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कामयाबी: सुपरसोनिक मिसाइल असिस्टेड टॉरपीडो का सफल परीक्षण, युद्धक क्षमताओं में होगा इजाफा

Mon, 13 Dec 2021 04:06 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालासोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालासोर Published by: गौरव पाण्डेय Updated Mon, 13 Dec 2021 04:06 PM IST
सार

देश की समुद्री युद्धक क्षमताओं में और मजबूती का संकेत देते हुए डीआरडीओ ने सुपरसोनिक मिसाइल से लैस टॉरपीडो का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है।

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DRDO successfully carried out a long range Supersonic Missile Assisted Torpedo SMART off coast of Balasore in Odisha
सुपरसोनिक मिसाइल असिस्टेड तारपीडो का सफल परीक्षण - फोटो : एएनआईृ/वीडियोग्रैब

विस्तार

रक्षा विकास एवं अनुसंधान संगठन (डीआरडीओ) ने सोमवार को ओडिशा में बालासोर तट पर एक लंबी रेंज के सुपरसोनिक मिसाइल असिस्टेड टॉरपीडो (SMART) का सफल परीक्षण किया। डीआरडीओ ने कहा कि इस प्रणाली को पनडुब्बी रोधी युद्धक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है जो पारंपरिक टॉरपीडो की रेंज से कहीं अधिक हैं।

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यह एक अगली पीढ़ी की मिसाइल आधारित टॉरपीडो डिलिवरी प्रणाली है। डीआरडीओ ने बताया कि परीक्षण के दौरान मिसाइल की सभी क्षमताओं का सफलतापूर्वक प्रदर्शन देखने को मिला। इस उन्नत मिसाइल प्रणाली के लिए डीआरडीओ की कई प्रयोगशालाओं ने विभिन्न प्रौद्योगिकियां विकसित की हैं। नौसेना को जल्द की इसकी सौगात मिल सकती है।

दो दिन पहले किया था स्वदेशी टैंक रोधी मिसाइल का परीक्षण
इस महत्वपूर्ण परीक्षण से दो दिन पहले ही डीआरडीओ और वायु सेना ने स्वदेश में तैयार और विकसित टैंक रोधी मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। यह परीक्षण पोखरण रेंज में हुआ था। इस टैंक रोधी मिसाइल की खास बात यह है कि इसे हेलिकॉप्टर से लॉन्च किया जा सकता है। स्वदेशी हथियार प्रणालियों का हाल के समय में यह तीसका परीक्षण था।


जानिए क्या है स्मार्ट: मिसाइल और तारपीडो, दोनों की खूबियां
यह एक तरह की सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल है। इसके साथ एक कम वजन का टॉरपीडो लगा है जो पेलोड की तरह इस्तेमाल होता है। दोनों मिलकर इसे एक सुपरसोनिक एंटी-सबमरीन मिसाइल बना देते हैं यानी इसमें मिसाइल के फीचर्स भी मिलेंगे और पनडुब्बी नष्ट करने की क्षमता भी। पूरी तरह तैयार होने पर इसकी रेंज 650 किलोमीटर होगी।

इतनी ज्यादा रेंज वाली प्रणाली की मौजूदगी भारतीय नौसेना को दुनिया की सबसे खतरनाक नौसेनाओं की सूची में और ऊपर पहुंचा देगी। उल्लेखनीय है कि देश के पास वरुणास्त्र नामक एक पनडुब्बी रोधी टॉरपीडो पहले से है जो जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) की मदद से अपने लक्ष्य को भेद सकता है। स्मार्ट इसकी तुलना में काफी हल्का है।

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