. Attendance of parliamentarians will be recorded through a mobile app. Session will commence from Sep 14. It's challenging for us amid pandemic but we've to prove ourselves to people to whom we are accountable: Lok Sabha Speaker Om Birla https://t.co/2ZvV1f9J8p
— ANI (@ANI) September 10, 2020विज्ञापन
लोकसभा स्पीकर ने कहा, 'सभी सदस्य कोविड-19 परीक्षण से गुजरेंगे। सांसदों की उपस्थिति एक मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज की जाएगी। सत्र 14 सितंबर से शुरू होगा। महामारी के बीच यह हमारे लिए चुनौतीपूर्ण है लेकिन हमें खुद को उन लोगों के लिए साबित करना है जिनके प्रति हमारी जवाबदेही है।'
बिड़ला ने कहा, 'उत्पादकता के लिहाज से 17वें लोकसभा सत्र के पहले चरण में सभी सदस्यों के सहयोग से एक रिकॉर्ड बनाया गया। सभी 37 सभाओं में प्रश्नकाल आयोजित किया गया, इसमें रचनात्मक चर्चा हुई। बिना चर्चा के कोई विधेयक पारित नहीं किया गया. उन्होंने कहा, 'दूसरे और तीसरे सत्र में उत्पादकता क्रमशः 115% और 90% थी। तीनों सत्रों में औसत उत्पादकता 110% थी। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है।'
मानसून सत्र में सभी पार्टियों के प्रतिनिधित्व पर ओम बिड़ला ने कहा, 'हमने सभी पक्षों के साथ चर्चा की है। सदन में पार्टी की क्षमता के आधार पर सीटें आवंटित की गई हैं। सदन में हर पार्टी का नेता तय करेगा कि कौन और कहां बैठेगा।