Delhi: दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ करने की मांग, केरल का नाम बदलने के बाद उठी ये मांग
केरल का नाम ‘केरलम’ करने पर केंद्र की सहमति के बाद भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने दिल्ली का नाम इंद्रप्रस्थ करने की मांग की, इसे ऐतिहासिक-सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा बताया।
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केरल का नाम बदलकर केरलम करने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार की सहमति मिल गई है। अब देश के दूसरे राज्यों का नाम भी बदलने की मांग होने लगी है। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इंद्रप्रस्थ से हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान जुड़ी हुई है। केंद्र सरकार को दिल्ली का नाम बदलने पर विचार करना चाहिए।
दिल्ली के चांदनी चौक से भाजपा सांसद और कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ करने से देश की राजधानी की ऐतिहासिक और सभ्यतागत पहचान को मान्यता मिलेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली का संबंध पांडवों से रहा है। पांडवों की प्रतिमाएं जगह-जगह पर लगाकर जनता को इसके बारे में जागरूक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे ऐतिहासिक पहचान को पुनर्जीवित किया जा सकेगा। खंडेलवाल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से भी अनुरोध किया है कि दिल्ली विधानसभा में दिल्ली का नाम “इंद्रप्रस्थ” करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया जाए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे एक पत्र में खंडेलवाल ने कहा कि भारत विश्व की सबसे प्राचीन जीवित सभ्यताओं में से एक है और उसकी राष्ट्रीय राजधानी का नाम भी उसके गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मूल्यों को प्रतिबिंबित करना चाहिए।