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Hindi News ›   India News ›   Editors Guild condemned the arrest of journalists related to UP CM Yogi Adityanath

सीएम योगी के आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट पर पत्रकारों की गिरफ्तारी की एडिटर्स गिल्ड ने की निंदा

Sun, 09 Jun 2019 05:43 PM IST
गौरव द्विवेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव द्विवेदी Updated Sun, 09 Jun 2019 05:43 PM IST
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Editors Guild condemned the arrest of journalists related to UP CM Yogi Adityanath
एडिटर्स गिल्ड (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

एडिटर्स गिल्ड ने पत्रकार प्रशांत कनौजिया समेत एक टीवी चैनल के संपादक और प्रमुख की गिरफ्तारी की निंदा की है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संबंधित कथित आपत्तिजनक वीडियो के मामले में पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी को एडिटर्स गिल्ड ने 'कानून का दुरुपयोग' और प्रेस को डराने का प्रयास बताया है। 

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बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जुड़े एक वीडियो को ट्विटर पर कथित तौर पर पोस्ट करने के मामले में यूपी पुलिस ने पत्रकार प्रशांत कनौजिया को गिरफ्तार किया था। 6 जून को पत्रकार ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक मीडिया संस्थान का वीडियो कथित तौर पर शेयर किया था। जिसमें एक लड़की खुद को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रेमिका बता रही थी।
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इस पर पत्रकार कनौजिया ने वीडियो के साथ कैप्शन दिया था कि ‘इश्क छुपता नहीं छुपाने से योगी जी। इस पर कनौजिया के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर भी दर्ज की गई। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि मुख्यमंत्री के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी कर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है। प्रशांत कनौजिया को दिल्ली में मंडावली स्थित उनके निवास से गिरफ्तार किया गया था।
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गिल्ड के अनुसार, नोएडा से संचालित टीवी चैनल नेशनल लाइव की संपादक इशिता सिंह और प्रमुख अनुज शुक्ला को भी उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिल्ड ने एक बयान में कहा, ‘‘पुलिस की कार्रवाई कठोरतापूर्ण, मनमानी और कानूनों के अधिकारवादी दुरुपयोग के समान है।’’  बयान में कहा गया कि गिल्ड इसे प्रेस को डराने-धमकाने तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का गला घोंटने के प्रयास के तौर पर देखती है।


इसमें कहा गया है कि प्राथमिकी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ ‘संबंधों’ का दावा करने वाली महिला के वीडियो को ट्विटर पर साझा करने पर आधारित है। गिल्ड ने कहा कि टीवी चैनल ने इस विषय पर वीडियो प्रसारित किया था। उसने कहा, ‘‘महिला के दावे में जो भी सचाई हो, इसे सोशल मीडिया पर डालने और एक टीवी चैनल पर प्रसारित करने के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज करना कानून का खुल्लमखुल्ला दुरुपयोग है।’’

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