फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   DNPA Conclave: Verified news ecosystem should get a boost to stop fake news, internet should become safe

DNPA Conclave: फेक न्यूज रोकने के लिए वैरिफाइड न्यूज ईकोसिस्टम को मिले बढ़ावा, इंटरनेट बने सभी के लिए सुरक्षित

Tue, 06 Feb 2024 01:02 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 06 Feb 2024 01:02 PM IST
विज्ञापन
सार
DNPA के चेयरमैन और अमर उजाला के एमडी तन्मय माहेश्वरी ने समारोह की शुरुआत करते हुए कहा कि डिजिटल न्यूज, पब्लिशर्स और एसोसिएशंस डिजिटल मीडिया की ग्रोथ को बढ़ावा देने और देश में डिजिटल न्यूज का ईकोसिस्टम बनाने के लिए है। डीएनपीए को बनाने का सिर्फ एक ही मकसद है, वह यह कि डिजिटल न्यूज ईकोसिस्टम को प्रमोट किया जाए...
loader
DNPA Conclave: Verified news ecosystem should get a boost to stop fake news, internet should become safe
Rajeev Chandrasekhar speaks at the conclave. - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

भारतीय मीडिया में लगातार बदलते परिदृश्य को देखते हुए डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (DNPA) ने मंगलवार को डीएनपीए कॉन्क्लेव एंड अवार्ड्स 2024 का आयोजन किया। राजधानी के शांगरी-ला होटल में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में इंडस्ट्री के दिग्गज शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा, डिजिटल मीडिया का दायरा बहुत बड़ा है। ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सबसे पहले सूचनाएं इसी प्लेटफार्म से पहुंचती हैं। सरकार ने आईटी के जो नए कानून बनाए हैं, वे सभी उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर बनाए हैं। हमारी सरकार इंटरनेट को सुरक्षित  जगह बनाना चाहती है, ताकि किसी भी प्रकार के अपराध से बचा जा सके। इंटरनेट प्लेटफॉर्म जो लोगों का डाटा उपयोग करना चाहते हैं वो डाटा तो ले सकेंगे लेकिन उन्हें उसे इस्तेमाल करने के बाद उसे खत्म भी करना होगा। जो प्लेटफॉर्म ऐसा नहीं करेंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। हम भारत में सुरक्षित AI चाहते हैं, जो पूरी तरह से सुरक्षित हो। सरकार चाहती है कि इंटरनेट सभी के लिए ओपन हो। किसी का एकछत्र राज न हो। एक लाख करोड़ का बजट शोध और नवाचार के लिए रखा है, ताकि हम नई प्रतिभा को आगे ला सकें।



कृत्रिम बुद्धिमत्ता का नकारात्मक असर नहीं होगा
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने अपने प्रमुख उद्बोधन में कहा कि आज के तकनीकी युग में फर्जी समाचारों से बचने की आवश्यकता है। ऐसी खबरों से समाचार जगत की विश्वसनीयता कमजोर होती है। इससे हर हाल में बचा जाना चाहिए। नई तकनीक आने पर कुछ लोगों को अपने भविष्य को लेकर चिंता होती है, लेकिन अब तक के अनुभव बताते हैं कि नई तकनीक आने से काम में सुधार ही आता है। टीवी के आने के बाद भी समाचार पत्रों का महत्व बना हुआ है। इसी प्रकार डिजिटल मीडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के आने से भी कोई नकारात्मक असर नहीं होगा। इस समय देश में बहुत कुछ अच्छा हो रहा है। अलग-अलग क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय स्तर के उत्कृष्ट कार्य हो रहे हैं। देश के मीडिया को इन कार्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

DNPA के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमर उजाला के एमडी तन्मय माहेश्वरी
DNPA के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमर उजाला के एमडी तन्मय माहेश्वरी - फोटो : Amar Ujala

DNPA के चेयरमैन और अमर उजाला के एमडी तन्मय माहेश्वरी ने समारोह की शुरुआत करते हुए कहा कि डिजिटल न्यूज, पब्लिशर्स और एसोसिएशंस डिजिटल मीडिया की ग्रोथ को बढ़ावा देने और देश में डिजिटल न्यूज का ईकोसिस्टम बनाने के लिए है। डीएनपीए को बनाने का सिर्फ एक ही मकसद है, वह यह कि डिजिटल न्यूज ईकोसिस्टम को प्रमोट किया जाए। इसकी मदद से वैरिफाइड न्यूज कल्चर को प्रमोट किया जाए। साथ ही, फेक न्यूज को रोका जाए। सही और वैरिफाइड न्यूज ईकोसिस्टम हमारे लोकतंत्र का मूलभूत आधार है। ऐसे में हमें अपना पूरा प्रयास इस ईकोसिस्टम को विकसित करने में लगाना चाहिए। हमने ये सुनिश्चित किया कि लोगों तक अच्छा कंटेंट पहुंचे, चाहे वह टेक्स्ट फॉर्मेट में हो या फिर ऑडियो या वीडियो फॉर्मेट में। आज इस कार्यक्रम में देश के जाने माने मीडिया संस्थानों के लोग मौजूद हैं। डीएनपीए परिवार का अहम हिस्सा होने के नाते हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि अपने नैतिक मूल्यों से हम कभी समझौता नहीं कर सकते हैं। हमारी सरकार भी तेजी से डिजिटल के क्षेत्र में काम कर रही है। यही वजह है कि आज पूरी दुनिया में हमारी डिजिटल ताकत की चर्चा है।

उन्होंने आगे कहा कि आज इंटरनेट पर आधे से ज्यादा पर जानकारियां हैं। सोचिये अगर कोई युवा किसी भी जानकारी के लिए इंटरनेट पर जा रहा है और वहां वह गलत या फेक जानकारी के जाल में फंस जाएगा, तो फिर क्या होगा? साल 2020 के एक डाटा के मुताबिक फेसबुक पर 1.8 मिलियन इंगेजमेंट गलत खबरों का आया है। कोविड-19 को लेकर 18 मिलियन लेख इंटरनेट पर डाले गए हैं। कल्पना कीजिए कि आज दुनिया अगर बगैर न्यूज के हो, तो क्या होगा। विश्व ऐसा दिन कभी नही देखना चाहेगा। हम सभी मिलकर ऐसा काम करें, जो सच्चाई के रास्ते पर लेकर जाए।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण समाचार जगत को कोई खतरा नहीं : कृष्णन
केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि हमें नहीं लगता कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण रिपोर्टिंग या समाचार जगत को कोई खतरा है, बल्कि इसका सही उपयोग करके डिजिटल समाचार की गुणवत्ता को बढ़ाया जा सकता है। इसके पहले भी कई तकनीकी क्रांतियां हुई हैं और उस समय भी इनके असर को लेकर लोगों ने चिंता व्यक्त की थी, लेकिन अनुभव बताता है कि इनसे कामकाज की गुणवत्ता में लगातार सुधार हुआ है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बावजूद बनी रहेगी प्रतिभा की अहमियत
‘आज के समय में पत्रकारिता’ विषय पर नलिन मेहता और प्रसाद सान्याल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के आने से संवाददाताओं के कामकाज का तरीका आसान हो जाएगा। एआई की मदद से वे पहले से बेहतर और ज्यादा काम कर पाएंगे। हालांकि, रिपोर्ट लिखने की उनकी प्रतिभा की अहमियत बनी रहेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed