फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Dewas Multimedia case: Air India will be able to appeal against the confiscation order in Canada

देवास मल्टीमीडिया मामला: जब्ती आदेश के खिलाफ अपील कर सकेगी एयर इंडिया, सौदा रद्द होने पर कनाडा की अदालत ने दिया था आदेश

Sun, 20 Feb 2022 08:46 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sun, 20 Feb 2022 08:46 PM IST
सार

कनाडा की अपीलीय कोर्ट के जस्टिस क्रिस्टीन बॉडुइन ने 11 फरवरी के फैसले में एअर इंडिया की अपील पर रजामंदी दी कि अदालत को मॉरिशस स्थित तीन निवेशकों और जर्मनी की डॉयचे टेलीकॉम के दावे पर फिर से विचार करना चाहिए कि एयरलाइंस भारत सरकार की है और इसलिए उससे वसूली की जानी चाहिए।

विज्ञापन
Dewas Multimedia case: Air India will be able to appeal against the confiscation order in Canada
एयर इंडिया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एयर इंडिया ने देवास मल्टीमीडिया के विदेशी निवेशकों को कोष जब्त करने के आदेश के खिलाफ कनाडा के क्यूबेक की एक कोर्ट से अपील करने की मंजूरी हासिल कर ली है। कनाडा की एक अदालत ने एंट्रिक्स कॉरपोरेशन के साथ उपग्रह सौदा रद्द होने के चलते मुआवजा हासिल करने के लिए देवास को यह कोष जब्त करने की इजाजत दी थी। एंट्रिक्स कॉरपोरेशन इसरो की वाणिज्यिक कंपनी है।
विज्ञापन


कनाडा की अपीलीय कोर्ट के जस्टिस क्रिस्टीन बॉडुइन ने 11 फरवरी के फैसले में एअर इंडिया की अपील पर रजामंदी दी कि अदालत को मॉरिशस स्थित तीन निवेशकों और जर्मनी की डॉयचे टेलीकॉम के दावे पर फिर से विचार करना चाहिए कि एयरलाइंस भारत सरकार की है और इसलिए उससे वसूली की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपील के गुणदोष या सफलता की संभावना पर राय व्यक्त किए बिना, मैं इस बात से संतुष्ट हूं कि इस मामले को अदालत में पेश करना चाहिए। उन्होंने मामले की सुनवाई के लिए 13 मई की तिथि तय की है।
विज्ञापन


एयर इंडिया ने देवास के विदेशी निवेशकों की मांग को यह कहते हुए खारिज करने की अपील की है कि 27 जनवरी, 2022 को टाटा समूह द्वारा इसके अधिग्रहण के बाद अब यह सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी नहीं है। यूपीए सरकार के दौरान वर्ष 2005 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की वाणिज्यिक इकाई एंट्रिक्स और देवास के बीच स्पेक्ट्रम इस्तेमाल को लेकर करार हुआ था। यह सौदा 2011 में इस आधार पर रद्द कर दिया गया कि ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम की नीलामी में धोखाधड़ी में हुई थी और सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य सामाजिक उद्देश्यों के लिए एस-बैंड उपग्रह स्पेक्ट्रम की जरूरत थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद देवास मल्टीमीडिया ने इंटरनेशनल चैंबर्स ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) में फैसले के खिलाफ मध्यस्थता कार्रवाई शुरू की। इसके अलावा देवास के निवेशकों द्वारा दो अन्य मध्यस्थता कार्रवाई भी शुरू की गईं। भारत को तीनों मामलों में हार का सामना करना पड़ा और नुकसान की भरपाई के लिए कुल 1.29 अरब डॉलर का भुगतान करने को कहा गया। 


कनाडा की एक अदालत ने देवास मल्टीमीडिया के शेयरधारकों को एयर इंडिया के 50 फीसदी कोष को जब्त रखने की अनुमति दी है, जिसे वैश्विक एयरलाइंस निकाय आईएटीए के पास रखा गया था। इसके अलावा एक फ्रांसीसी अदालत ने देवास को पेरिस में भारतीय संपत्तियों को जब्त करने की इजाजत भी दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed