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मुंबई यूनिवर्सिटी में रैकेट का भंडाफोड़, आठ गिरफ्तार

Sun, 22 May 2016 03:52 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुंबई
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुंबई Updated Sun, 22 May 2016 03:52 AM IST
सार

  • पुलिस ने इंजीनियरिंग पेपर लीक मामले में आठ आरोपियों को किया गिरफ्तार
  • 15 से 20 हजार रुपये में कराते थे नकल

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Eight arrested in paper leak case of Mumbai University
गिरफ्त में गिरोह

विस्तार

मुंबई पुलिस ने एक ऐसे रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो मुंबई यूनिवर्सिटी के छात्रों से पैसे लेकर पेपर हल करने में उनकी मदद करता था। यह गोरखधंधा मुंबई विश्वविद्यालय में धड़ल्ले से चल रहा था। पुलिस ने पिछले दिनों हुए इंजीनियरिंग के पेपर लीक मामले में इस रैकेट से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें विश्वविद्यालय के तीन क्लर्क, चार चपरासी और एक कस्टोडियन शामिल है।

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पुलिस को अंदेशा है कि विश्वविद्यालय में एक बड़ा रैकेट काम कर रहा है। मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है। मुंबई पूर्व उपनगर भांडुप थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक श्रीपद काले के मुताबिक इस महीने की 11 तारीख को सूचना मिली कि मुंबई विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग का पेपर लीक हुआ है।
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पुलिस को पता चला कि भांडुप के एक छात्र के घर उत्तर पुस्तिका देखी गई है। मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने प्रतापन नगर के हाडिक चाल में छापा मारकर मनोज प्रकाश शिंगड़े (22) को गिरफ्तार कर लिया। उसने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए। मनोज से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया। 

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15 से 20 हजार रुपये में कराते थे नकल

Eight arrested in paper leak case of Mumbai University
university

पुलिस के मुताबिक ये मुन्ना भाई एमबीबीएस की तरह नए अंदाज में नकल कराते थे। छात्र सिर्फ परीक्षा में उपस्थित होते थे, लेकिन पेपर की उत्तर पत्रिका शीट खाली छोड़ देते थे। इसके बाद हॉल टिकट कॉपी रैकेट से जुड़े सदस्यों को व्हाट्सएप करते थे।

इसी आधार पर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी उत्तर पत्रिका बाहर लेकर आते थे और कॉपी में उत्तर लिखने के बाद उसे जमा करते थे। इस काम के लिए प्रति कॉपी 15 से 20 हजार रुपये लिए जाते थे। भांडुप पुलिस के वरिष्ठ पुलिस इंस्पेक्टर ने बताया कि इसका सेंटर नई मुंबई, एरोली, कमोठे और पालघर में था, जो उत्तर पत्रिका में सवालों को हल करता था।

पुलिस ने जाल बिछाकर 92 ऐसी ही उत्तर पत्रिकाएं जब्त की हैं। इस मामले में मिथुन मोरे, चिमन शांति लाल सोलंकी, संजय कुंभार, संदीप मनोहर जाधव, रोहन उल्हास मोरे, दिनकर भगवान म्हात्रे, सिद्धेश आनंद जाधव और प्रभाकर अनंत बझे को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 408, 406, 34 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। इस रैकेट के सामने आने से मुंबई विश्वविद्यालय की साख को जोरदार धक्का लगा है।

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