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Electoral Bonds: फ्यूचर गेमिंग ने डीएमके को दिया सबसे ज्यादा चंदा, भाजपा ने भुनाए सबसे ज्यादा चुनावी बॉन्ड

Sun, 17 Mar 2024 03:37 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आदर्श शर्मा Updated Sun, 17 Mar 2024 03:37 PM IST
सार

निर्वाचन आयोग ने रविवार को चुनावी बॉन्ड पर ताजा डेटा सार्वजनिक किया, जिसे सीलबंद कवर में सुप्रीम कोर्ट में जमा किया था। चुनावी बॉन्ड के सबसे बड़े खरीदार फ्यूचर गेमिंग और होटल सर्विसेज ने तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी डीएमके को 509 करोड़ रुपये का चंदा दिया है। जानें किस पार्टी को कितना चंदा मिला है। 

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ECI has uploaded data received in digitized form from Supreme Court on electoral bonds on its website
अमर उजाला - फोटो : अमर उजाल

विस्तार

चुनावी बॉन्ड के सबसे बड़े खरीदार फ्यूचर गेमिंग और होटल सर्विसेज ने तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी डीएमके को 509 करोड़ रुपये का चंदा दिया है। निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों ने रविवार को इस बात का खुलासा हुआ। 
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जानें किस पार्टी को कितना चंदा मिला
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, चुनावी बॉन्ड के जरिए भाजपा को सबसे ज्यादा 6,986 करोड़ रुपये का चंदा मिला। गौरतलब है कि भाजपा को अन्य राजनीतिक दलों के मुकाबले सबसे ज्यादा चंदा मिला है। उसके बाद पश्चिम बंगाल की टीएमसी को 1397 करोड़ रुपये दान में मिले। वहीं कांग्रेस को 1334 करोड़ और बीआरएस को 1322 करोड़ का चंदा मिला। 
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चुनावी बॉन्ड भुनाने में क्षेत्रीय पार्टियां भी पीछे नहीं
अन्य क्षेत्रीय पार्टियों पर नजर डाली जाए तो ओडिशा की बीजू जनता दल (बीजेडी) को 944.5 करोड़ रुपये को चुनावी बॉन्ड के जरिए दान में मिले। डीएमके को 656.5 करोड़ रुपये और वाईएसआर कांग्रेस को 442.8 करोड़ का चंदा मिला। वहीं जद (एस) को 89.75 करोड़ रुपये के चंदा मिले, जिसमें चुनावी बॉन्ड की दूसरी सबसे बड़े खरीदार मेघा इंजीनियरिंग से 50 करोड़ रुपये भी शामिल हैं।
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टीडीपी ने 181.35 करोड़ रुपये, शिवसेना ने 60.4 करोड़ रुपये, राजद ने 56 करोड़ रुपये, समाजवादी पार्टी ने चुनावी बॉन्ड के जरिए 14.05 करोड़ रुपये, अकाली दल ने 7.26 करोड़ रुपये, एआईएडीएमके ने 6.05 करोड़ रुपये, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 50 लाख रुपये के बॉन्ड भुनाए।

फ्यूचर गेमिंग  ने दिया सबसे ज्यादा चंदा
लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन का फ्यूचर गेमिंग 1,368 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड का सबसे बड़ा खरीदार था, जिसमें से लगभग 37 प्रतिशत डीएमको के खाते में गया। डीएमके के अन्य प्रमुख दानदाताओं में मेघा इंजीनियरिंग के 105 करोड़ रुपये, इंडिया सीमेंट्स के 14 करोड़ रुपये और सन टीवी के 100 करोड़ रुपये शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे निर्देश
दरअसल, भारतीय स्टेट बैंक ने 2018 में योजना की शुरुआत के बाद से 30 किस्तों में 16,518 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड जारी किए हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई को 12 अप्रैल 2019 से खरीदे गए चुनावी बॉन्ड की जानकारी निर्वाचन आयोग को सौंपने का निर्देश दिया था। एसबीआई चुनावी बॉन्ड जारी करने के लिए अधिकृत वित्तीय संस्थान है।

एसबीआई ने सौंपा था डेटा
एसबीआई ने मंगलवार शाम को उन संस्थाओं का विवरण चुनाव आयोग को सौंपा था, जिन्होंने चुनावी बॉन्ड खरीदे थे और राजनीतिक दलों ने उन्हें भुनाया था। शीर्ष अदालत के आदेश के मुताबिक, निर्वाचन आयोग को 15 मार्च शाम पांच बजे तक बैंक द्वारा साझा की गई जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित करनी थी।


SBI ने हलफनामे में क्या कहा?
इससे पहले एसबीआई ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के सामने एक हलफनामा दायर किया था, जिसमें बताया गया कि एक अप्रैल 2019 से इस साल 15 फरवरी के बीच दानदाताओं ने कुल 22,217 चुनावी बॉन्ड खरीदे, जिनमें से 22,030 को राजनीतिक दलों ने भुनाया। हलफनामे में बताया गया कि प्रत्येक चुनावी बॉन्ड की खरीद की तारीख, खरीदार के नाम और खरीदे गए बॉन्ड के मूल्यवर्ग सहित विवरण प्रस्तुत किए गए हैं।
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