Petrol Bomb Incident: केंद्रीय मंत्री ने तमिलनाडु की DMK सरकार पर साधा निशाना, बोले- चरमरा गई कानून-व्यवस्था
Petrol Bomb Incident: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पेट्रोल बम की यह घटना द्रमुक सरकार की पूरी तरह से विफलता को दिखाती है और इस मामले को केंद्रीय एजेंसियों सीबीआई या एनआईए को अपने हाथ में लेना चाहिए।
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केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन ने कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर गुरुवार को तमिलनाडु सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजभवन के बाहर हाल में हुए पेट्रोल बम की घटना दिखाती है कि राज्य के पहले नागरिक के लिए कोई सुरक्षा नहीं है। उन्होंने कहा, "यह सत्तारूढ़ द्रमुक सरकार की पूरी तरह से विफलता है। कानून व्यवस्था चरमरा गई है, क्योंकि हम देख रहे हैं कि राज्य के संवैधानिक प्रमुख के राजभवन पर कुछ लोगों ने पेट्रोल बम फेंककर हमला किया है।"
मुरुगन ने कहा, "इस घटना से ऐसा लगता है कि जैसे राज्य के प्रथम नागरिक की कोई सुरक्षा नहीं है और उन्हें सुरक्षित तरीके से अपना काम करने की अनुमति नहीं है।" केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह घटना द्रमुक सरकार की पूरी तरह से विफलता को दिखाती है और इस मामले को केंद्रीय एजेंसियों केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को अपने हाथ में लेना चाहिए।
इससे पहले बुधवार दोपहर करीब तीन बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने राजभवन के बाहर बैरिकेड्स के पास पेट्रोल की कुछ बोतलें फेंकने की कोशिश की थी। जैसे ही इस पर वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों की नजर पड़ी तो उन्होंने उसे घेर लिया, उसके हाथ से अन्य बोतलें जब्त कर ली और तुरंत उसे गश्ती वाहन के हवाले कर थाने ले गए।
चेन्नई पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त प्रेम आनंद सिन्हा ने बताया कि आरोपी की पहचान हिस्ट्रीशीटर के. विनोद के रूप में हुई है, जो आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ छह-सात मामले दर्ज हैं। केंद्रीय मंत्री मुरुगन ने कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए कि आरोपी के पीछे कौन है, क्योंकि यह वही व्यक्ति है जिसने फरवरी 2022 में तमिलनाडु भाजपा के मुख्यालय कमलालयम पर पेट्रोल बम फेंका था। उन्होंने कहा, "मामले को सीबीआई या एनआईए को सौंप देना चाहिए।"
इस बीच, गिंडी पुलिस स्टेशन में आज भारतीय दंड संहिता की धारा 436, 353, 506 (2), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3 और तमिलनाडु संपत्ति (क्षति और नुकसान की रोकथाम) अधिनियम की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
शुरू होने से पहले खत्म कर दी गई निष्पक्ष जांच: तमिलनाडु राजभवन
वहीं, आज राजभवन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पेट्रोल बम के मुद्दे पर उसकी शिकायत दर्ज नहीं की और जांच शुरू होने से पहले ही खत्म कर दी गई। इसके अलावा, इसमें आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने हमले को सामान्य गुंडागर्दी बताकर मामले को हल्का कर दिया और व्यापक पूछताछ नहीं की।
राजभवन ने आरोप लगाया, 'पुलिस ने हमले को लेकर राजभवन से शिकायत दर्ज नहीं की। संज्ञान लेते हुए हमले को साधारण गुंडागर्दी की कार्रवाई बताया और जल्दबाजी में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और आधी रात को उसे जेल भेज दिया गया। राजभवन ने कहा, 'निष्पक्ष जांच शुरू होने से पहले ही खत्म हो गई है।'