{"_id":"5bad4063867a55239a792cf9","slug":"disagreements-were-made-by-officials-who-signed-the-cabinet-note-of-rafale-deal","type":"story","status":"publish","title_hn":"असहमति जताने वाले अधिकारी ने ही किए थे राफेल सौदे के कैबिनेट नोट पर हस्ताक्षर : सीतारमण","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
असहमति जताने वाले अधिकारी ने ही किए थे राफेल सौदे के कैबिनेट नोट पर हस्ताक्षर : सीतारमण
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Fri, 28 Sep 2018 02:11 AM IST
विज्ञापन
रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट को खारिज करते हुए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को कहा कि राफेल की कीमतों पर असहमति जताने वाले अधिकारी ने ही इस सौदे पर कैबिनेट को भेजे गए नोट पर हस्ताक्षर किए थे। इसी आधार पर कैबिनेट ने करार को मंजूरी थी। उन्होंने इस दावे को भी गलत करार दिया कि उक्त अधिकारी को छुट्टी पर भेज दिया गया।
रिपोर्ट में कहा गया था कि राफेल सौदे के बारे में फ्रांस से वार्ता करने वाली समिति के सदस्य रहे संयुक्त सचिव और खरीद प्रबंधक राजीव वर्मा ने राफेल की बेंचमार्क कीमत को लेकर सवाल उठाया था और लिखित असहमति दर्ज कराई थी। हालांकि बाद में महानिदेशक खरीद ने असहमति को खारिज कर दिया था। रक्षा मंत्री ने कहा कि किसी भी सौदे पर सभी संबंधित अधिकारियों की राय दर्ज की जाती है और बाद में सामूहिक निर्णय लिया जाता है।
अधिकारी ने अपनी टिप्पणी भले ही लिखी हो लेकिन कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजे गए नोट पर भी इसी अधिकारी ने हस्ताक्षर किए थे। अधिकारी को छुट्टी पर भेजने पर उन्होंने कहा कि अधिकारी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण के लिए विदेश गए थे। वहीं कांग्रेस के आरोपों पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मूल एजेंडा राफेल सौदे को रद्द कराना है।
विज्ञापन
वहीं आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि राफेल सौदे में सरकार ने सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया है। साथ ही उन्होंने भी एक वरिष्ठ अधिकारी की असहमति संबंधी मीडिया रिपोर्ट को खारिज किया। उन्होंने दावा किया कि रिपोर्ट में कई तथ्यात्मक खामियां हैं।
विज्ञापन
रिपोर्ट में कहा गया था कि राफेल सौदे के बारे में फ्रांस से वार्ता करने वाली समिति के सदस्य रहे संयुक्त सचिव और खरीद प्रबंधक राजीव वर्मा ने राफेल की बेंचमार्क कीमत को लेकर सवाल उठाया था और लिखित असहमति दर्ज कराई थी। हालांकि बाद में महानिदेशक खरीद ने असहमति को खारिज कर दिया था। रक्षा मंत्री ने कहा कि किसी भी सौदे पर सभी संबंधित अधिकारियों की राय दर्ज की जाती है और बाद में सामूहिक निर्णय लिया जाता है।
विज्ञापन
अधिकारी ने अपनी टिप्पणी भले ही लिखी हो लेकिन कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजे गए नोट पर भी इसी अधिकारी ने हस्ताक्षर किए थे। अधिकारी को छुट्टी पर भेजने पर उन्होंने कहा कि अधिकारी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण के लिए विदेश गए थे। वहीं कांग्रेस के आरोपों पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मूल एजेंडा राफेल सौदे को रद्द कराना है।
विज्ञापन
वहीं आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि राफेल सौदे में सरकार ने सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया है। साथ ही उन्होंने भी एक वरिष्ठ अधिकारी की असहमति संबंधी मीडिया रिपोर्ट को खारिज किया। उन्होंने दावा किया कि रिपोर्ट में कई तथ्यात्मक खामियां हैं।