फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Elephant Census first time in India done through DNA testing know how many elephants are in which area

Elephant Census: भारत में पहली बार डीएनए जांच से हुई हाथियों की जनगणना, जानें किस क्षेत्र में कितने हाथी?

Tue, 14 Oct 2025 11:01 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Tue, 14 Oct 2025 11:01 PM IST
सार

भारत में पहली बार हाथियों की गिनती डीएनए तकनीक से की गई, जिसमें देश में करीब 22,446 हाथी पाए गए। 2017 की तुलना में संख्या कम जरूर है, लेकिन नई वैज्ञानिक विधि को आधार मानते हुए इसे भविष्य की निगरानी का नया मानक माना गया है।

विज्ञापन
Elephant Census first time in India done through DNA testing know how many elephants are in which area
हाथी - फोटो : mathura

विस्तार

भारत में हाथियों की आबादी हमेशा से ही चर्चा में रही है। ऐसे में हाथियों की आबादी को लेकर एक नई रिपोर्ट सामने आई है। इसमें बताया गया है कि देश में अब करीब 22,446 हाथी हैं। यह आंकड़ा 2017 की गिनती (27,312 हाथी) से कम है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि दोनों आंकड़ों की तुलना नहीं की जा सकती क्योंकि इस बार नई वैज्ञानिक पद्धति यानी डीएनए तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।

विज्ञापन

बता दें कि यह पहली बार है जब देशभर में हाथियों की गिनती के लिए डीएनए आधारित तकनीक अपनाई गई। यह सर्वे 2021 में शुरू हुआ था और करीब चार साल बाद अब जाकर रिपोर्ट जारी की गई है। इस सर्वे को पर्यावरण मंत्रालय, प्रोजेक्ट एलिफेंट और वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने मिलकर किया।

विज्ञापन


सर्वे में क्या हुआ खास?
अगर बात अगर इस सर्वे की खासियत की करे तो वैज्ञानिकों ने 21,056 हाथियों के गोबर के नमूने लिए और डीएनए फिंगरप्रिंटिंग से हर हाथी की पहचान की। इस प्रक्रिया में करीब 6.7 लाख किलोमीटर जंगल के रास्तों की खोजबीन की गई और 3.1 लाख से ज्यादा गोबर के स्थानों को रिकॉर्ड किया गया। डीएनए विश्लेषण से 4,065 अलग-अलग हाथियों की पहचान की गई और फिर ‘मार्क-रेकैप्चर’ मॉडल से कुल आबादी का अनुमान लगाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- Rashtrapati Bhavan: राष्ट्रपति मुर्मू ने मंगोलियाई समकक्ष का किया स्वागत, रात्रिभोज की मेजबानी की

क्या कहते है आकंड़े?
बात अगर डीएनए आधारित हाथियों की पहली जनगणना के आंकड़े की करे तो कर्नाटक में सबसे ज्यादा 6,013 हाथी पाए गए हैं, इसके बाद असम में 4,159, तमिलनाडु में 3,136, केरल में 2,785 और उत्तराखंड में 1,792 हाथी हैं। ओडिशा में 912, छत्तीसगढ़ व झारखंड में मिलाकर 650 से ज्यादा हाथी हैं। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में अरुणाचल प्रदेश (617), मेघालय (677), नागालैंड (252) और त्रिपुरा (153) हाथी पाए गए हैं। मध्य प्रदेश में सिर्फ 97 और महाराष्ट्र में 63 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है।


वेस्टर्न घाट्स हाथियों का सबसे बड़ा ठिकाना
वहीं क्षेत्रवार आंकड़ों की बात करें तो वेस्टर्न घाट्स हाथियों का सबसे बड़ा ठिकाना बना हुआ है, जहां 11,934 हाथी हैं। पूर्वोत्तर भारत और ब्रह्मपुत्र क्षेत्र में 6,559 हाथी हैं। शिवालिक पहाड़ियां और गंगा मैदान में 2,062 हाथी हैं। जबकि मध्य और पूर्वी भारत में कुल 1,891 हाथी रह रहे हैं।

ये भी पढ़ें:- Supreme Court: शीर्ष कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक, विधायक बने रहेंगे कांग्रेस के नंजेगौड़ा

तीन चरणों में की गई है हाथियों की गिनती
गौरतलब है कि यह गिनती तीन चरणों में की गई है। जिसमें पहला चरण जंगलों में फील्ड सर्वे औरएम-स्ट्रिप्स ऐप के जरिए डेटा इकट्ठा किया गया। दूसरी चरण सेटेलाइट से जंगलों की गुणवत्ता और मानव हस्तक्षेप का आंकलन किया गया। वहीं तीसरा चरण हाथियों के गोबर के नमूनों से डीएनए जांच की गई, जिससे 4,065 अलग-अलग हाथियों की पहचान की गई और 'मार्क-रेकैप्चर' मॉडल से कुल अनुमानित संख्या निकाली गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed