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DGCA Airport Surveillance: देश के कई हवाई अड्डों की डीजीसीए ने जांच की; विमानन प्रणाली में मिली में कई खामियां
Tue, 24 Jun 2025 05:19 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 24 Jun 2025 05:19 PM IST
सार
DGCA Airport Surveillance: अहमदाबाद विमान हादसे और हवाई सेवाओं से जुड़ी तमाम घटनाओं के बाद देश के प्रमुख हवाई अड्डों और एयरलाइंस की हाल ही में की गई निगरानी के दौरान विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कई गंभीर खामियों का पता लगाया है। डीजीसीए ने इन खामियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ऑपरेटरों को सात दिनों के भीतर जरूरी सुधार करने के निर्देश दिए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
विस्तार
देश के बड़े हवाईअड्डों पर निगरानी के दौरान विमानन नियामक संस्था डीजीसीए ने कई खामियों का पता लगाया है। एक आधिकारिक बयान में डीजीसीए ने बताया कि एविएशन इकोसिस्टम यानी विमानन प्रणाली में कई स्तरों पर लापरवाही और खराब रखरखाव की समस्याएं पाई गई हैं। जानकारी के मुताबिक, इस निगरानी में उड़ान संचालन, उड़ान योग्यता, रैम्प सुरक्षा, वायु यातायात नियंत्रण (एटीसी), संचार, नेविगेशन और निगरानी (सीएनएस) प्रणालियां, और उड़ान-पूर्व चिकित्सा मूल्यांकन जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल थे।
रनवे और टैक्सीवे की स्थिति चिंताजनक
डीजीसीए की जांच में सामने आया कि कई हवाईअड्डों पर रनवे के बीच की लाइनें धुंधली हो चुकी हैं, जिससे विमानों को उतरने और उड़ान भरने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा, रैपिड एग्जिट टैक्सीवे पर लगी हरी लाइटें एक दिशा में नहीं जल रही थीं, जो विमान संचालन के लिहाज से एक बड़ी तकनीकी कमी मानी जाती है।
यह भी पढ़ें - अहमदाबाद विमान हादसा: तीसरे दिन भी मलबा हटाने का काम जारी, एएआईबी और एनटीएसबी तेजी से कर रहे हैं जांच
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एक घरेलू फ्लाइट टायर्स घिसने के कारण रुकी
इस निगरानी के दौरान एक घटना में एक घरेलू एयरलाइन की उड़ान सिर्फ इसलिए रोकी गई क्योंकि विमान के टायर जरूरत से ज्यादा घिस चुके थे। डीजीसीए ने बताया कि जरूरी मरम्मत के बाद ही विमान को उड़ान की अनुमति दी गई।
कई विमानों में बार-बार वही खराबियां पाई गईं
डीजीसीए के मुताबिक, कई मामलों में विमानों में पहले जो खराबियां पाई गई थीं, वे फिर से सामने आईं, जिससे यह साफ होता है कि मरम्मत या सुधार के काम ठीक से नहीं किए गए थे।
दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट के साथ-साथ कई एयरपोर्ट की निगरानी
संयुक्त महानिदेशक के नेतृत्व में दो टीमों ने दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डों समेत प्रमुख हवाई अड्डों पर रात और सुबह के समय निगरानी की। निगरानी निष्कर्षों के बारे में एक विस्तृत बयान में, डीजीसीए ने कई मामलों को सूचीबद्ध किया, जिसमें रिपोर्ट की गई खामियां विमान में कई बार फिर से दिखाई दीं, जो अप्रभावी निगरानी और अपर्याप्त सुधार का संकेत देती हैं।
यह भी पढ़ें - Air India: एअर इंडिया ने फिर शुरू की पश्चिम एशिया-यूरोप की उड़ानें, ट्रंप के संघर्षविराम के एलान का दिखा असर
डीजीसीए ने दी कड़ी चेतावनी
डीजीसीए ने कहा है कि इस तरह की गड़बड़ियों से यात्रियों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है, और एयरलाइनों को चेतावनी दी गई है कि वे विमान और एयरपोर्ट के रखरखाव में कोई लापरवाही न करें। वहीं इस जांच के बाद ये उम्मीद है कि सरकार अब एयरपोर्ट्स और एयरलाइंस की निगरानी और सख्त करेगी, ताकि ऐसी तकनीकी खामियां समय पर सुधारी जा सकें और यात्रियों की सुरक्षा को कोई खतरा न हो।
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रनवे और टैक्सीवे की स्थिति चिंताजनक
डीजीसीए की जांच में सामने आया कि कई हवाईअड्डों पर रनवे के बीच की लाइनें धुंधली हो चुकी हैं, जिससे विमानों को उतरने और उड़ान भरने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा, रैपिड एग्जिट टैक्सीवे पर लगी हरी लाइटें एक दिशा में नहीं जल रही थीं, जो विमान संचालन के लिहाज से एक बड़ी तकनीकी कमी मानी जाती है।
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एक घरेलू फ्लाइट टायर्स घिसने के कारण रुकी
इस निगरानी के दौरान एक घटना में एक घरेलू एयरलाइन की उड़ान सिर्फ इसलिए रोकी गई क्योंकि विमान के टायर जरूरत से ज्यादा घिस चुके थे। डीजीसीए ने बताया कि जरूरी मरम्मत के बाद ही विमान को उड़ान की अनुमति दी गई।
कई विमानों में बार-बार वही खराबियां पाई गईं
डीजीसीए के मुताबिक, कई मामलों में विमानों में पहले जो खराबियां पाई गई थीं, वे फिर से सामने आईं, जिससे यह साफ होता है कि मरम्मत या सुधार के काम ठीक से नहीं किए गए थे।
दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट के साथ-साथ कई एयरपोर्ट की निगरानी
संयुक्त महानिदेशक के नेतृत्व में दो टीमों ने दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डों समेत प्रमुख हवाई अड्डों पर रात और सुबह के समय निगरानी की। निगरानी निष्कर्षों के बारे में एक विस्तृत बयान में, डीजीसीए ने कई मामलों को सूचीबद्ध किया, जिसमें रिपोर्ट की गई खामियां विमान में कई बार फिर से दिखाई दीं, जो अप्रभावी निगरानी और अपर्याप्त सुधार का संकेत देती हैं।
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डीजीसीए ने दी कड़ी चेतावनी
डीजीसीए ने कहा है कि इस तरह की गड़बड़ियों से यात्रियों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है, और एयरलाइनों को चेतावनी दी गई है कि वे विमान और एयरपोर्ट के रखरखाव में कोई लापरवाही न करें। वहीं इस जांच के बाद ये उम्मीद है कि सरकार अब एयरपोर्ट्स और एयरलाइंस की निगरानी और सख्त करेगी, ताकि ऐसी तकनीकी खामियां समय पर सुधारी जा सकें और यात्रियों की सुरक्षा को कोई खतरा न हो।
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1. बार-बार सामने आ रही तकनीकी खामियां
डीजीसीए की रिपोर्ट में कहा गया है कि कई विमानों में पहले दर्ज की गई खामियां बार-बार सामने आ रही हैं। इससे साफ होता है कि इन खामियों की सही निगरानी नहीं हो रही और मरम्मत कार्य भी ठीक से नहीं किया जा रहा। इसके अलावा ग्राउंड हैंडलिंग के उपकरण जैसे बैगेज ट्रॉली, बीएफएल आदि भी खराब हालत में पाए गए। विमानों की लाइन मेंटेनेंस और टूल्स की जांच संबंधी प्रक्रिया का भी ठीक से पालन नहीं हुआ।
2. विमान रखरखाव में लापरवाही
3. हवाई अड्डों की स्थिति भी चिंताजनक
4. सिम्युलेटर की खराब स्थिति
डीजीसीए ने एक सिम्युलेटर की जांच के दौरान पाया कि उसकी सेटिंग और सॉफ्टवेयर विमान के मौजूदा कॉन्फिगरेशन से मेल नहीं खाते थे। इसका सॉफ्टवेयर भी अपडेट नहीं किया गया था।
5. टायर घिसने के कारण फ्लाइट रद्द
एक घरेलू उड़ान को टायर घिस जाने के कारण उड़ान भरने से पहले ही रद्द करना पड़ा। बाद में आवश्यक मरम्मत के बाद ही विमान को उड़ान की अनुमति दी गई।
डीजीसीए की रिपोर्ट में कहा गया है कि कई विमानों में पहले दर्ज की गई खामियां बार-बार सामने आ रही हैं। इससे साफ होता है कि इन खामियों की सही निगरानी नहीं हो रही और मरम्मत कार्य भी ठीक से नहीं किया जा रहा। इसके अलावा ग्राउंड हैंडलिंग के उपकरण जैसे बैगेज ट्रॉली, बीएफएल आदि भी खराब हालत में पाए गए। विमानों की लाइन मेंटेनेंस और टूल्स की जांच संबंधी प्रक्रिया का भी ठीक से पालन नहीं हुआ।
2. विमान रखरखाव में लापरवाही
- विमानों के रखरखाव के दौरान कई सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया। जैसे:
- मेंटेनेंस का काम ऑर्डर के अनुसार नहीं हुआ।
- थ्रस्ट रिवर्सर सिस्टम और फ्लैप स्लैट लीवर लॉक नहीं किए गए।
- विमान रखरखाव मैनुअल के मुताबिक सुरक्षा उपाय नहीं अपनाए गए।
- कई बार एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर ने खामी दूर करने में लापरवाही दिखाई।
- एयरक्राफ्ट सिस्टम द्वारा बताई गई खराबियों को तकनीकी लॉगबुक में दर्ज नहीं किया गया।
- कुछ सीटों के नीचे लाइफ जैकेट्स ठीक से नहीं रखे थे।
- विमान के दाएं विंगलेट पर लगा जंग रोधी टेप क्षतिग्रस्त पाया गया।
3. हवाई अड्डों की स्थिति भी चिंताजनक
- एक हवाई अड्डे पर रनवे की बीच की लाइन फीकी पाई गई।
- टैक्सीवे की ग्रीन लाइट्स एक दिशा में नहीं थीं।
- हवाई अड्डे के चारों ओर नई इमारतें बनने के बावजूद पिछले तीन वर्षों से कोई सर्वे या बाधा आंकलन नहीं किया गया।
- रैम्प एरिया में कई वाहन बिना स्पीड कंट्रोल डिवाइस के पाए गए। ऐसे वाहनों के परमिट रद्द कर दिए गए और उनके चालकों के पास रद्द कर दिए गए।
4. सिम्युलेटर की खराब स्थिति
डीजीसीए ने एक सिम्युलेटर की जांच के दौरान पाया कि उसकी सेटिंग और सॉफ्टवेयर विमान के मौजूदा कॉन्फिगरेशन से मेल नहीं खाते थे। इसका सॉफ्टवेयर भी अपडेट नहीं किया गया था।
5. टायर घिसने के कारण फ्लाइट रद्द
एक घरेलू उड़ान को टायर घिस जाने के कारण उड़ान भरने से पहले ही रद्द करना पड़ा। बाद में आवश्यक मरम्मत के बाद ही विमान को उड़ान की अनुमति दी गई।