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IMD: 2001 के बाद इस साल की फरवरी में हुई सबसे कम बारिश, मार्च से मई तक सामान्य से अधिक रहेगा तापमान

Sat, 28 Feb 2026 05:21 PM IST
Riya Dubey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Riya Dubey Updated Sat, 28 Feb 2026 05:21 PM IST
सार

आईएमडी के अनुसार इस साल फरवरी में देशभर में वर्षा 2001 के बाद सबसे कम रही और शीत लहर की स्थिति भी नहीं बनी, जबकि दिन का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज हुआ। विभाग ने मार्च से मई के बीच ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से ज्यादा तापमान और अधिक हीटवेव के दिन रहने की संभावना जताई है।

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February this year saw the lowest rainfall since 2001, and temperatures will remain above normal from March to
भारतीय मौसम विभाग ने क्या बताया? - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार इस साल फरवरी में पूरे देश में वर्षा 2001 के बाद सबसे कम दर्ज की गई। साथ ही फरवरी के दौरान देश में कहीं भी शीत लहर की स्थिति नहीं बनी और दिन का तापमान सामान्य से अधिक रहा।

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आने वाले महीनों को लेकर क्या संकेत?

आईएमडी ने अपने मासिक पूर्वानुमान में कहा है कि मार्च से मई के बीच देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक हीटवेव (लू) के दिन देखने को मिल सकते हैं। पश्चिम राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों सहित कई क्षेत्रों में लू का खतरा ज्यादा रहने की आशंका है।

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बढ़ती गर्मी का क्या हो सकता है असर?

आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि मार्च-अप्रैल-मई के मौसम में बढ़ती गर्मी सार्वजनिक स्वास्थ्य, जल संसाधनों, बिजली की मांग और आवश्यक सेवाओं पर दबाव डाल सकती है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों, बाहरी काम करने वाले लोगों और पहले से बीमार व्यक्तियों पर इसका अधिक असर पड़ सकता है।

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मार्च में बारिश को लेकर क्या अनुमान?

हालांकि विभाग ने यह भी बताया कि मार्च के दौरान देश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे या सामान्य रह सकता है, जबकि पूर्वोत्तर, पूर्वी भारत और कुछ मध्य व प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। मार्च में देशभर में औसत वर्षा सामान्य रहने का अनुमान है, हालांकि पूर्वोत्तर भारत और उत्तर-पश्चिम व पूर्व-मध्य भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है।



IMD के अनुसार फिलहाल प्रशांत महासागर में कमजोर ला नीना की स्थिति बनी हुई है, लेकिन आने वाले महीनों में तटस्थ ENSO स्थिति लौट सकती है। विभाग ने यह भी बताया कि फरवरी 2026 में देशभर में वर्षा 2001 के बाद सबसे कम रही और पूरे महीने में शीतलहर के हालात भी नहीं बने। फरवरी के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान कई क्षेत्रों में सामान्य से अधिक दर्ज किए गए, जिससे यह महीना 1901 के बाद सबसे गर्म महीनों में से एक रहा।
 



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