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कौन हैं कॉनर मैकग्रेगर: UFC के विवादास्पद फाइटर? जिन्होंने आयरलैंड के राष्ट्रपति पद के लिए लड़ने का फैसला किया
Sat, 22 Mar 2025 01:30 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sat, 22 Mar 2025 01:30 PM IST
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सार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ कॉनर मैकग्रेगर।
- फोटो :
Facebook/Connor McGregor
विस्तार
आयरलैंड की राजनीति में अब एक ऐसे शख्स की एंट्री होने वाली है, जो कि अपने निजी और पेशेवर जिंदगी में लगातार विवादों का हिस्सा रहा है। विवाद भी छोटे-मोटे नहीं, बल्कि आपराधिक केस से लेकर यौन उत्पीड़न तक के मामले। नाम है- कॉनर मैकग्रेगर, जिन्होंने शुक्रवार को आयरलैंड के राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है। 36 वर्षीय कॉनर मैकग्रेगर अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप (यूएफसी) के जाने-माने फाइटर हैं और कई बार चैंपियन भी रह चुके हैं।ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर कॉनर मैकग्रेगर कौन हैं? खेल जगत में उनका नाम कितना बड़ा है? उनके साथ कौन-कौन से विवाद जुड़े रहे हैं? इसके अलावा आयरलैंड की राजनीति में उन्होंने उतरने का फैसला क्यों किया? अगर मैकग्रेगर राजनीति में उतरते हैं तो उनके लिए क्या परिदृश्य बनता दिख रहा है? आइये जानते हैं...
कौन हैं कॉनर मैकग्रेगर?
कॉनर मैकग्रेगर यूएफसी के इतिहास में सबसे लोकप्रिय फाइटर के तौर पर चर्चित हैं। आयरलैंड के क्रमलिन से आने वाले कॉनर ने शुरुआत में एक प्लंबर के अंतर्गत ट्रेनिंग भी की। हालांकि, बाद में उन्होंने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग ली और फ्रीस्टाइल फाइटिंग को अपना पेशा बनाया। इसी के साथ कॉनर ने 2013 में यूएफसी में डेब्यू किया।
मैकग्रेगर ने यूएफसी में शुरुआती फाइट्स में ही प्रतिभा दिखाना शुरू कर दिया और पहली छह फाइट्स में से सिर्फ दो में ही हारे। उन्हें इसके साथ ही रिंग में 'द नॉटोरियस' यानी 'कुख्यात' नाम दिया गया। अगले कुछ वर्षों में कॉनर ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और फेदरवेट और लाइटवेट डिवीजन (हल्के वजन वाले फाइटर्स) में नाम कमाया।
कॉनर मैकग्रेगर यूएफसी के इतिहास में सबसे लोकप्रिय फाइटर के तौर पर चर्चित हैं। आयरलैंड के क्रमलिन से आने वाले कॉनर ने शुरुआत में एक प्लंबर के अंतर्गत ट्रेनिंग भी की। हालांकि, बाद में उन्होंने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग ली और फ्रीस्टाइल फाइटिंग को अपना पेशा बनाया। इसी के साथ कॉनर ने 2013 में यूएफसी में डेब्यू किया।
मैकग्रेगर ने यूएफसी में शुरुआती फाइट्स में ही प्रतिभा दिखाना शुरू कर दिया और पहली छह फाइट्स में से सिर्फ दो में ही हारे। उन्हें इसके साथ ही रिंग में 'द नॉटोरियस' यानी 'कुख्यात' नाम दिया गया। अगले कुछ वर्षों में कॉनर ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और फेदरवेट और लाइटवेट डिवीजन (हल्के वजन वाले फाइटर्स) में नाम कमाया।
मैकग्रेगर फाइटिंग रिंग में अपनी तेजतर्रार स्टाइल और लगभग सटीक बाएं हाथ के घूंसे के लिए जाने जाते हैं। एमएमए के अनुभवी कोच फिरास जहाबी ने एक मौके पर उनके पंच को 'टच ऑफ डेथ' (मौत को छूना) करार दिया था। हालांकि, उनकी इस फुर्ती का असर उनके स्टैमिना और ह्रदय और रक्त धमनियों पर पड़ने लगा। मैकग्रेगर फेदरवेट और लाइटवेट दोनों ही वर्गों में यूएफसी के चैंपियन बने। वह ऐसा करने वाले पहले फाइटर बने।
यूएफसी में अपने बेहतरीन प्रदर्शन और रवैये के लिए खेल की दुनिया में लोगों ने उन्हें फाइटिंग की दुनिया का माइक टायसन करार दे दिया। टायसन भी मुक्केबाजी के अपने शुरुआती दिनों में कुछ ही मुक्कों में प्रतिद्वंद्वी को गिराने की क्षमता रखते थे। इतना ही नहीं मैकग्रेगर के पास इतिहास में सबसे बड़ी फाइट में हिस्सा लेने का भी रिकॉर्ड है, तब उनकी और बॉक्सर फ्लॉयड मेवेदर के बॉक्सिंग मैच ने सबसे ज्यादा दर्शक जुटाए थे। 2021 में फोर्ब्स मैगजीन ने मैकग्रेगर को दुनिया के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले स्टार्स की लिस्ट में पहले स्थान पर रखा था।
यूएफसी में अपने बेहतरीन प्रदर्शन और रवैये के लिए खेल की दुनिया में लोगों ने उन्हें फाइटिंग की दुनिया का माइक टायसन करार दे दिया। टायसन भी मुक्केबाजी के अपने शुरुआती दिनों में कुछ ही मुक्कों में प्रतिद्वंद्वी को गिराने की क्षमता रखते थे। इतना ही नहीं मैकग्रेगर के पास इतिहास में सबसे बड़ी फाइट में हिस्सा लेने का भी रिकॉर्ड है, तब उनकी और बॉक्सर फ्लॉयड मेवेदर के बॉक्सिंग मैच ने सबसे ज्यादा दर्शक जुटाए थे। 2021 में फोर्ब्स मैगजीन ने मैकग्रेगर को दुनिया के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले स्टार्स की लिस्ट में पहले स्थान पर रखा था।
हालांकि, 2021 में ही कोरोनाकाल के दौरान कॉनर मैकग्रेगर ने अपनी आखिरी फाइट लड़ी और तबसे वह रिंग में नहीं उतरे। दरअसल, इससे पहले कि चार फाइट्स में वह तीन में हार चुके हैं, जो कि उनकी शरीर की गिरती क्षमता को दर्शाने लगा। इसके बाद मैकग्रेगर ने रिटायरमेंट का एलान कर दिया। इसके बाद से माना जा रहा है कि मैकग्रेगर अब फाइटिंग के लिए रिंग में नहीं लौटेंगे।
बताया जाता है कि मैकग्रेगर ने बीते कुछ साल में अपने बिजनेस को बढ़ाते हुए बिताए। इस दौरान उन्होंने आयरलैंड की व्हिस्की ब्रांड को खड़ा करने और इसे बेचने का काम किया। इसके अलावा वह पार्टियों में भी देखे गए। मैकग्रेगर ने कई इवेंट्स और हॉलीवुड में भी रोल किया है। हालांकि, उन पर इस बीच में शराब का और ड्रग्स लेने का इल्जाम भी लगा है। उनके साथ कई विवाद भी जुड़े हैं।
बताया जाता है कि मैकग्रेगर ने बीते कुछ साल में अपने बिजनेस को बढ़ाते हुए बिताए। इस दौरान उन्होंने आयरलैंड की व्हिस्की ब्रांड को खड़ा करने और इसे बेचने का काम किया। इसके अलावा वह पार्टियों में भी देखे गए। मैकग्रेगर ने कई इवेंट्स और हॉलीवुड में भी रोल किया है। हालांकि, उन पर इस बीच में शराब का और ड्रग्स लेने का इल्जाम भी लगा है। उनके साथ कई विवाद भी जुड़े हैं।
मैकग्रेगर से जुड़े कई विवाद भी?
अपने यूएफसी करियर में जबरदस्त नाम कमाने वाले कॉनर मैकग्रेगर का विवादों से भी नाम जुड़ा रहा है। उन पर हिंसा से लेकर आपराधिक आचरण और यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। हालांकि, यौन उत्पीड़न के मामले में उन्होंने आरोपों को नकारा है।
अपने यूएफसी करियर में जबरदस्त नाम कमाने वाले कॉनर मैकग्रेगर का विवादों से भी नाम जुड़ा रहा है। उन पर हिंसा से लेकर आपराधिक आचरण और यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। हालांकि, यौन उत्पीड़न के मामले में उन्होंने आरोपों को नकारा है।
राष्ट्रपति पद के लिए खड़े होने का फैसला कैसे लिया?
अमेरिकी मीडिया समूह द हिल की रिपोर्ट के मुताबिक, मैकग्रेगर ने राष्ट्रपति पद के लिए खड़े होने का निर्णय अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने के बाद लिया। मैकग्रेगर ने यूरोपीय प्रवासन संधि के विरोध में एक नेता के रूप में अभियान चलाने का फैसला किया है, जो सीमा सुरक्षा और आव्रजन के लिए एक सुव्यवस्थित दृष्टिकोण तैयार करेगा और यूरोपीय संघ के सदस्यों के लिए शरण प्रक्रिया को गति देगा।
अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करते हुए मैकग्रेगर ने मौजूदा सरकार को चुनौती दी। UFC फाइटर ने X पर एक पोस्ट में लिखा कि वह यूरोपीय प्रवासन संधि का विरोध करने के लिए अगले राष्ट्रपति चुनाव में भाग लेंगे। उन्होंने कहा, 'अगला राष्ट्रपति चुनाव 11 नवंबर 2025 तक होना चाहिए। और कौन सरकार के सामने खड़ा होगा और इस बिल का विरोध करेगा। कोई भी अन्य राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जिसे वे आगे बढ़ाने का प्रयास करते हैं, उनके लिए कोई प्रतिरोध नहीं होगा, लेकिन मैं उनका सामना करूंगा।'
अमेरिकी मीडिया समूह द हिल की रिपोर्ट के मुताबिक, मैकग्रेगर ने राष्ट्रपति पद के लिए खड़े होने का निर्णय अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने के बाद लिया। मैकग्रेगर ने यूरोपीय प्रवासन संधि के विरोध में एक नेता के रूप में अभियान चलाने का फैसला किया है, जो सीमा सुरक्षा और आव्रजन के लिए एक सुव्यवस्थित दृष्टिकोण तैयार करेगा और यूरोपीय संघ के सदस्यों के लिए शरण प्रक्रिया को गति देगा।
अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करते हुए मैकग्रेगर ने मौजूदा सरकार को चुनौती दी। UFC फाइटर ने X पर एक पोस्ट में लिखा कि वह यूरोपीय प्रवासन संधि का विरोध करने के लिए अगले राष्ट्रपति चुनाव में भाग लेंगे। उन्होंने कहा, 'अगला राष्ट्रपति चुनाव 11 नवंबर 2025 तक होना चाहिए। और कौन सरकार के सामने खड़ा होगा और इस बिल का विरोध करेगा। कोई भी अन्य राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जिसे वे आगे बढ़ाने का प्रयास करते हैं, उनके लिए कोई प्रतिरोध नहीं होगा, लेकिन मैं उनका सामना करूंगा।'
यूएफसी स्टार ने कभी भी राजनीतिक पद नहीं संभाला है, लेकिन उन्हें ट्रंप से समर्थन मिला है। इस सप्ताह की शुरुआत में मैकग्रेगर ने व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी। सोमवार को व्हाइट हाउस ब्रीफिंग रूम में बोलते हुए मैकग्रेगर ने कहा कि आयरिश सरकार ने आयरिश लोगों की आवाजों को दबा दिया है। मैकग्रेगर ने दावा किया कि आयरलैंड में ग्रामीण शहरों को आप्रवासियों द्वारा खत्म किया जा रहा था। आयरलैंड संभावित रूप से अपनी आयरिशनेस खोने के कगार पर है। हालांकि, उनकी इस टिप्पणी को आयरिश नेताओं से बहुत आलोचना मिली है।
क्या आयरलैंड की राजनीति में नाम बना सकते हैं मैकग्रेगर?
आयरलैंड के राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कॉनर मैकग्रेगर का राष्ट्रपति चुनाव में जीतना काफी मुश्किल है। डबलिन के ट्रिनिटी कॉलेज में राजनीतिक विज्ञान की प्रोफेसर गेल मैकएलरॉय का कहना है कि मैकग्रेगर के जीतने की संभावना शून्य के करीब है। उन्होंने बताया कि इसके लिए मैकग्रेगर को सबसे पहले दो बाधाएं पार करनी होंगी। पहला- उन्हें नामांकन हासिल करना होगा। दूसरा- बहुमत हासिल करना होगा।
आयरलैंड में राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए किसी भी शख्स को आयरिश संसद के निचले और उच्च सदन के 234 में से 20 सदस्यों के समर्थन की जरूरत होती है। अगर ऐसा नहीं होता तो मैकग्रेगोर को आयरलैंड के 31 स्थानीय परिषदों में से कम से कम चार के समर्थन की जरूरत होगी।
हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कॉनर मैकग्रेगर का आयरलैंड में नाम काफी खराब हो चुका है। वह अब सार्वजनिक तौर पर भी लोकप्रिय नहीं रह गए हैं। 2023 के आयरिश इंडिपेंडेंट ग्रुप की तरफ से किए गए एक सर्वे में पाया गया कि अगर मैकग्रेगर राष्ट्रपति पद के लिए खड़े होते हैं तो उन्हें देश के सिर्फ 8 फीसदी लोगों का समर्थन ही मिलेगा। मैकएलरॉय का कहना है कि आयरिश लोग अमेरिकियों से राय साझा नहीं करते हैं। आयरलैंड में पहले से ही स्थापित राजनीतिक दल हैं, जो कि अपने नेतृत्व को गंभीरता से लेते हैं।
आयरलैंड के राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कॉनर मैकग्रेगर का राष्ट्रपति चुनाव में जीतना काफी मुश्किल है। डबलिन के ट्रिनिटी कॉलेज में राजनीतिक विज्ञान की प्रोफेसर गेल मैकएलरॉय का कहना है कि मैकग्रेगर के जीतने की संभावना शून्य के करीब है। उन्होंने बताया कि इसके लिए मैकग्रेगर को सबसे पहले दो बाधाएं पार करनी होंगी। पहला- उन्हें नामांकन हासिल करना होगा। दूसरा- बहुमत हासिल करना होगा।
आयरलैंड में राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए किसी भी शख्स को आयरिश संसद के निचले और उच्च सदन के 234 में से 20 सदस्यों के समर्थन की जरूरत होती है। अगर ऐसा नहीं होता तो मैकग्रेगोर को आयरलैंड के 31 स्थानीय परिषदों में से कम से कम चार के समर्थन की जरूरत होगी।
हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कॉनर मैकग्रेगर का आयरलैंड में नाम काफी खराब हो चुका है। वह अब सार्वजनिक तौर पर भी लोकप्रिय नहीं रह गए हैं। 2023 के आयरिश इंडिपेंडेंट ग्रुप की तरफ से किए गए एक सर्वे में पाया गया कि अगर मैकग्रेगर राष्ट्रपति पद के लिए खड़े होते हैं तो उन्हें देश के सिर्फ 8 फीसदी लोगों का समर्थन ही मिलेगा। मैकएलरॉय का कहना है कि आयरिश लोग अमेरिकियों से राय साझा नहीं करते हैं। आयरलैंड में पहले से ही स्थापित राजनीतिक दल हैं, जो कि अपने नेतृत्व को गंभीरता से लेते हैं।