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ईडी ने कसा शिकंजा: : ED ने आई-पैक के ऋषि राज सिंह को भेजा समन, हवाला लेन-देन मामले में सोमवार को होगी पूछताछ
Sun, 19 Apr 2026 10:08 PM IST
Rahul Kumar
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: Rahul Kumar
Updated Sun, 19 Apr 2026 10:08 PM IST
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आईपैक से सह संस्थापक ऋषि राज सिंह
- फोटो : आईपैक
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के डायरेक्टर ऋषि राज सिंह को हवाला लेन-देन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में 20 अप्रैल को पूछताछ के लिए समन भेजा है।
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2015 में बनी यह कंपनी कई राजनीतिक संगठनों को सलाह देती रही है, जिनमें दो चुनावी राज्यों तृणमूल कांग्रेस (पश्चिम बंगाल) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (तमिलनाडु) में सत्ता में काबिज पार्टियां भी शामिल हैं। इसके तीन संस्थापक निदेशक हैं, जिनमें सिंह, विनेश चंदेल (जिन्हें ईडी ने हाल ही में गिरफ्तार किया है) और प्रतीक जैन शामिल हैं।
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कल ईडी कार्यालय में होंगे पेश
अधिकारियों ने बताया कि सिंह को 20 अप्रैल को दिल्ली स्थित ईडी के दफ्तर में पेश होने के लिए कहा गया है। उनसे राजनीतिक दलों और अन्य संस्थाओं से मिले पैसों के कथित हवाला लेन-देन से जुड़े मामले में पूछताछ की जाएगी। उन्होंने बताया कि जब सिंह पेश होंगे, तो उनका बयान मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत दर्ज किया जाएगा।
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खातों में हेराफेरी का आरोप
इस जांच के तहत, ईडी ने 2 अप्रैल को बंगलूरू में सिंह के ठिकानों पर छापा मारा था। केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में 13 अप्रैल को दिल्ली में पूछताछ के बाद विनेश चंदेल को गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल ईडी की हिरासत में हैं।
यह जांच दिल्ली पुलिस की एक प्राथमिकी से शुरू हुई थी। यह प्राथमिकी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी के खिलाफ खातों में हेराफेरी और सिंह, चंदेल और जैन जैसे निदेशकों के जरिए बेहिसाब पैसों के लेन-देन के आरोपों पर दर्ज की गई थी।
ईडी ने पहले कहा था कि उसे इस कंपनी द्वारा कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के कई मामलों का पता चला है। इनमें हिसाब में दर्ज और बेहिसाब पैसों की प्राप्ति, बिना किसी कारोबारी साख के असुरक्षित ऋण लेना, फर्जी बिल और इनवॉइस जारी करना, तीसरे पक्षों से पैसे लेना और हवाला चैनलों के जरिए नकदी का लेन-देन शामिल है। एजेंसी ने दावा किया कि यह कंपनी करीब 50 करोड़ रुपये के अपराध से कमाए गए पैसों की मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल थी।
अधिकारियों ने बताया कि यह मामला कोयला घोटाले की जांच से जुड़ा हुआ है। कोयला घोटाला मामले में 8 जनवरी को ईडी ने जैन के ठिकानों और कोलकाता में कंपनी के दफ्तर पर छापा मारा था। इस कार्रवाई पर तब विवाद खड़ा हो गया, जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इन ठिकानों पर पहुंचीं और कुछ दस्तावेज अपने साथ ले गईं; उनका दावा था कि ईडी चुनाव की रणनीति से जुड़े दस्तावेज ले जाने की कोशिश कर रही थी। ईडी ने कलकत्ता हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री ने अपनी शक्तियों का घोर दुरुपयोग किया है, और इस घटना की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से जांच की मांग की है।