Maharashtra: 'हमारे सामने विकास की चुनौती, भाषा का अभिमान करने से बचें', भाजपा नेता राम माधव ने किया आग्रह
भाजपा नेता राम माधव ने विकास की चुनौतियों के समय भाषा अभिमान से बचने और हर स्थानीय भाषा का सम्मान करने पर जोर दिया। उन्होंने महाराष्ट्र में हिंदी-मराठी विवाद के बीच हिंसा से बचने और संयम रखने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने तकनीकी नेतृत्व और आर्थिक मजबूती पर भी जोर देते हुए भारत को ‘विश्वगुरु’ बनने के लिए मजबूत और एकजुट होने को कहा।
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता राम माधव ने बुधवार को विकास के लिए चुनौतियों से निपटने के लिए भाषा के अभिमान से बचने का सुझाव दिया। इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष माधव ने कहा कि हर स्थानीय भाषा का सम्मान करने की जरूरत है, लेकिन इस भावुक मुद्दे पर हिंसा से बचना और उसे प्रोत्साहित न करना जरूरी है। माधव का यह बयान महाराष्ट्र में हिंदी-मराठी भाषा विवाद के बीच आया है।
माधव ने मुंबई के सबसे बड़े शेयर बाजार एनएसई में अपनी किताब 'द न्यू वर्ल्ड' पर चर्चा के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा, हमे भाषा के अभिमान की ओर नहीं जाना चाहिए, क्योंकि हमारे सामने विकास के लिए चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को हर राज्य की स्थानीय भाषा का सम्मान करना चाहिए। साथ ही किसी भी भाषा का विरोध नहीं करना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अगर हिंदी या अंग्रेजी को जोड़ने वाली भाषाओं के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, तो उसका भी विरोध नहीं होना चाहिए।
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उन्होंने आगे कहा, महाराष्ट्र एक औद्योगिकी और वित्तीय ताकत है और उसे भारत की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाना है। माधव ने कहा कि ऐसे भावुक मुद्दों में भी संयंम दिखाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, अगर आप महाराष्ट्र में रहते हैं, तो आपको मराठी का सम्मान करना होगा और इसे सीखने का प्रयास भी करना होगा। भाजपा ने स्पष्ट कहा, किसी भी तरह की हिंसा नहीं होनी चाहिए और न ही उसे प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
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