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रिपोर्ट: 2020 में लॉकडाउन के दौरान गिरा था प्रदूषण स्तर, बंगाल, बिहार और ओडिशा में 2021 में फिर तेजी से बढ़ा

Mon, 10 Jan 2022 10:12 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Mon, 10 Jan 2022 10:12 PM IST
सार

विश्लेषण में पाया गया कि भारत के पूर्वी क्षेत्र में मौजूद लगभग सभी शहरों में 2020 में पीएम 2.5 के औसत स्तर में गिरावट आई थी। इस दौरान पूरे देश में ही लॉकडाउन लगा था। लेकिन 2021 में एक बार फिर प्रदूषकों के बढ़ने का सिलसिला शुरू हुआ।

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Following dip during lockdowns, rising trend of air pollutants in West Bengal Bihar Odisha says CSE news and updates
2020 के मुकाबले 2021 में फिर तेजी से बढ़ा प्रदूषण - फोटो : amar ujala

विस्तार

कोरोनावायरस महामारी की पहली लहर के दौरान देशभर में लगे लॉकडाउन ने अधिकतर राज्यों में प्रदूषण के स्तर को काफी कम कर दिया था। खासकर बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों में पीएम 2.5 के स्तर में काफी गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि, विज्ञान और पर्यावरण केंद्र (सीएसई) की ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 2021 में इन राज्यों में एक बार फिर प्रदूषकों का स्तर बढ़ता देखा गया है। 
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सीएसई की ओर से 2022 की शुरुआत में प्रदूषण बढ़ने पर भी बयान दिया गया। इसमें कहा गया कि भारत के पूर्वी राज्य- बिहार, बंगाल और ओडिशा अब सर्दियों में बढ़ते वायु प्रदूषण का दंश झेल रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि नवंबर की शुरुआत में सर्दियों के दौरान पैदा हुआ जो स्मॉग उत्तर भारत को घेरता है, वह दिसंबर के अंत और जनवरी की शुरुआत तक पूर्व की ओर बढ़ने लगता है। बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा इस दौरान सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, क्योंकि ठंड की स्थिति में स्थानीय प्रदूषण भी इस क्षेत्र में कैद हो जाता है और प्रदूषकों का स्तर जबरदस्त रूप से बढ़ जाता है। 
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विश्लेषण में पाया गया कि भारत के पूर्वी क्षेत्र में मौजूद लगभग सभी शहरों में 2020 में पीएम 2.5 के औसत स्तर में गिरावट आई थी। इस दौरान पूरे देश में ही लॉकडाउन लगा था। लेकिन 2021 में एक बार फिर प्रदूषकों के बढ़ने का सिलसिला शुरू हुआ। हालांकि, कुछ मामलों में यह 2019 के स्तर से अब भी कम है।
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पश्चिम बंगाल का औद्योगिक केंद्र दुर्गापुर इस दौरान सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर पाया गया था। वहां 2021 में औसत 80 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था। इसके बाद मुजफ्फरपुर और पटना है जहां 2021 में पीएम2.5 का औसत क्रमशः 78 और 73 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।”
 
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