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Delhi Blast: क्या फरीदाबाद आतंकी नेटवर्क से जुड़े हैं दिल्ली धमाके के तार? ब्लास्ट से जुड़े अहम सवालों के जवाब
Tue, 11 Nov 2025 09:46 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 11 Nov 2025 09:46 AM IST
सार
रिपोर्ट्स के अनुसार, जब कार पार्किंग में खड़ी थी तब भी संदिग्ध आरोपी डॉ. उमर कार में सवार था और वह करीब तीन घंटे तक कार में ही बैठे रहा था और एक पल के लिए भी कार से बाहर नहीं निकला।
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दिल्ली धमाके के तार फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से जुड़े
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सोमवार शाम दिल्ली में लाल किले के नजदीक हुए विस्फोट को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब जिस कार में धमाका हुआ, उसका सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें कार सवार भी दिख रहा है। शक है कि सीसीटीवी में दिख रहा व्यक्ति ही डॉ. उमर है, जो फिलहाल कार का मालिक था। दिल्ली धमाके के तार फरीदाबाद आतंकी नेटवर्क से भी जुड़ रहे हैं और आशंका है कि दिल्ली में हुआ धमाका भी अमोनियम नाइट्रेट में हुआ था। इस मामले में अब तक क्या हुआ और घटना को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब क्या हैं, जानिए-
पहले जानिए, कहां हुआ धमाका?
धमाका पुरानी दिल्ली के अति व्यस्त लाल किला इलाके में हुआ। लाल किला परिसर के प्रवेश द्वार से कोई 150-200 मीटर की दूरी पर लाल किला मेट्रो स्टेशन है। यहीं पास में सुभाष मार्ग ट्रैफिक सिग्नल है। इसी सिग्नल पर शाम 6:52 बजे धमाका हुआ। धमाके में 12 लोग मारे गए और कई घायल हैं।
किस कार में हुआ धमाका?
यह धमाका Hyundai i20 कार में हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस कार के अंदर तीन लोग बैठे थे। धमाके की जांच अब कार पर केंद्रित हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार गुरुग्राम के एक शख्स ने बेची। इसके बाद कई और खरीददारों के पास से होते हुए इसे जम्मू कश्मीर के पुलवामा के तारिक नामक व्यक्ति ने खरीदा। फिलहाल उसी के नाम पर यह कार थी।
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असाधारण क्यों है ये धमाका?
दिल्ली में हुआ धमाका कई मायनों में असाधारण है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, धमाके में मारे गए लोगों के शवों और घायलों में किसी तरह के पैलेट या पंचर होने के निशान नहीं मिले हैं, जो आम तौर पर बम विस्फोट में मिलते हैं। साथ ही बम धमाके में मारे गए लोगों के शव काले पड़ जाते हैं, लेकिन इस केस में ऐसा कुछ नहीं हुआ। धमाका इतना तेज था कि चार किलोमीटर तक धमाके की आवाज सुनी गई। यही वजह है कि धमाके की प्रकृति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
ये भी पढ़ें- Delhi Blast: जिस कार से हुआ धमाका, वह कई बार बिकी... पुलवामा से भी जुड़े तार; i20 को लेकर चौंकाने वाला खुलासा
क्या फरीदाबाद आतंकी नेटवर्क से जुड़ हैं दिल्ली धमाके के तार?
बीते कुछ दिनों में जांच एजेंसियों ने हरियाणा के फरीदाबाद में एक आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। एक संदिग्ध आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और उसके ठिकानों से 2910 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया है। इससे पहले जम्मू कश्मीर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से एक डॉक्टर आदिल को गिरफ्तार किया था। जम्मू कश्मीर का रहने वाला आदिल सहारनपुर के एक अस्पताल में प्रैक्टिस कर रहा था। आदिल से पूछताछ में ही फरीदाबाद के डॉ. मुजम्मिल शकील के बारे में पता चला, जहां से भारी मात्रा में विस्फोटक मिला। अब जांच एजेंसियों कहना है कि दिल्ली के धमाके में भी अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल होने का शक है।
डॉ. उमर से क्या है धमाके का कनेक्शन?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जिस कार में धमाका हुआ, उसकी धमाके से पहले की सीसीटीवी फुटेज सामने आई है। सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध दिख रहा है। माना जा रहा है कि कार में दिख रहा शख्स है डॉ. उमर है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के रहने वाले तारिक नाम के आदमी ने धमाके में इस्तेमाल हुई कार बीते महीने ही खरीदी थी। जो तारिक ने डॉक्टर उमर को चलाने के लिए दी हुई थी। डॉ. उमर के फरीदाबाद आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने का शक है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जब कार पार्किंग में खड़ी थी तब भी डॉ. उमर कार में सवार था और वह करीब तीन घंटे तक कार में ही बैठे रहा था और एक पल के लिए भी कार से बाहर नहीं निकला।
कैसे किया गया धमाका?
पुलिस की शुरुआती जांच से पता चला है कि लाल किले के पास हुए ब्लास्ट में अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल ऑयल और डेटोनेटर का इस्तेमाल किया गया होगा। पुलिस के अनुसार, डॉक्टर उमर का कथित तौर पर आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद से जुड़ाव था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जम्मू कश्मीर पुलिस ने कार के मालिक तारिक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को शक है कि फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा होने और अपने साथी डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद, उमर मोहम्मद ने कथित तौर पर पकड़े जाने के डर से यह आतंकी हमला किया।
पढ़े-लिखे लोगों के हमले में शामिल होने पर उठे सवाल
दिल्ली धमाके और फरीदाबाद आतंकी नेटवर्क के भंडाफोड़ में एक अहम बात सामने आई है, वो ये है कि पकड़े गए सभी आरोपी उच्च शिक्षित और डॉक्टर हैं। पहले आम तौर पर देखा जाता था कि कम पढ़े-लिखे और बेरोजगार युवकों को बहला-फुसलाकर उन्हें कट्टरपंथी बनाया जाता था। अब फरीदाबाद नेटवर्क और दिल्ली धमाके के संदिग्ध पढ़े लिखे हैं और अच्छी नौकरी कर रहे हैं, जो कहीं न कहीं बेहद चौंकाने वाला है।
अब जांच में आगे क्या?
धमाके की जांच अब उस कार पर केंद्रित हो गई है। जांच एजेंसियां कार के रूट और उससे जुड़े रहे लोगों की जांच कर रही है। विभिन्न इलाकों की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही हैं और ये पता लगाया जा रहा है कि कार कहां से चली थी और कहां जा रही थी। धमाके के बाद दिल्ली समेत कई शहरों में अलर्ट जारी कर दिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली धमाके की घटना को लेकर मंगलवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में आईबी प्रमुख, गृह सचिव, दिल्ली पुलिस आयुक्त, विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) और गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी शामिल रहे।
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पहले जानिए, कहां हुआ धमाका?
धमाका पुरानी दिल्ली के अति व्यस्त लाल किला इलाके में हुआ। लाल किला परिसर के प्रवेश द्वार से कोई 150-200 मीटर की दूरी पर लाल किला मेट्रो स्टेशन है। यहीं पास में सुभाष मार्ग ट्रैफिक सिग्नल है। इसी सिग्नल पर शाम 6:52 बजे धमाका हुआ। धमाके में 12 लोग मारे गए और कई घायल हैं।
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किस कार में हुआ धमाका?
यह धमाका Hyundai i20 कार में हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस कार के अंदर तीन लोग बैठे थे। धमाके की जांच अब कार पर केंद्रित हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार गुरुग्राम के एक शख्स ने बेची। इसके बाद कई और खरीददारों के पास से होते हुए इसे जम्मू कश्मीर के पुलवामा के तारिक नामक व्यक्ति ने खरीदा। फिलहाल उसी के नाम पर यह कार थी।
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असाधारण क्यों है ये धमाका?
दिल्ली में हुआ धमाका कई मायनों में असाधारण है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, धमाके में मारे गए लोगों के शवों और घायलों में किसी तरह के पैलेट या पंचर होने के निशान नहीं मिले हैं, जो आम तौर पर बम विस्फोट में मिलते हैं। साथ ही बम धमाके में मारे गए लोगों के शव काले पड़ जाते हैं, लेकिन इस केस में ऐसा कुछ नहीं हुआ। धमाका इतना तेज था कि चार किलोमीटर तक धमाके की आवाज सुनी गई। यही वजह है कि धमाके की प्रकृति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
ये भी पढ़ें- Delhi Blast: जिस कार से हुआ धमाका, वह कई बार बिकी... पुलवामा से भी जुड़े तार; i20 को लेकर चौंकाने वाला खुलासा
क्या फरीदाबाद आतंकी नेटवर्क से जुड़ हैं दिल्ली धमाके के तार?
बीते कुछ दिनों में जांच एजेंसियों ने हरियाणा के फरीदाबाद में एक आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। एक संदिग्ध आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और उसके ठिकानों से 2910 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया है। इससे पहले जम्मू कश्मीर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से एक डॉक्टर आदिल को गिरफ्तार किया था। जम्मू कश्मीर का रहने वाला आदिल सहारनपुर के एक अस्पताल में प्रैक्टिस कर रहा था। आदिल से पूछताछ में ही फरीदाबाद के डॉ. मुजम्मिल शकील के बारे में पता चला, जहां से भारी मात्रा में विस्फोटक मिला। अब जांच एजेंसियों कहना है कि दिल्ली के धमाके में भी अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल होने का शक है।
डॉ. उमर से क्या है धमाके का कनेक्शन?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जिस कार में धमाका हुआ, उसकी धमाके से पहले की सीसीटीवी फुटेज सामने आई है। सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध दिख रहा है। माना जा रहा है कि कार में दिख रहा शख्स है डॉ. उमर है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के रहने वाले तारिक नाम के आदमी ने धमाके में इस्तेमाल हुई कार बीते महीने ही खरीदी थी। जो तारिक ने डॉक्टर उमर को चलाने के लिए दी हुई थी। डॉ. उमर के फरीदाबाद आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने का शक है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जब कार पार्किंग में खड़ी थी तब भी डॉ. उमर कार में सवार था और वह करीब तीन घंटे तक कार में ही बैठे रहा था और एक पल के लिए भी कार से बाहर नहीं निकला।
कैसे किया गया धमाका?
पुलिस की शुरुआती जांच से पता चला है कि लाल किले के पास हुए ब्लास्ट में अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल ऑयल और डेटोनेटर का इस्तेमाल किया गया होगा। पुलिस के अनुसार, डॉक्टर उमर का कथित तौर पर आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद से जुड़ाव था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जम्मू कश्मीर पुलिस ने कार के मालिक तारिक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को शक है कि फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा होने और अपने साथी डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद, उमर मोहम्मद ने कथित तौर पर पकड़े जाने के डर से यह आतंकी हमला किया।
पढ़े-लिखे लोगों के हमले में शामिल होने पर उठे सवाल
दिल्ली धमाके और फरीदाबाद आतंकी नेटवर्क के भंडाफोड़ में एक अहम बात सामने आई है, वो ये है कि पकड़े गए सभी आरोपी उच्च शिक्षित और डॉक्टर हैं। पहले आम तौर पर देखा जाता था कि कम पढ़े-लिखे और बेरोजगार युवकों को बहला-फुसलाकर उन्हें कट्टरपंथी बनाया जाता था। अब फरीदाबाद नेटवर्क और दिल्ली धमाके के संदिग्ध पढ़े लिखे हैं और अच्छी नौकरी कर रहे हैं, जो कहीं न कहीं बेहद चौंकाने वाला है।
अब जांच में आगे क्या?
धमाके की जांच अब उस कार पर केंद्रित हो गई है। जांच एजेंसियां कार के रूट और उससे जुड़े रहे लोगों की जांच कर रही है। विभिन्न इलाकों की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही हैं और ये पता लगाया जा रहा है कि कार कहां से चली थी और कहां जा रही थी। धमाके के बाद दिल्ली समेत कई शहरों में अलर्ट जारी कर दिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली धमाके की घटना को लेकर मंगलवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में आईबी प्रमुख, गृह सचिव, दिल्ली पुलिस आयुक्त, विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) और गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी शामिल रहे।
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