जयशंकर बोले: यूक्रेन में हालात ठीक नहीं; वहां पढ़ रहे छात्रों की परीक्षाएं भारत में हों, यही सभी के हित में
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने गुरुवार को बसई दारापुर इलाके में यूक्रेन से लौटे एक छात्र से मुलाकात की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि यूक्रेन की स्थिति तो आप जानते ही हैं। वहां अब भी हालात ठीक नहीं हैं। शुरू-शुरू में तो छात्र वापस आ गए थे, लेकिन पढ़ाई पूरी करने के लिए ये दोबारा वहां गए, लेकिन वहां के मौजूदा हालात को देखते हुए छात्र फिर से वापस आ गए हैं। हमारी तरफ से ये कोशिश हो रही कि वहां पर जो हमारे भारतीय छात्र हैं, उनकी परीक्षा यहां भारत में कराई जाए। यही छात्रों के हित में होगी।
#WATCH | I met a student who returned from Ukraine. He wanted to go back and complete his studies there but the situation in Ukraine is not under control yet. It will be beneficial for the students if the exams are conducted in India. He said that they were always in touch with… pic.twitter.com/KVa8l8PO6n
— ANI (@ANI) June 8, 2023विज्ञापन
इससे पहले जयशंकर तिलक विहार पहुंचे और सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों से मुलाकात की। यहां उन्होंने कहा कि हम 1984 के पीड़ित परिवार से मिले। उनकी कुछ समस्या हैं जिसे हमने सुना और उसका समाधान निकालने की कोशिश करेंगे। मैंने यूक्रेन से लौटे एक छात्र से भी मिला। वह बहुत ही परिपक्व छात्र है। उसने मुझे बताया कि दूतावास ने कितनी मदद की।
अफगान शरणार्थियों, सिखों ने बयां किए दर्द
इस दौरान शरणार्थियों ने अपने दर्द को बयां किया। अफगानिस्तान में सिखों व हिंदू समुदाय के लोगों पर किए जा रहे अत्याचार का जिक्र करते हुए उनकी आंखों से आंसू छलक गए। इनकी मांग है कि इन्हें भारत में रोजगार और रहने की व्यवस्था की जाए। वहीं, भारतीय नागरिकता भी दी जाए और वीजा की सुविधा को आसान बनाया जाए। जयशंकर से मिलने पहुंचे 25 शरणार्थियों के परिवार के सदस्यों ने भारत सरकार की ओर से की जा रही मदद का भी धन्यवाद किया।