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वोटर लिस्ट से नाम कटने वालों को राहत: मिलेगा दोबारा फॉर्म भरने का मौका, चुनाव आयोग ने बताई पूरी प्रक्रिया
Fri, 06 Nov 2026 04:16 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Fri, 06 Nov 2026 04:16 PM IST
सार
एसआईआर के दौरान जिन मतदाताओं के नाम अनुपस्थित, शिफ्टेड, मृत या डुप्लीकेट दर्ज होने के कारण ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं आए, उन्हें चुनाव आयोग ने एक और मौका दिया है। इसके लिए बूथवार सूची जारी होगी और दोबारा फॉर्म जमा किए जा सकेंगे। लेकिन किन मतदाताओं को कौन-सा फॉर्म भरना होगा? पता बदलने वालों के लिए क्या नियम हैं? क्या पुराने ईपीआईसी नंबर से ही नाम जुड़ सकेगा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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मतदाताओं को दोबारा फॉर्म भरने का मौका कैसे मिलेगा?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाए हैं, उन्हें चुनाव आयोग ने एक और मौका देने का फैसला किया है। यह राहत उन लोगों को मिलेगी, जिन्हें गणना फॉर्म जारी किए गए थे, लेकिन अनुपस्थित, दूसरी जगह शिफ्ट होने, मृत या डुप्लीकेट दर्ज किए जाने के कारण उनके नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं आ सके। आयोग ने ऐसे मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए नई व्यवस्था तय की है।
चुनाव आयोग ने 6 नवंबर 2026 को इस संबंध में दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नगालैंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी किए। आयोग ने कहा है कि ऐसे सभी मतदाताओं को अपना नाम जुड़वाने के लिए एक और अवसर दिया जाए। इसके लिए बूथवार सूची तैयार होगी और संबंधित मतदान केंद्रों के साथ पंचायत भवनों, शहरी स्थानीय निकाय कार्यालयों और ब्लॉक विकास अधिकारियों के कार्यालयों में भी प्रदर्शित की जाएगी। इन सूचियों को आयोग की वेबसाइट पर भी पीडीएफ के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। नाम शामिल नहीं होने की संभावित वजह भी बताई जाएगी।
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मतदाताओं को दोबारा फॉर्म भरने का मौका कैसे मिलेगा?
जिन मतदाताओं के नाम एसडीडी श्रेणी में दर्ज हैं, उन्हें गणना फॉर्म दोबारा जमा करने का अवसर मिलेगा। जिन लोगों के फॉर्म अधूरे हैं, उनके लिए भी नई व्यवस्था की गई है। संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के डैशबोर्ड पर ऐसे फॉर्म दोबारा तैयार किए जाएंगे। बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) मतदाताओं तक फॉर्म पहुंचाने के लिए घर-घर जाएंगे और राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों की भी मदद लेंगे। जहां संपर्क की जानकारी उपलब्ध होगी, वहां व्हाट्सऐप, ईमेल और एसएमएस के जरिये भी फॉर्म भेजे जा सकेंगे। मतदाता अपने पुराने ईपीआईसी नंबर से वेबसाइट पर फॉर्म डाउनलोड करके भर सकते हैं।
अगर मतदाता का पता नहीं बदला है तो क्या करना होगा?
आयोग ने उन मतदाताओं के लिए अलग प्रक्रिया तय की है, जो अपने पुराने पते पर ही रह रहे हैं। ऐसे लोगों को भरा हुआ और हस्ताक्षर किया गया गणना फॉर्म जमा करना होगा। इसके साथ उन्हें यह बताना होगा कि पहले फॉर्म क्यों जमा नहीं हो पाया था। इसके लिए आयोग ने अनुलग्नक-बी का प्रारूप दिया है। मतदाता इसे संबंधित ईआरओ, सहायक ईआरओ या बीएलओ को खुद या परिवार के किसी सदस्य के जरिये सौंप सकते हैं। इसे ECINET पर ई-साइन के साथ जमा करने की सुविधा भी होगी।
अगर मतदाता राज्य के भीतर दूसरी जगह चला गया है तो क्या होगा?
जमा किए गए फॉर्म पर चुनाव आयोग ने क्या निर्देश दिए?
आयोग ने कहा है कि मिले हुए सभी फॉर्म और उनके साथ दिए गए घोषणापत्रों की जांच नियमों के अनुसार की जाए। पंजीकरण अधिकारी पात्रता, सामान्य निवास और जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। जिन फॉर्म को स्वीकार किया जाएगा, उन्हें अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए अलग रखा जाएगा। इस प्रक्रिया में मतदाता का वही पुराना ईपीआईसी नंबर बना रहेगा। जिन लोगों ने एसआईआर के दौरान नए नामांकन के लिए पहले ही फॉर्म-6 जमा किया है, उन्हें दोबारा गणना फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी। उनके आवेदन पर आयोग के 3 नवंबर 2026 के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई होगी। आयोग ने सभी अधिकारियों को इन निर्देशों का तुरंत पालन कराने, व्यापक प्रचार करने और यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कोई पात्र मतदाता अपना नाम जुड़वाने के अवसर से वंचित न रहे।
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चुनाव आयोग ने 6 नवंबर 2026 को इस संबंध में दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नगालैंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी किए। आयोग ने कहा है कि ऐसे सभी मतदाताओं को अपना नाम जुड़वाने के लिए एक और अवसर दिया जाए। इसके लिए बूथवार सूची तैयार होगी और संबंधित मतदान केंद्रों के साथ पंचायत भवनों, शहरी स्थानीय निकाय कार्यालयों और ब्लॉक विकास अधिकारियों के कार्यालयों में भी प्रदर्शित की जाएगी। इन सूचियों को आयोग की वेबसाइट पर भी पीडीएफ के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। नाम शामिल नहीं होने की संभावित वजह भी बताई जाएगी।
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मतदाताओं को दोबारा फॉर्म भरने का मौका कैसे मिलेगा?
जिन मतदाताओं के नाम एसडीडी श्रेणी में दर्ज हैं, उन्हें गणना फॉर्म दोबारा जमा करने का अवसर मिलेगा। जिन लोगों के फॉर्म अधूरे हैं, उनके लिए भी नई व्यवस्था की गई है। संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के डैशबोर्ड पर ऐसे फॉर्म दोबारा तैयार किए जाएंगे। बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) मतदाताओं तक फॉर्म पहुंचाने के लिए घर-घर जाएंगे और राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों की भी मदद लेंगे। जहां संपर्क की जानकारी उपलब्ध होगी, वहां व्हाट्सऐप, ईमेल और एसएमएस के जरिये भी फॉर्म भेजे जा सकेंगे। मतदाता अपने पुराने ईपीआईसी नंबर से वेबसाइट पर फॉर्म डाउनलोड करके भर सकते हैं।
अगर मतदाता का पता नहीं बदला है तो क्या करना होगा?
आयोग ने उन मतदाताओं के लिए अलग प्रक्रिया तय की है, जो अपने पुराने पते पर ही रह रहे हैं। ऐसे लोगों को भरा हुआ और हस्ताक्षर किया गया गणना फॉर्म जमा करना होगा। इसके साथ उन्हें यह बताना होगा कि पहले फॉर्म क्यों जमा नहीं हो पाया था। इसके लिए आयोग ने अनुलग्नक-बी का प्रारूप दिया है। मतदाता इसे संबंधित ईआरओ, सहायक ईआरओ या बीएलओ को खुद या परिवार के किसी सदस्य के जरिये सौंप सकते हैं। इसे ECINET पर ई-साइन के साथ जमा करने की सुविधा भी होगी।
अगर मतदाता राज्य के भीतर दूसरी जगह चला गया है तो क्या होगा?
- राज्य के भीतर पता बदलने वाले मतदाता को अनुलग्नक-सी में नया पता और विधानसभा क्षेत्र बताना होगा।
- फॉर्म और घोषणा पर मतदाता या परिवार के सदस्य के हस्ताक्षर जरूरी होंगे।
- नया पता साबित करने के लिए दस्तावेज देने होंगे।
- ऐसे मतदाता को फॉर्म-8 भरने की जरूरत नहीं होगी।
- बेघर मतदाताओं के मामले में बीएलओ की फील्ड जांच रिपोर्ट को पते के प्रमाण के तौर पर स्वीकार किया जाएगा।
जमा किए गए फॉर्म पर चुनाव आयोग ने क्या निर्देश दिए?
आयोग ने कहा है कि मिले हुए सभी फॉर्म और उनके साथ दिए गए घोषणापत्रों की जांच नियमों के अनुसार की जाए। पंजीकरण अधिकारी पात्रता, सामान्य निवास और जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। जिन फॉर्म को स्वीकार किया जाएगा, उन्हें अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए अलग रखा जाएगा। इस प्रक्रिया में मतदाता का वही पुराना ईपीआईसी नंबर बना रहेगा। जिन लोगों ने एसआईआर के दौरान नए नामांकन के लिए पहले ही फॉर्म-6 जमा किया है, उन्हें दोबारा गणना फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी। उनके आवेदन पर आयोग के 3 नवंबर 2026 के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई होगी। आयोग ने सभी अधिकारियों को इन निर्देशों का तुरंत पालन कराने, व्यापक प्रचार करने और यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कोई पात्र मतदाता अपना नाम जुड़वाने के अवसर से वंचित न रहे।