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राजीव कुमार और सीएम योगी के बयान से आयोग खफा, कहा- भविष्य में सावधानी रखें
Sat, 06 Apr 2019 03:44 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Sat, 06 Apr 2019 03:44 AM IST
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योगी आदित्यनाथ (फाइल)
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समझा जाता है कि चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनके ‘मोदीजी की सेना’ वाले बयान के लिए हल्की नाराजगी जताते हुए छोड़ दिया है और भविष्य में उन्हें अपनी टिप्पणियों में सावधानी बरतने को कहा है। सूत्रों के मुताबिक योगी के बयान से चुनाव आयोग संतुष्ट नहीं था और उसने उनसे कहा कि भविष्य में अपने बयानों में अधिक सावधानी बरतें।
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उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने आदित्यनाथ से यह भी कहा कि वरिष्ठ राजनेता और महत्वपूर्ण पद काबिज होने के नाते उनके बयान में उनका कद झलकना चाहिए। चुनाव आयोग ने रविवार को गाजियाबाद की एक सभा में योगी आदित्यनाथ के बयान की वीडियो क्लिप के आधार पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। योगी ने वहां अपने भाषण में कहा था, ‘‘कांग्रेस के लोग आतंकवादियों को बिरयानी खिलाते हैं और मोदी जी की सेना आतंकवादियों को गोली और गोला देती है।’’
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न्याय योजना पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष के बयान से आचार संहिता का उल्लंघन हुआ : चुनाव आयोग
चुनाव आयोग ने कांग्रेस के चुनावी वादे के रूप में घोषित ‘न्याय योजना’ की नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार द्वारा की गयी आलोचना को चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया है। आयोग ने उन्हें इस मामले में भविष्य में ‘‘सतर्कता’’ बरतने की नसीहत दी है।
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चुनाव आयोग ने शुक्रवार को कुमार के जवाब को असंतोषजनक बताते हुये कहा कि उनका बयान निर्वाचन नियमों का उल्लंघन करता है। आयोग ने कुमार के बयान से चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत पर जारी आदेश में यह बात कही है।
उल्लेखनीय है कि कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा घोषित न्याय योजना के तहत देश के 20 करोड़ निर्धन परिवारों को न्यूनतम आय के रूप में सालाना 72 हजार रुपये देने की आलोचना करते हुये इसे देश की अर्थव्यवस्था के लिये नुकसानदायक बताया था।
बतौर लोकसेवक, उनके बयान से आचार संहिता का उल्लंघन होने की शिकायत पर आयोग द्वारा जारी नोटिस के जवाब में दो अप्रैल को कुमार ने कहा था कि उन्होंने न्याय योजना के बारे में अर्थशास्त्री के तौर पर अपनी निजी राय व्यक्त की थी। कुमार ने कहा था कि उन्होंने नीति आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में बयान नहीं दिया था।
आयोग ने कुमार के जवाब पर नाखुशी जाहिर करते हुये कहा कि चुनाव आचार संहिता के प्रावधान प्रत्येक लोकसेवक से निर्वाचन प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किये जाने की अपेक्षा करते हैं। इसके लिये लोकसेवकों को तटस्थ रवैया अपनाना चाहिये, जिससे चुनाव प्रक्रिया के सभी पक्षकारों के मन में कोई भ्रम पैदा न हो।
आयोग ने कहा, ‘‘आयोग इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि आपके (राजीव कुमार) बयानों से आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है। इसके मद्देनजर आयोग इस पर अपनी नाखुशी जाहिर करते हुये अपेक्षा करता है कि भविष्य में आप इस बारे में सतर्कता बरतेंगे।’’