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नई शिक्षा नीति में मूल्य आधारित शिक्षा और परंपराओं पर जोर, कई ग्रंथों को पाठ्यक्रम में दी जाएगी जगह
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Sat, 22 Sep 2018 04:42 AM IST
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MHRD minister
- फोटो : एमएचआरडी मिनिस्टर
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नई शिक्षा नीति पर अक्तूबर के अंत में कैबिनेट की मुहर लग जाएगी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इससे संबंधित मसौदे को अंतिम रूप दे दिया है। फिलहाल चुनिंदा लोगों की एक टीम युद्ध स्तर पर मसौदे की समीक्षा में जुटी है।
उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि सभी पक्षों से विमर्श करने के बाद मसौदे को अंतिम रूप दे दिया गया है। मसौदे की समीक्षा कर रही टीम हर हाल में अक्तूबर के तीसरे हफ्ते तक अपना काम पूरा कर लेगी। इसके बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। सूत्र ने बताया कि नई शिक्षा नीति में मूल्य आधारित शिक्षा पर जोर है, जिसमें परंपराओं को महत्व दिया गया है। चूंकि रामायण, वेद सहित कई ग्रंथ हमारी परंपराओं में शामिल हैं, इसलिए इन्हें पाठ्यक्रम में जगह देने की बात की गई है।
बच्चों के बस्ते का बोझ कम करने, मातृभाषा और संस्कृत को महत्वपूर्ण स्थान देने, अलग-अलग क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने वाली शख्सियतों के बारे में पाठ्यक्रम के द्वारा जानकारी देने जैसे उपाय शामिल हैं। वर्ष 2014 में नई सरकार ने नई शिक्षा नीति लाने की घोषणा की थी। इसी हफ्ते संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी नई शिक्षा नीति जल्द लाए जाने की उम्मीद जताई थी।
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उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि सभी पक्षों से विमर्श करने के बाद मसौदे को अंतिम रूप दे दिया गया है। मसौदे की समीक्षा कर रही टीम हर हाल में अक्तूबर के तीसरे हफ्ते तक अपना काम पूरा कर लेगी। इसके बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। सूत्र ने बताया कि नई शिक्षा नीति में मूल्य आधारित शिक्षा पर जोर है, जिसमें परंपराओं को महत्व दिया गया है। चूंकि रामायण, वेद सहित कई ग्रंथ हमारी परंपराओं में शामिल हैं, इसलिए इन्हें पाठ्यक्रम में जगह देने की बात की गई है।
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बच्चों के बस्ते का बोझ कम करने, मातृभाषा और संस्कृत को महत्वपूर्ण स्थान देने, अलग-अलग क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने वाली शख्सियतों के बारे में पाठ्यक्रम के द्वारा जानकारी देने जैसे उपाय शामिल हैं। वर्ष 2014 में नई सरकार ने नई शिक्षा नीति लाने की घोषणा की थी। इसी हफ्ते संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी नई शिक्षा नीति जल्द लाए जाने की उम्मीद जताई थी।
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