Air Pollution: प्रदूषण की अनसुलझी शिकायत में दिल्ली अव्वल, पर्यावरण मंत्री यादव के क्षेत्र का भी बुरा हाल
दिल्ली में वायु प्रदूषण की शिकायतों का समाधान करने के मामले से सबसे खराब प्रदर्शन करने वालों में दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) थे। दिल्ली जल बोर्ड को 188 शिकायतें मिली थीं और वह इसमें से 64 फीसदी का समाधान करने में विफल था। इसी तरह, एमसीडी को 4,353 शिकायतें मिली थीं और 47 फीसदी शिकायतें हल नहीं हुई थीं।
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राजधानी दिल्ली समेत एनसीआर में बीते एक महीने से प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक बना हुआ है। देश में सबसे ज्यादा प्रदूषण इस क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। इस बीच वायु प्रदूषण की अनसुलझी शिकायतों के मामले में राजधानी दिल्ली पहले स्थान पर नजर आ रही है। समीर ऐप से दिल्ली में 15 अक्टूबर, 2021 से 19 नवंबर, 2024 तक कुल 6,170 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से अभी भी 2,333 शिकायतें लंबित हैं। वहीं दूसरी तरफ राजस्थान में कई लंबित शिकायतें हैं। यह लंबित मामलों के प्रतिशत के मामले में दिल्ली से भी आगे है। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों में भिवाड़ी और अलवर की शिकायतें भी शामिल हैं। अलवर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव का संसदीय क्षेत्र है।
दिल्ली में वायु प्रदूषण की शिकायतों का समाधान करने के मामले से सबसे खराब प्रदर्शन करने वालों में दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) थे। दिल्ली जल बोर्ड को 188 शिकायतें मिली थीं और वह इसमें से 64 फीसदी का समाधान करने में विफल था। इसी तरह, एमसीडी को 4,353 शिकायतें मिली थीं और 47 फीसदी शिकायतें हल नहीं हुई थीं।
दरअसल, सरकार ने समीर ऐप, वायु प्रदूषण से जुड़ी जानकारी देने और शिकायत करने के लिए बनाया गया है। यह ऐप, राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक की जानकारी देता है। यह जानकारी हर घंटे अपडेट होती है। यह ऐप, वायु गुणवत्ता सूचकांक से जुड़ी जानकारी को आसान तरीके से समझने में मदद करता है। इस ऐप के ज़रिए, सार्वजनिक वायु प्रदूषण से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, पिछली बार दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक सितंबर 2023 में 'अच्छी' श्रेणी में था। सीपीसीबी के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल 10 सितंबर को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 45 था। इसे अच्छा माना जाता है। इस वर्ष दिल्ली में सबसे स्वच्छ वायु रिकार्ड 13 सितम्बर को दर्ज किया गया था। जब एक्यूआई 52 पर पहुंच गया था। बीते मंगलवार को एक्यूआई 343 पर था जो बहुत खराब श्रेणी में था। पिछले कुछ हफ्तों से राजधानी में प्रदूषण का सबसे बुरा दौर चल रहा है, जब से इस क्षेत्र में निगरानी शुरू हुई है। 18 नवंबर को एक्यूआई 494 तक पहुंच गया था, जिसे 'गंभीर प्लस' श्रेणी में रखा गया था।
हालांकि मंगलवार 26 नवंबर 2024 की रात तेज हवा चलने के कारण प्रदूषण के स्तर में थोड़ी गिरावट हुई है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मुताबिक बुधवार 27 नवंबर 2024 की सुबह बवाना में 341, जहांगीरपुरी में 330, आनंद विहार में 311, नजफगढ़ में 295 और पंजाबी बाग में 326 एक्यूआई दर्ज किया गया। दिल्ली की एयर क्वालिटी में थोड़ा बहुत सुधार देखा गया है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मुताबिक आज बुधवार 27 नवंबर 2024 की सुबह 5 बजे दिल्ली का औसत एक्यूआई 302 दर्ज किया गया है।