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ED: टी20 विश्व कप मैचों में सट्टेबाजी के लिए पाकिस्तानियों ने बनाई 'मैजिकविन', दुबई से फिलीपींस तक जुड़े तार
Tue, 17 Dec 2024 05:38 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Tue, 17 Dec 2024 05:38 PM IST
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क्रिकेट पुरुष टी20 विश्व कप मैचों के अवैध प्रसारण और विभिन्न ऑनलाइन सट्टेबाजी गतिविधियों का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 'मैजिकविन' यही वो ऑनलाइन सट्टेबाजी की वेबसाइट है, जिस पर करोड़ों रुपये का सट्टा लगा था। खास बात है कि 'मैजिकविन' गेमिंग की आड़ में सट्टेबाजी की ऐसी वेबसाइट है, जिसका स्वामित्व वास्तव में पाकिस्तानी नागरिकों के पास है। इस वेबसाइट का संचालन ज्यादातर दुबई में काम करने वाले या बसे भारतीय नागरिकों द्वारा किया जाता है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में यह भी पता चला है कि वेबसाइट पर दिखाए जा रहे सट्टेबाजी के खेल मूल रूप से फिलीपींस और अन्य देशों में खेले जाते हैं। वहां पर ये खेल सट्टेबाजी गतिविधियों की अनुमति देते हैं। हालांकि मूल गेम के एपीआई की नकल कर इसे 'मैजिकविन' वेबसाइट पर दोबारा से प्रसारित किया जाता है। उसके बाद सट्टेबाजी गतिविधियां संचालित की जाती हैं।बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), अहमदाबाद जोनल कार्यालय ने 'मैजिकविन' मामले में जांच शुरु की थी। यह मामला, क्रिकेट पुरुष टी20 विश्व कप मैचों के अवैध प्रसारण और विभिन्न ऑनलाइन सट्टेबाजी गतिविधियों से जुड़ा था। इस केस में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत 10 और 12 दिसंबर को दिल्ली, मुंबई और पुणे में 21 स्थानों पर छापे मारे गए थे। 'मैजिकविन' वेबसाइट, क्रिकेट पुरुष टी20 विश्व कप मैचों के अवैध प्रसारण और विभिन्न ऑनलाइन सट्टेबाजी गतिविधियों में शामिल थी। छापेमारी के दौरान, बैंक से रु. 30 लाख (लगभग) जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसी ने कई अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी जब्त किए हैं। ईडी ने मैजिकविन और अन्य के खिलाफ, साइबर अपराध पुलिस, अहमदाबाद द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी।
ईडी की जांच में पता चला कि मैजिकविन गेमिंग की आड़ में एक सट्टेबाजी वेबसाइट है, जिसका स्वामित्व वास्तव में पाकिस्तानी नागरिकों के पास है। इस वेबसाइट का संचालन ज्यादातर दुबई में काम करने वाले या बसे भारतीय नागरिकों द्वारा किया जाता है। यह भी पता चला है कि वेबसाइट पर दिखाए जा रहे सट्टेबाजी के खेल मूल रूप से फिलीपींस और अन्य देशों में खेले जाते हैं, जो सट्टेबाजी गतिविधियों की अनुमति देते हैं। हालाँकि, मूल गेम के एपीआई की नकल करके इसे मैजिकविन वेबसाइट पर फिर से प्रसारित कर सट्टेबाजी गतिविधियों को अंजाम दिया जाता है। जमा होने वाली राशि, सट्टेबाजी और निकासी को 'मैजिकविन' के मालिकों द्वारा नियंत्रित किया जाता रहा है।
ईडी जांच में यह भी पता चला है कि खिलाड़ियों/दावदारों द्वारा मैजिकविन वेबसाइट पर दर्शाए गए बैंक खातों में जमा किए गए पैसे को शेल/म्यूल बैंक खातों की विभिन्न परतों के माध्यम से डायवर्ट किया गया था। इसके अलावा मालिकों के लाभ का हिस्सा क्रिप्टो में निवेश किया गया। संपत्तियां नकद में निकाली गईं या हवाला चैनलों के माध्यम से दुबई भेजी गईं। इसके अलावा, खिलाड़ियों/बेटरों की जीती हुई राशि भुगतान, गेटवे/एग्रीगेटर्स के साथ बनाए गए विभिन्न शेल कंपनियों के व्यापारी खातों के माध्यम से उनके संबंधित बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी जाती है। जीती हुई रकम भी डोमेस्टिक मनी ट्रांसफर (डीएमटी) के माध्यम से खिलाड़ी के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी जाती है।
जांच में सामने आया है कि मैजिकविन ने भारत में एक पार्टी आयोजित की की थी। उसमें कई बी-टाउन हस्तियों ने भाग लिया। उन्होंने मैजिकविन का समर्थन किया। इन हस्तियों ने मैजिकविन के विज्ञापन के लिए वीडियो और फोटो-शूट भी किया। इसके प्रचार के लिए उसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी पोस्ट किया। गुजरात और महाराष्ट्र सहित भारत के विभिन्न हिस्सों में घर से बाहर (ओओएच) होर्डिंग्स के माध्यम से भी विज्ञापन दिए गए। जांच से पता चला कि इन सट्टेबाजी वेबसाइटों द्वारा उत्पन्न मुनाफा खिलाड़ियों द्वारा की गई कुल जमा राशि का 50% से अधिक है। ईडी, अहमदाबाद ने इस मामले में अब तक 68 जगहों पर छापेमारी की है। विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरणों के अलावा 3.55 करोड़ (लगभग) भी जब्त किए हैं।