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वाह रे व्यवस्था: मुंबई के विवाह रजिस्ट्रार कार्यालय पर भड़की दिव्यांग दुल्हन; फडणवीस ने दिया कार्रवाई का भरोसा

Thu, 19 Oct 2023 04:51 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Thu, 19 Oct 2023 04:51 PM IST
सार

रजिस्ट्रार कार्यालय की पोल खोलने वाले विराली मोदी के इस पोस्ट को कई बार यूजर्स को रीट्वीट किया गया है। जिसके बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि वह इस मुद्दे पर गौर करेंगे।

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Disabled woman carried up to marriage registrar's second-floor office as building has no lift
महिला अधिकार कार्यकर्ता विराली मोदी। - फोटो : सोशल मीडिया।

विस्तार

तेजी से आधुनिकता की ओर बढ़ते भारत में कभी-कभी कुछ ऐसे वाकये सामने आ जाते हैं, जो कई तरहके सवाल खड़े कर देते हैं। ताजा मामला देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई नगरी का है। यहां एक विकलांग दुल्हन के साथ कुछ ऐसा हुआ जिसने लोगों को सोचनें पर मजबूर कर दिया है। विकलांगता अधिकार कार्यकर्ता विराली मोदी ने मुंबई में एक विवाह रजिस्ट्रार ऑफिस में अपने बुरे अनुभव को एक्स पर शेयर किया है। उनके ट्वीट पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विराली को आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे पर गौर करेंगे।

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विराली ने शेयर किया अपना अनुभव
खुद को विकलांग अधिकार कार्यकर्ता बताने वाली विराली मोदी ने बुधवार को सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में उन्होंने बताया कि वह 16 अक्तूबर को मुंबई के खार में रजिस्ट्रार कार्यालय में शादी करने गई थी, लेकिन कार्यालय दूसरी मंजिल पर था। वहां विकलांग लोगों के जाने के लिए कोई उपाय नहीं किए गए थे। इतना ही नहीं कार्यालय में लिफ्ट भी नहीं थी। ऐसे में उन्होंने विवाह की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए अधिकारियों से नीचे आने का आग्रह किया। लेकिन किसी अधिकारी ने इससे इनकार कर दिया। विराली ने बताया कि कार्यालय में लिफ्ट नहीं होने वजह से उन्हें ऊपर जाने में काफी मुश्किल हुई। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रार कार्यालय की सीढ़ियां भी खड़ी थीं। साथ ही रेलिंग की भी हालत ठीक नहीं थी।   
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एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने सवाल करते हुए कहा, "यह कैसे उचित है? सुगम्य भारत अभियान का क्या हुआ? सिर्फ इसलिए कि मैं व्हीलचेयर उपयोगकर्ता हूं, क्या मुझे उस व्यक्ति से शादी करने का अधिकार नहीं है जिससे मैं प्यार करती हूं? अगर वहां कोई फिसल गया होता तो क्या होता और अगर मैं अपने गिर जाती तो क्या होता? इसका कौन जिम्मेदार है?" उन्होंने आगे कहा, "मैं निराश हूं कि मेरे देश की सरकार और नागरिक मेरी विकलांगता को स्वीकार नहीं कर सकते। इस कठिन परीक्षा से मानवता में मेरा विश्वास नष्ट हो गया है। मैं कोई सामान नहीं हूं जिसे दो मंजिल तक ले जाना पड़े। मैं एक इंसान हूं और मेरी अधिकार मायने रखते हैं!"
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डिप्टी सीएम फड़नवीस ने जताया दुख
रजिस्ट्रार कार्यालय की पोल खोलने वाले उनके इस पोस्ट को कई बार यूजर्स को रीट्वीट किया गया है। जिसके बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि वह इस मुद्दे पर गौर करेंगे। फड़नवीस ने कहा कि उन्हें जो कुछ झेलना पड़ा, उसके लिए उन्हें खेद है। फड़नवीस ने उन्हें विवाह की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप दोनों को सुखी और सुंदर वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं! साथ ही आपको हुई असुविधा के लिए मुझे वास्तव में खेद है। मैंने व्यक्तिगत रूप से इसका संज्ञान लिया है और सुधारात्मक एवं उचित कार्रवाई करूंगा।


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