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MEA: ट्रंप के परमाणु परीक्षण वाले बयान पर भारत की दो टूक, कहा- अवैध गतिविधियां पाकिस्तान के इतिहास का हिस्सा
Fri, 07 Nov 2025 05:36 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Fri, 07 Nov 2025 05:36 PM IST
सार
विदेश मंत्रालय ने कई अहम मुद्दों पर बयान दिया है। पाकिस्तान के परमाणु परीक्षण कार्यक्रम, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा की योजना और अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में क्वाड की अहमियत और अफगानिस्तान-भारत संबंध के भविष्य को लेकर भारत के रूख जैसे सवालों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जवाब दिए। जानिए उन्होंने क्या बातें कहीं
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (फाइल)
- फोटो : ANI
विस्तार
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान और अमेरिका जैसे देशों के साथ भारत के रिश्ते पर बयान दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने परमाणु परीक्षण को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की हालिया टिप्पणी पर कहा, भारत इस विषय से पूरी तरह अवगत है। उन्होंने कहा, 'गुप्त और अवैध परमाणु गतिविधियां पाकिस्तान के इतिहास का हिस्सा रही हैं।'
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परमाणु प्रसार पर केंद्रित नीतियों को लेकर क्या सोचता है भारत?
पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के संस्थापक और वैज्ञानिक अब्दुल कादिर खान (AQ Khan) का उल्लेख करते हुए जायसवाल ने कहा, दशकों से पड़ोसी देश की नीतियां तस्करी, निर्यात नियंत्रण उल्लंघन, गुप्त साझेदारियों, एक्यू खान नेटवर्क और परमाणु प्रसार पर केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान से जुड़े इन पहलुओं की तरफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान हमेशा आकर्षित किया है।
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#WATCH | Delhi | MEA Official Spokesperson Randhir Jaiswal says, "Clandestine and illegal nuclear activities are in keeping with Pakistan’s history, that is centered around decades of smuggling, export control violations, secret partnerships, AQ Khan network and further… pic.twitter.com/4B4Gwe8xEE
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) November 7, 2025
'फिलहाल ट्रंप के भारत आने पर सूचना नहीं'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे वाले बयान से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'जहां तक राष्ट्रपति ट्रंप की भारत यात्रा के बारे में टिप्पणियों का सवाल है, मेरे पास इस बारे में साझा करने के लिए कुछ नहीं है। जब मेरे पास इसके बारे में साझा करने के लिए कुछ होगा, तो मीडिया के साथ जानकारी साझा की जाएगी।'
ट्रंप ने भारत आने को लेकर क्या बयान दिया है
बता दें कि ट्रंप ने व्हाइट हाउस में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा था, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बातचीत बेहद अच्छी चल रही है और वे जल्द ही भारत दौरे पर आ सकते हैं। ट्रंप ने एक सवाल के जवाब में कहा कि उन्होंने (भारत) रूस से तेल खरीदना काफी हद तक बंद कर दिया है। मोदी मेरे दोस्त हैं, हम बात करते रहते हैं और उन्होंने मुझे भारत आने का न्योता दिया है। हम तारीख तय करेंगे... प्रधानमंत्री मोदी एक महान व्यक्ति हैं और मैं भारत जाऊंगा।'
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ट्रंप ने परमाणु को लेकर क्या बयान दिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान उन देशों में शामिल है जो सक्रिय रूप से परमाणु हथियारों का परीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ देशों की यही प्रवृत्ति दर्शाती है कि अमेरिका के लिए भी अपने परमाणु परीक्षण को फिर से शुरू करना जरूरी हो गया है।सीबीएस न्यूज के कार्यक्रम 60 मिनट्स को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया और पाकिस्तान जैसे देश परमाणु परीक्षण कर रहे हैं, जबकि अमेरिका ही एकमात्र देश है जिसने परीक्षण रोक रखे हैं। ट्रंप ने कहा, 'रूस परीक्षण कर रहा है, चीन भी कर रहा है, लेकिन वे इसके बारे में बात नहीं करते। हम एक खुला समाज हैं, इसलिए हम बात करते हैं। जब बाकी देश परीक्षण कर रहे हैं, तो हमें भी करना होगा।'
सरकार ने हिंद प्रशांत के लिए क्वाड को अहम बताया
जापान, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और भारत को मिलाकर बने रणनीतिक संगठन- क्वाड से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा, चारों क्वाड साझेदार हिंद-प्रशांत क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिहाज से इसे अहम मंच के रूप में देखते हैं। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'क्वाड निरंतर प्रगति कर रहा है। हमने मुंबई में गत 29-30 अक्तूबर को क्वाड पोर्ट्स ऑफ द फ्यूचर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। भारत समुद्री सप्ताह अहम आयोजन रहा।
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भारत ने अफगानिस्तान से जुड़े सवालों पर क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अफगानिस्तान से जुड़े मसलों पर भी बयान दिए। उन्होंने कहा, 'हाल ही में अफगानिस्तान के विदेश मंत्री भारत आए थे। दोनों देशों के बीच विकास और सहयोग के संदर्भ में विस्तार से बात हुई। विदेश मंत्री डॉ जयशंकर और अफगानिस्तान के समकक्ष के बीच टेलीफोन पर भी बातचीत हुई है। उन्होंने कहा, 'जहां तक हमारे अपने दूतावास, ऑपरेशन, काबुल में हमारे तकनीकी मिशन को दूतावास के रूप में अपग्रेड करने का सवाल है; हम देख रहे हैं कि अब इसकी कार्यक्षमताओं और जिम्मेदारियों को कैसे देखा जाए। इसकी क्षमता बढ़ाने जैसी बातें विचाराधीन हैं, और इन पर फैसला बाद में लिया जाएगा।
रूसी सेना में 44 भारतीयों को लेकर क्रेमलिन से बातचीत जारी
विदेश मंत्रालय ने कहा कि 44 भारतीय नागरिक यूक्रेन युद्ध में रूसी सेना में तैनात हैं। सरकार ने इस गंभीर मुद्दे को एक बार फिर क्रेमलिन के अधिकारियों के सामने उठाया है और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है। साथ ही इस तरह की भर्ती पर तुरंत रोक लगाने का आग्रह किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, हमें जानकारी मिली है कि 44 भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में भर्ती किया गया है। हमने इस मामले को रूसी अधिकारियों के सामने उठाया है, उनसे आग्रह किया है कि इन व्यक्तियों को जल्द से जल्द सुरक्षित रिहा किया जाए और इस प्रथा को समाप्त किया जाए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह परिवारों को नियमित रूप से अपडेट दे रही है और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए मॉस्को के साथ समन्वय कर रही है। विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को एक बार फिर कड़ी चेतावनी जारी की है। जायसवाल ने कहा, हम सभी से आग्रह करते हैं कि वे रूसी सेना में सेवा देने के किसी भी प्रस्ताव से दूर रहें।
थाईलैंड से कुछ और लोगों को वापस लाने की तैयारी
साइबर अपराध के ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई के बाद भाग कर थाईलैंड पहुंचे 270 भारतीयों को केंद्र सरकार ने सफलतापूर्वक देश वापस बुला लिया है। जायसवाल ने बताया कि कुछ और भारतीय नागरिक अब भी थाईलैंड में हैं और उन्हें भी जल्द वापस लाया जाएगा। 270 भारतीय थाईलैंड के माई सॉट से दो विशेष विमानों से बृहस्पतिवार को स्वदेश लौटे। जायसवाल ने बताया कि म्यांमार में हुई कार्रवाई के बाद ये लोग अवैध रूप से थाईलैंड में प्रवेश कर गए थे।