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नहीं सुनना भाषण...पहले सवालों का जवाब दीजिए मोदीजी : ब्रायन
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
Updated Thu, 08 Feb 2018 02:26 PM IST
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भाषण...भाषण...भाषण। हमें नहीं सुनना आपका भाषण। सभापति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सभी सदस्यों के सामने यह स्थिति राज्यसभा में बुधवार को आई। तृणमूल कांग्रेस के नेता और राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन यह कहते हुए अपने स्थान से बीच में ही सदन से उठकर चले गए। जब ब्रायन ऐसा कहकर सदन का बहिष्कार कर रहे थे तो उस समय प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा का जवाब दे रहे थे।
यह स्थिति तब आई जब प्रधानमंत्री बंबू (बांस) को पेड़ से घास की श्रेणी में रखने के सरकार के निर्णय के फायदे गिना रहे थे। वह विश्व में रासायनिक वैक्स से लोगों की दूरी बनाने और मधुमक्खियों के वैक्स की बढ़ती मांग पर भविष्य की संभावना बता रहे थे। किसानों के लिए सोलर पंप, गन्ना पर गुजरात में अनुभव को साझा कर रहे थे।
वह सदन को बता रहे थे कि हमें देश को आगे ले जाने के लिए कैसे वैल्यू एडिशन पर ध्यान देना होगा। इस बीच ब्रायन के सब्र का बांध टूट गया। वह अपने स्थान से उठ खड़े हुए और आसन से कहा कि उन्हें यह भाषण नहीं सुनना है। ब्रायन ने कहा भाषण...भाषण...भाषण, बहुत हो चुका भाषण। उन्हें सवालों का जवाब चाहिए। प्रधानमंत्री सवालों का जवाब देने के बजाय भाषण सुना रहे हैं। यह कहते हुए तृणमूल कांग्रेस के सांसद ने सदन का बहिष्कार कर दिया।
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यह स्थिति तब आई जब प्रधानमंत्री बंबू (बांस) को पेड़ से घास की श्रेणी में रखने के सरकार के निर्णय के फायदे गिना रहे थे। वह विश्व में रासायनिक वैक्स से लोगों की दूरी बनाने और मधुमक्खियों के वैक्स की बढ़ती मांग पर भविष्य की संभावना बता रहे थे। किसानों के लिए सोलर पंप, गन्ना पर गुजरात में अनुभव को साझा कर रहे थे।
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वह सदन को बता रहे थे कि हमें देश को आगे ले जाने के लिए कैसे वैल्यू एडिशन पर ध्यान देना होगा। इस बीच ब्रायन के सब्र का बांध टूट गया। वह अपने स्थान से उठ खड़े हुए और आसन से कहा कि उन्हें यह भाषण नहीं सुनना है। ब्रायन ने कहा भाषण...भाषण...भाषण, बहुत हो चुका भाषण। उन्हें सवालों का जवाब चाहिए। प्रधानमंत्री सवालों का जवाब देने के बजाय भाषण सुना रहे हैं। यह कहते हुए तृणमूल कांग्रेस के सांसद ने सदन का बहिष्कार कर दिया।
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राज्यसभा टीवी पर भी लगाया आरोप
Parliament of India
इससे पहले ब्रायन राज्यसभा टीवी में सदन की कार्यवाही को लेकर होने वाले प्रसारण पर भी बिफरे थे। उनका कहना था कि उनकी सुरक्षा की जाए। ब्रायन ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में वह जब बोल रहे थे तो उनके भाषण का 5-6 मिनट राज्यसभा टीवी ने लाइव प्रसारण नहीं किया।
ब्रायन की इस आपत्ति के साथ सदन के नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने भी खुद को जोड़ा। उन्होंने उपसभापति सत्यनारायण जटिया से कहा कि इसकी जांच की जानी चाहिए। यह गंभीर मामला है। आजाद ने कहा कि सोमवार को आठ-नौ बजे समाचार के क्रम में राज्यसभा टीवी ने करीब 90 प्रतिशत का समय अकेले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को दिया।
8 प्रतिशत का समय उन्हें और दो प्रतिशत का समय अन्य को मिला। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह चैनल भाजपा का नहीं है। यह राज्यसभा का है। उन्होंने इसके बाबत जांच की मांग। आसन से उन्हें और ब्रायन से इसका भरोसा दिया गया।
ब्रायन की इस आपत्ति के साथ सदन के नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने भी खुद को जोड़ा। उन्होंने उपसभापति सत्यनारायण जटिया से कहा कि इसकी जांच की जानी चाहिए। यह गंभीर मामला है। आजाद ने कहा कि सोमवार को आठ-नौ बजे समाचार के क्रम में राज्यसभा टीवी ने करीब 90 प्रतिशत का समय अकेले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को दिया।
8 प्रतिशत का समय उन्हें और दो प्रतिशत का समय अन्य को मिला। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह चैनल भाजपा का नहीं है। यह राज्यसभा का है। उन्होंने इसके बाबत जांच की मांग। आसन से उन्हें और ब्रायन से इसका भरोसा दिया गया।