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Exhibition: 'गैलेरिया वीएसबी' की चित्रकला प्रदर्शनी का शानदार आगाज, देखने को मिल रही अनूठी रचनात्मकता
Thu, 01 Feb 2024 04:50 PM IST
स्वप्निल शशांक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Thu, 01 Feb 2024 04:50 PM IST
सार
गैलेरिया वीएसबी की इस पेंटिंग प्रदर्शनी में 20वीं सदी के असाधारण चित्रकारों की कलाकृतियों पर प्रकाश डाला गया है, जिनकी अनूठी शैली और गहरी विषयगत खोजों ने भारतीय कला पर स्थायी प्रभाव छोड़ा है।
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'गैलेरिया वीएसबी' (Galleria VSB) अपनी स्थापना की 20वीं वर्षगांठ मना रही है
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
'गैलेरिया वीएसबी' (Galleria VSB) अपनी स्थापना की 20वीं वर्षगांठ मना रही है। इस मौके पर जानी मानी ज्वेलरी डिजाइनर और 'गैलेरिया वीएसबी' की क्यूरेटर वंदना भार्गव द्वारा दिल्ली में साकेत के स्कॉयर वन मॉल में तीसरी मंजिल पर स्थित 'गैलेरिया वीएसबी' में जाने-माने 24 चित्रकारों की लगभग 55 पेंटिंग्स की प्रदर्शनी आयोजित की गई है। 29 जनवरी को इस प्रदर्शनी का स्पेशल प्रिव्यू था। दर्शकों के लिए यह खास प्रदर्शनी 31 जनवरी से नौ फरवरी 2024 की दोपहर तीन बजे से रात आठ बजे तक खुली रहेगी।
गैलेरिया वीएसबी की इस पेंटिंग प्रदर्शनी में 20वीं सदी के असाधारण चित्रकारों की कलाकृतियों पर प्रकाश डाला गया है, जिनकी अनूठी शैली और गहरी विषयगत खोजों ने भारतीय कला पर स्थायी प्रभाव छोड़ा है। उनके गहन कार्य तकनीकी प्रतिभा से परे हैं और समृद्ध आख्यानों और सांस्कृतिक गहराई को व्यक्त करते हैं। इस प्रदर्शनी की थीम ‘टाइमलेस स्ट्रोक्स: द मास्टर्स’ रखी गई है।
इस प्रदर्शनी में महान चित्रकार निकोलस रोएरिच, जामिनी रॉय, असित कुमार हलधर, हेमेन मजूमदार, नारायण श्रीधर बेंद्रे, कटिंगेरी कृष्णा हेब्बर, कृष्णाजी हौवलाजी आरा, मकबूल फिदा हुसैन, सोमनाथ होरे, सैयद हैदर रजा, कलापति गणपति सुब्रमण्यम, फ्रांसिस न्यूटन सूजा, राम कुमार, वासुदेव एस गायतोंडे, अकबर पदमसी, जगदीश स्वामीनाथन, बद्री नारायण, बी प्रभा, भूपेन खाखर, बी विट्ठल, लालू प्रसाद शॉ, जोगेन चौधरी, चमेली रामचन्द्रन और मंजीत बावा द्वारा बनाई गई शानदार कृतियों का प्रदर्शन किया गया है।
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गैलेरिया वीएसबी की इस पेंटिंग प्रदर्शनी में 20वीं सदी के असाधारण चित्रकारों की कलाकृतियों पर प्रकाश डाला गया है, जिनकी अनूठी शैली और गहरी विषयगत खोजों ने भारतीय कला पर स्थायी प्रभाव छोड़ा है। उनके गहन कार्य तकनीकी प्रतिभा से परे हैं और समृद्ध आख्यानों और सांस्कृतिक गहराई को व्यक्त करते हैं। इस प्रदर्शनी की थीम ‘टाइमलेस स्ट्रोक्स: द मास्टर्स’ रखी गई है।
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इस प्रदर्शनी में महान चित्रकार निकोलस रोएरिच, जामिनी रॉय, असित कुमार हलधर, हेमेन मजूमदार, नारायण श्रीधर बेंद्रे, कटिंगेरी कृष्णा हेब्बर, कृष्णाजी हौवलाजी आरा, मकबूल फिदा हुसैन, सोमनाथ होरे, सैयद हैदर रजा, कलापति गणपति सुब्रमण्यम, फ्रांसिस न्यूटन सूजा, राम कुमार, वासुदेव एस गायतोंडे, अकबर पदमसी, जगदीश स्वामीनाथन, बद्री नारायण, बी प्रभा, भूपेन खाखर, बी विट्ठल, लालू प्रसाद शॉ, जोगेन चौधरी, चमेली रामचन्द्रन और मंजीत बावा द्वारा बनाई गई शानदार कृतियों का प्रदर्शन किया गया है।
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‘टाइमलेस स्ट्रोक्स’ सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं है, यह ऐसे दूरदर्शी लोगों की गहरी सोच है
- फोटो : अमर उजाला
29 जनवरी को आयोजित प्रदर्शनी के प्रिव्यू में तमाम जाने माने लोगों की मौजूदगी रही। बता दें कि गैलेरिया वीएसबी (Galleria VSB) की स्थापना वर्ष 2004 में प्रसिद्ध ज्वैलरी डिजाइनर वंदना भार्गव ने की थी। वंदना भार्गव एक प्रतिष्ठित उद्यमी, अनुभवी ज्वेलरी डिजाइनर और कला क्यूरेटर हैं। वह 'हाउस ऑफ वीएसबी' की फाउंडर व चेयरपर्सन हैं, जिसके अंतर्गत वह 'व्हाइट एंड येलो', 'गैलेरिया वीएसबी', SKNZ, लूना ज्वेल्स और कैफे वीएसबी जैसे विभिन्न सब-ब्रैंड्स को संचालित करती हैं।
वंदना ‘दिल्ली विश्वविद्यालय’ से अंग्रेजी ऑनर्स में स्नातक हैं। पहले एजुकेशन सेक्टर में उन्होंने अपना करियर शुरू किया, लेकिन रत्न व आभूषणों के प्रति अपने जुनून को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने अपने करियर में बदलाव किया। उन्होंने ज्वेलरी डिजाइनिंग और डायमंड ग्रेडेशन में डिप्लोमा किया, जिसके बाद वर्ष 2004 में उन्होंने अपने प्रमुख स्टोर "व्हाइट एंड येलो-सिग्नेचर ज्वेल्स" की स्थापना की।
प्रदर्शनी के महत्व के बारे में क्यूरेटर वंदना भार्गव का कहना है कि ‘टाइमलेस स्ट्रोक्स’ सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं है, यह ऐसे दूरदर्शी लोगों की गहरी सोच है, जिन्होंने अपनी अद्वितीय रचनात्मकता के माध्यम से आधुनिक व समकालीन कला के परिदृश्य को आकार दिया है। उनकी विशिष्ट शैलियों और विषयों की खोज ने गहन आख्यानों, भावनाओं और सांस्कृतिक महत्व को व्यक्त किया है, जिसने एक स्थायी विरासत छोड़ी है, जो भावी पीढ़ियों को प्रेरित कर रही है और भारतीय कला की वैश्विक सराहना में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
वंदना ‘दिल्ली विश्वविद्यालय’ से अंग्रेजी ऑनर्स में स्नातक हैं। पहले एजुकेशन सेक्टर में उन्होंने अपना करियर शुरू किया, लेकिन रत्न व आभूषणों के प्रति अपने जुनून को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने अपने करियर में बदलाव किया। उन्होंने ज्वेलरी डिजाइनिंग और डायमंड ग्रेडेशन में डिप्लोमा किया, जिसके बाद वर्ष 2004 में उन्होंने अपने प्रमुख स्टोर "व्हाइट एंड येलो-सिग्नेचर ज्वेल्स" की स्थापना की।
प्रदर्शनी के महत्व के बारे में क्यूरेटर वंदना भार्गव का कहना है कि ‘टाइमलेस स्ट्रोक्स’ सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं है, यह ऐसे दूरदर्शी लोगों की गहरी सोच है, जिन्होंने अपनी अद्वितीय रचनात्मकता के माध्यम से आधुनिक व समकालीन कला के परिदृश्य को आकार दिया है। उनकी विशिष्ट शैलियों और विषयों की खोज ने गहन आख्यानों, भावनाओं और सांस्कृतिक महत्व को व्यक्त किया है, जिसने एक स्थायी विरासत छोड़ी है, जो भावी पीढ़ियों को प्रेरित कर रही है और भारतीय कला की वैश्विक सराहना में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
वंदना भार्गव के आभूषणों के डिजाइन न केवल कला के प्रति उनके प्रेम को दर्शाते हैं, बल्कि भारत की समृद्ध विरासत और संस्कृति के लिए एक जीवित प्रमाण के रूप में भी काम करते हैं। कलाकारों को सशक्त बनाने (विशेष रूप से लुप्त हो रहे शिल्पकारों को) बनाने के साथ ही वह अद्वितीय डिजाइनों को बनाए रखने और बनाने के लिए उनके साथ सहयोग करती है। विरासत कला के प्रति वंदना के प्रयासों को इतनी सराहना मिली कि इसके बाद उन्होंने 2004 में नई दिल्ली के साकेत में 'गैलेरिया वीएसबी' शुरू किया, जिसमें दुर्लभ लघु चित्रों, मूर्तियों और समकालीन कला का मनोरम संग्रह है और यह विभिन्न कला स्कूलों और अवधियों की भव्यता को प्रदर्शित करता है।