Election 2024: क्या कांग्रेस के टिकट पर नेहा राठौर देंगी मनोज तिवारी को टक्कर? सोशल मीडिया पर तेज हुई चर्चा
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विस्तार
भोजपुरी के सुपरस्टार गायक और अभिनेता मनोज तिवारी इस समय भाजपा के लोकसभा सांसद हैं। पार्टी ने उन्हें लगातार तीसरी बार उत्तर पूर्वी दिल्ली की लोकसभा सीट पर चुनाव मैदान में उतारा है। भाजपा को भरोसा है कि पूर्वांचली लोगों के दिलों में बसे इस अभिनेता-गायक को एक बार फिर जनता का प्यार मिलेगा और वे पार्टी के लिए उत्तर पूर्वी की सीट पर जीत दिला सकते हैं। लेकिन इस चुनाव में मनोज तिवारी की जीत की राह कुछ कठिन हो सकती है, क्योंकि चर्चा है कि कांग्रेस मनोज तिवारी के सामने एक और भोजपुरी गायिका नेहा सिंह राठौर को उतारने की योजना बना रही है। यदि ऐसा होता है तो उत्तर पूर्वी दिल्ली की लोकसभा सीट पर लड़ाई बहुत रोचक हो सकती है।
क्यों तेज हुई चर्चा?
दरअसल, नेहा सिंह राठौर ने अपने एक्स हैंडल पर मनोज तिवारी के गानों को लेकर कुछ टिप्पणी कर दी। उन्होंने मनोज तिवारी का एक गाना ट्वीट करते हुए आरोप लगाया कि उनके गानों में महिलाओं के लिए सम्मान नहीं है। उन्होंने भाजपा से भी अपने इस नेता पर संज्ञान लेने को कहा।
चूंकि, इसके पहले भाजपा के आसनसोल से उम्मीदवार पवन सिंह ने अपने एक विवादित गाने के कारण अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की घोषणा कर दी थी, माना जा रहा है कि नेहा सिंह राठौर उसी तरह का दबाव बनाकर मनोज तिवारी को चुनौती दे रही थीं। लेकिन शीघ्र ही सोशल मीडिया में यह चर्चा चलने लगी कि कांग्रेस नेहा सिंह राठौर को मनोज तिवारी के सामने उत्तर पूर्वी दिल्ली से लोकसभा उम्मीदवार बनाना चाहती हैं। यही कारण है कि वे मनोज तिवारी पर ऐसे आरोप लगा रही हैं।
क्या कांग्रेस उम्मीदवार बनाएगी?
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने मंगलवार को एक सवाल के जवाब में बताया कि उन्हें इस तरह की कोई जानकारी नहीं है, लेकिन यदि पार्टी इस तरह का कोई निर्णय लेती है तो वे इसका स्वागत करेंगे। इसके पहले उत्तर पूर्वी दिल्ली से खुद अरविंदर सिंह लवली को ही कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा था। लेकिन बाद में उन्होंने चुनाव में उतरने से इनकार कर दिया। अमर उजाला के सवाल पर लवली ने कहा कि उनके पास पार्टी की कई अन्य जिम्मेदारियां हैं। उन्हें अपनी पार्टी के तीन उम्मीदवारों को जिताने के साथ-साथ इंडिया गठबंधन के नेताओं को जीत दिलाने का प्रयास करने की भी जिम्मेदारी है। लेकिन यदि पार्टी उन्हें कोई आदेश देती है, तो वे चुनाव में उतरने से इनकार नहीं करेंगे।