Manipur: सुप्रीम कोर्ट के जजों की टीम मणिपुर में विस्थापित लोगों से मिली, कानूनी सेवा शिविर का हुआ उद्घाटन
Manipur: न्यायमूर्ति बीआर गवई के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार को मणिपुर के इंफाल पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य ने कहा, "हम अभी-अभी आए हैं और इस यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हम यहां आकर बहुत खुश हैं।"
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न्यायमूर्ति बीआर गवई की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की एक टीम ने शनिवार को जातीय संघर्ष प्रभावित मणिपुर के चुराचांदपुर जिले का दौरा किया और आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों से मुलाकात की। उन्होंने जिले के लामका स्थित मिनी सचिवालय से एक विधिक सेवा शिविर, एक चिकित्सा शिविर और एक विधिक सहायता क्लिनिक का भी वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया।
जजों की टीम ने सद्भावना मंडप राहत केंद्र का दौरा किया और आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों से बातचीत की। न्यायमूर्ति गवई के अलावा, टीम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश विक्रम नाथ, एमएम सुंदरेश और केवी विश्वनाथन शामिल थे।
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टीम के साथ मणिपुर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी कृष्णकुमार और न्यायमूर्ति गोलमेई गैफुलशिलू भी उपस्थित थे। इससे पहले दिन में, शीर्ष अदालत के प्रतिनिधिमंडल का इम्फाल हवाई अड्डे पर राज्य के वकील समुदाय की ओर से गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
शांति व सद्भाव बहाल करने के लिए लोगों से मिलकर काम करने की अपील
न्यायमूर्ति बीआर गवई शनिवार को मणिपुर का दौरा करने वाले सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। उन्होंने जातीय संघर्ष से ग्रस्त राज्य के लोगों से शांति और सद्भाव बहाल करने के लिए मिलकर काम करने की अपील की।
अधिकारियों ने बताया कि गवई ने उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश विक्रम नाथ, एम.एम. सुंदरेश और के.वी. विश्वनाथन के साथ चुराचांदपुर जिले में एक राहत शिविर का दौरा किया और आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि उन्होंने जिले के लामका स्थित मिनी सचिवालय से एक कानूनी सेवा शिविर, एक चिकित्सा शिविर और एक कानूनी सहायता क्लिनिक का भी वर्चुअल उद्घाटन किया।
मणिपुर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी कृष्णकुमार और न्यायमूर्ति गोलमेई गैफुलशिलू भी उपस्थित थे। सभा को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति गवई ने कहा, "भारत का संविधान देश के सभी नागरिकों को समान अधिकारों की गारंटी देता है।
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मणिपुर में हिंदू मैतेई और आदिवासी कुकी (जो ईसाई हैं ) के बीच हिंसा 3 मई, 2023 को ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ मणिपुर (ATSUM) की एक रैली के बाद भड़की थी। हिंसा ने पूरे राज्य को जकड़ लिया था और केंद्र सरकार को स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अर्धसैनिक बलों को तैनात करना पड़ा था।
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