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दिल्ली: लाल किले पर विक्रम गाथा की गूंज, CM यादव बोले-सम्राट विक्रमादित्य का शासन राम राज्य की याद दिलाता है

Sun, 13 Apr 2025 10:20 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Sun, 13 Apr 2025 10:20 PM IST
सार

माधवदास पार्क में आयोजित इस महानाट्य महा मंचन के दूसरे दिन भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत राज्य के दोनों डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल शामिल हुए।

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Delhi Vikram saga at Red Fort, CM Yadav says Emperor Vikramaditya's rule reminds us of Ram Rajya
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव - फोटो : एक्स-@DrMohanYadav51

विस्तार

राजधानी दिल्ली के लाल किले पर सम्राट विक्रमादित्य का महानाट्य शुरु हो चुका है। माधवदास पार्क में आयोजित इस महानाट्य महा मंचन के दूसरे दिन भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत राज्य के दोनों डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल शामिल हुए। सीएम ने सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित चित्र प्रदर्शनी और विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी और दूसरे दिन के महानाट्य महा मंचन कार्यक्रम का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया।

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दूसरे दिन भी मुख्यमंत्री सीएम मोहन यादव ने सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य मंचन कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लाल किले का यह प्रांगण और कितना सुखद संयोग है लाल किले की प्राचीर की यह इमारत भारत के गौरवशाली अतीत के लिए सीना तान करके दुनिया के सामने खड़ी है। दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र जिसके कारण से गौरवान्वित होता है, भारत माता की यह पवित्र राजधानी है।
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अपने संबोधन में सीएम मोहन यादव ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने भारत की मान मर्यादा को बिगाड़ने के लिए लोभ लालच से हमारी संस्कृति को चुनौती दी, लेकिन हमारे वीर महापुरुषों ने अपने इस काल को हमेशा भारत की आन-बान-शान को लगाकर दुनिया के सामने स्थापित किया। जिस कारण से यह कहा गया है कि इस संस्कृति का कभी अंत नहीं हो सकता है। सनातन संस्कृति गंगा की अविरल धारा की तरह उज्जवल धवल नीर की तरह बहती रहेगी। हम भाग्यशाली हैं और सौभाग्यशाली हैं, यहां के वीरों और महापुरुषों ने भारत की आन बान शान को लगाकर दुनिया के सामने स्थापित किया है। विक्रमादित्य का वो काल जिसमें आततायियों ने सीमाओं को पार कर देश को आतंकित किया । विक्रमादित्य ने अपने तलवार के बलबूते पर न केवल पूरे देश को सुशासन में बदला बल्कि देश से आगे जाकर शासन की व्यवस्थाओं के बलबूते समूची मानवता को धन्य करते हुए सुशासन के सारे तंत्र को पुनर्स्थापित किया ।
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सीएम ने कहा, एक नहीं सभी गुणों से युक्त होकर शासन का जैसा दायित्व हो सकता है वीरता, धीरता, गंभीरता, दानशीलता के गुणों से विक्रमादित्य ने काम किया। हमारे यहां संवत प्रवर्तन में भी विक्रम संवत को प्रारंभ करने की परंपरा को सम्राट विक्रमादित्य ने गौरवान्वित किया। विक्रमादित्य के शासन को याद करते हैं तो वह भगवान श्री राम के रामराज्य को याद दिलाता है। सीएम मोहन यादव ने पीएम मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस काल के शासनकाल को याद करते हुए सम्राट विक्रमादित्य के शासन के प्रति अपनी शुभकामनाएं दी हैं आज के इस दौर में वही समय दिखाई दे रहा है। पीएम मोदी के नेतृत्व में सभी राज्य सरकारें उनकी भावना के अनुसार काम कर रहीं हैं। जिसमें गरीबों को आवास,अनाज, शिक्षा और स्वास्थ्य की मूलभूत सुविधाएं मिल रही हैं।

पीएम मोदी ने भी महानाट्य की तारीफ की
दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सीएम डॉ. मोहन यादव की तारीफ की। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि मुझे खुशी है कि मध्य प्रदेश के ऊर्जावान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में आयोजित इस महोत्सव के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य की गौरव गाथा और वैभव को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।


पीएम मोदी ने अपने संदेश में लिखा कि, युगपुरुष सम्राट विक्रमादित्य का शासनकाल जनकल्याण, सुशासन और सांस्कृतिक पुनरुत्थान के लिए जाना जाता है। वह भारत की न्यायप्रिय और लोक कल्याणकारी नेतृत्व परंपरा के प्रतीक थे। उन्होंने साहित्य, कला और विज्ञान को जिस रूप में प्रोत्साहित किया, वह आज भी हमारे लिए आदर्श है। उनके काल की 'विक्रम संवत' परंपरा आज भी भारतीय संस्कृति की पहचान है। सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य और प्रदर्शनी का महत्व एक सांस्कृतिक आयोजन से कहीं अधिक है।
 

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