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ईडी का शिकंजा: मीडिया पोर्टल 'न्यूजक्लिक' में विदेशी फंडिंग की जांच, चीनी कनेक्शन का दावा
Sun, 18 Jul 2021 03:38 PM IST
सुरेंद्र जोशी
नई दिल्ली, एएनआई
नई दिल्ली, एएनआई
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sun, 18 Jul 2021 03:38 PM IST
सार
न्यूजक्लिक नामक न्यूज पोर्टल में विदेशी फंडिंग और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति के उल्लंघन के आरोपों को लेकर ईडी ने जांच शुरू कर दी है। भाजपा ने भी इसे लेकर आरोप लगाए हैं।
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प्रवर्तन निदेशालय
- फोटो : social media
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय ने मीडिया पोर्टल 'न्यूजक्लिक' में विदेशी निवेश और 9.59 करोड़ रुपये के मुद्रा शोधन मामले की जांच शुरू कर दी है। ईडी का आरोप है कि पोर्टल में निवेश के लिए कृत्रिम रूप से मूल्य बढ़ाकर निवेश किया गया, जो कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश एफडीआई नीति का उल्लंघन है। इस न्यूज पोर्टल का चीन से संबंध होने का भी पता चला है।
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मीडिया पोर्टल में विदेशी निवेश के लिए नियम है कि उसका सीईओ भारतीय होना चाहिए और उसमें जो भी विदेशी कर्मचारी कार्यरत हों, उनकी 60 दिन में सुरक्षा मंजूरी होना चाहिए। जांच एजेंसी के सूत्रों का कहना है कि चीन में रह रहे विदेशी नागरिक निवेली राय सिंघम ने पीपीके न्यूजक्लिक स्टूडियो प्राइवेट लि. में डब्ल्यूडब्ल्यूएम के जरिए निवेश किया है। सूत्रों का कहना है कि इस पोर्टल में जिस ढंग से विदेशी निवेश किया गया है, उससे न्यूज पोर्टल में विदेशी दखल का अंदेशा है। सिंघम श्रीलंका मूल के कारोबारी हैं।
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बता दें, सरकार ने सितंबर 2019 में डिजिटल मीडिया में 26 फीसदी तक विदेशी निवेश की इजाजत दी थी। इसके लिए सरकारी मंजूरी जरूरी है। जिनमें इससे ज्यादा विदेशी निवेश था, उन्हें घटाकर 26 फीसदी के दायरे में लाना था।
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ईडी के सूत्रों ने एएनआई को बताया कि जांच में पता चला कि कारोबारी सिंघम पीपीके न्यूजक्लिक के मुख्य निवेशक हैं और उन्होंने 28.46 करोड़ रुपये पीपीके न्यूजक्लिक स्टूडियो प्रालि में निवेश किए हैं। यह राशि विदेशों से 2018 से 2021 के बीच प्राप्त की गई।
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रोपेगेंडा से जुड़े थे सिंघम
सूत्रों का यह भी कहना है कि सिंघम कम्युनिस्ट पार्टी आफ चायना (CPC) के प्रोपेगेंडा से जुड़े रहे हैं। इसलिए ईडी इस मामलें में 'संदिग्ध धन, संदिग्ध चरित्र व चीन के कनेक्शन' का शक है, इसकी जांच की जा रही है।
ईओडब्ल्यू ने दर्ज किया था केस, फरवरी में ईडी ने मारे थे छापे
दिल्ली पुलिस के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने इस मामले में सबसे पहले केस दर्ज किया था। इसी आधार पर ईडी ने इस साल फरवरी में न्यूजक्लिक के परिसरों पर छापे मारे थे। आरोप है कि पीपीके न्यूजक्लिक स्टूडियो प्रालि. ने मेसर्स वर्ल्डवाइड मीडिया होल्डिंग्स एलएलसी यूएसए के जरिए वर्ष 2018-19 में 9.59 करोड़ रुपये का एफडीआई प्राप्त किया था। यह निवेश कंपनी के शेयर के दाम कृत्रिम रूप से बढ़ाकर किया गया। न केवल शेयरों का मूल्य बढ़ाकर निवेश किया गया, बल्कि निवेश की गई राशि की हेराफेरी व बेजा इस्तेमाल भी किया गया। सिंघम की कंपनी है वर्ल्डवाइड मीडिया हॉलिडे एलएलसी (WWM)। यह अमेरिका के डेलवेयर में पंजीकृत है। इसने न्यूजक्लिक में निवेश किया और चीन की सीपीसी ने इसके जरिए अपना पैसा लगाया।
एल्गार परिषद के आरोपी गौतम नवलखा को 20.53 लाख रुपये दिए
ईडी के सूत्रों ने कहा कि न्यूजक्लिक ने एल्गार परिषद केस के आरोपी गौतम नवलखा को फंडिंग की थी। ईडी के अनुसार नवलखा ने कथित तौर पर 20.53 लाख रुपये न्यूजक्लिक से प्राप्त किए थे। इसी तरह बप्पादित्य सिन्हा, जो कि कम्युनिस्ट पार्टी आफ इंडिया (माओवादी) के आईटी सेल के सदस्य हैं, को भी 52.09 लाख रुपये दिए गए थे।
ईडी सूत्रों ने बताया कि फरवरी में न्यूजक्लिक के एडिटर इन चीफ व डायरेक्टर प्रबीर पुरकायस्थ के निवास व घर पर मारे गए छापे के दौरान नवलखा व सिन्हा को दी गई राशि से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए थे। ईडी ने वर्तमान में नवी मुंबई की तलोजा जेल में बंद नवलखा से न्यूजक्लिक के संपादक से उनके संबंधों को लेकर पूछताछ की थी। ईडी सूत्रों का कहना है कि पुरकायस्थ व उनके सहयोगी भारत में चीन की छवि चमकाने के प्रयासों में जुटे थे।
10 रुपये का शेयर 11,510 के प्रीमियम पर बेचा गया
ईडी के सूत्रों का कहना है कि पीपीके न्यूजक्लिक का गठन अप्रैल 2018 में किया गया था। यह घाटे वाली कंपनी थी, लेकिन कंपनी ने 10 रुपये मूल्य का शेयर 11,510 रुपये के भारी भरकम प्रीमियम पर बेचा गया।
खास एजेंडे के तहत काम कर रहा था पोर्टल : संबित पात्रा
इस मामले में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि न्यूजक्लिक पोर्टल को विदेशों से फंडिंग की जा रही है। यह खास एजेंडे के तहत देश में काम कर रहा है। ये पोर्टल विदेशी टूटकिट का हिस्सा है। देश में अराजकता फैलाने की साजिश है और इसी के लिए न्यूजक्लिक की तरफ से काम किया जा रहा है। विदेशों से आए फंडों का देश के खिलाफ इस्तेमाल किया जा रहा है।