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Assam Flood: असम में बाढ़ की स्थिति में हो रहा सुधार, चार और लोगों की हुई मौत, करीब तीन लाख लोग प्रभावित
Mon, 30 May 2022 09:59 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 30 May 2022 09:59 PM IST
सार
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की दैनिक रिपोर्ट के अनुसार, नागांव और कछार में दो-दो मौतें हुईं। राज्य में बाढ़ और भूस्खलन के कारण मरने वालों की संख्या 36 हो गई है।
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असम में बाढ़
- फोटो : ANI
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विस्तार
असम में बाढ़ की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। सोमवार को जारी आधिकारिक बुलेटिन के मुताबिक, सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। इसके मुताबिक, सोमवार को बाढ़ के कारण छह जिलों में तीन बच्चों सहित चार लोगों की जान चली गई। वहीं, 2.90 लाख से अधिक लोग अभी भी बाढ़ से पीड़ित हैं।
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असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की दैनिक रिपोर्ट के अनुसार, नागांव और कछार में दो-दो मौतें हुईं। राज्य में बाढ़ और भूस्खलन के कारण मरने वालों की संख्या 36 हो गई है। कछार, दीमा हसाओ, गोलपारा, कामरूप (मेट्रो), मोरीगांव और नगांव में कुल मिलाकर 2,90,749 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। हालांकि इन जिलों की सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं।
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असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की दैनिक रिपोर्ट के अनुसार, नागांव बाढ़ के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां 3.07 लाख से अधिक लोग संकट में हैं, इसके बाद कछार में 99,060 लोग और मोरीगांव में 40,843 लोग बाढ़ के कारण प्रभावित हैं। रविवार तक राज्य के छह जिलों में 4.01 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित थे।
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इस बुलेटिन में कहा गया है कि बाढ़ से प्रभावित 25,372 लोगों ने 88 राहत शिविरों में शरण ली है। इन राहत शिविरों में कछार के सबसे अधिक 21,721 लोगों ने और नागांव में 3,546 लोगों ने आश्रय लिया है।
राज्य के बाढ़ प्रभावित जिलों में फिलहाल 401 गांव पानी में डूबे हुए हैं। बाढ़ के कारण 16,562 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को बाढ़ के कारण नुकसान पहुंचा है। कछार, दीमा हसाओ और उदलगुरी में बाढ़ के पानी से तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।