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कालका-शिमला की दूरी सिमटेगी, छह घंटे की जगह तीन घंटे का सफर होगा

Tue, 04 Sep 2018 02:32 AM IST
नवनीत शरण, नई दिल्ली
नवनीत शरण, नई दिल्ली Updated Tue, 04 Sep 2018 02:32 AM IST
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distance between shimla-kalka to be shortened by speed and technique
टॉय ट्रेन, कालका टू शिमला - फोटो : file photo

कालका-शिमला की हसीन वादियों का नजारा अब आप तीन घंटे में कर सकेंगे। रेलवे ने 96 किलोमीटर की लंबी दूरी को महज तीन घंटे में पूरा कराने की कवायद में जुटा है। रेल की पटरी को बिना बदले इस ट्रैक पर तेज रफ्तार से चलने वाली ट्रेन चलाई जाएगी। 

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ये ट्रैन ऐसी होगी जो 48 डिग्री के तीव्र घुमाव वाले ट्रैक पर भी धीमी नहीं होगी। इसके साथ ही रेलवे जल्द ही इस ट्रैक पर चार ऐसी कोच उतारेगा जो पूरे तरह से पारदर्शी होंगी। यात्री इस कोच में बैठकर कालका-शिमला के बीच की मनोरम दृश्य को बखूबी देख सकेंगे। 
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पिछले दिनों कालका-शिमला रेल रूट का निरीक्षण करने पहुंचे रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इस ट्रैक पर चलने वाली गाड़ियों का समय छह से घटा कर तीन घंटे करने की संभावनाएं तलाशने को कहा था। इस आदेश के बाद रेलवे ने निर्णय लिया है कि बिना ट्रैक में बदलाव किए ऐसी ट्रेन इस ट्रैक पर उतारी जाए जिसकी रफ्तार ना तो सुरंग में कम हो, ना तीव्र घुमाव पर कम हो और ना ही घाटियों में। 
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उत्तर रेलवे के प्रिंसिपल मेकेनिकल इंजीनियर अरुण अरोड़ा ने बताया कि इस रूट पर तेज गति से चलने वाली ट्रेन की तालाश की जा रही है। पूरे ट्रैक का ना तो रूट बदला जा सकता है और ना ही ट्रैक। इसे ही देखते हुए जल्द ही हमलोग ग्लोबल टेंडर जारी करेंगे। जो भी कंपनी इस ट्रैक पर तेज गति से चलने वाली ट्रेन लेकर आएगी उसे ही यह काम दिया जाएगा। स्वत: टिल्टिंग वाली ट्रेन यानी तीव्र मोड़ पर अपना संतुलन बिना खोए रफ्तार से चलती रहे।  

उधर, इसकेपहले भी रेलवे ने शिमला से सॉगी के बीच रफ्तार बढ़ाने के लिए ट्रैक को बेहतर करने का काम शुरू कर दिया है। 22 किलोमीटर के इस लंबे ट्रैक पर चकरेल डाला जा रहा है। चकरेल से फायदा यह होगा कि तेज रफ्तार से चलने वाली ट्रेन तीव्र घुमाव पर अपना संतुलन बरकरार रखेगा। रेलवे अधिकारियों को उम्मीद है कि चकरेल तकनीक से इस रूट पर ट्रेन 30-33 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने लगेगी।  


विषम परिस्थितियों में चलती है इस रूट पर ट्रेन 

कालका-शिमला रूट पर ट्रेन विषम परिस्थितियों में चलती है। 96 किलोमीटर ट्रैक में 917 घुमावदार ट्रैक है। इनमें कई ऐसे ट्रैक है जो 48 डिग्री के तीव्र घुमावदार वाले है। इसके अलावा 102 सुरंग, 988 पुल से ट्रेन गुजरती है। पूरा ट्रैक समुद्र से 2075 मीटर की ऊंचाई पर निर्मित है। 

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