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रॉबर्ट वाड्रा से आयकर अधिकारी की पूछताछ खत्म, कहा- मैंने सारे दस्तावेज दे दिए हैं
Tue, 05 Jan 2021 07:45 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Tanuja Yadav
Updated Tue, 05 Jan 2021 07:45 PM IST
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रॉबर्ट वाड्रा के घर पहुंचे आयकर विभाग के अधिकारी
- फोटो : ANI
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बेनामी संपत्ति मामले में पूछताछ के लिए आयकर विभाग के अधिकारी मंगलवार को एक बार फिर रॉबर्ट वाड्रा के घर पहुंचे। वाड्रा से आज फिर करीब आठ घंटे की पूछताछ हुई। पूछताछ के बाद वाड्रा ने कहा कि अधिकारियों को जो भी दस्तावेज चाहिए थी मैंने सभी दे दिए हैं। अधिकारियों के पास शुरू से अब तक की सारी जानकारी दी गई है। जो भी उनके प्रश्न हैं, मैं उनका जवाब देने के लिए यहां हूं। बता दें कि इससे पहले कल यानि सोमवार को भी अधिकारियों ने रॉबर्ट वाड्रा से बेनामी संपत्ति को लेकर पूछताछ की थी।
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सोमवार को आयकर विभाग ने बेनामी संपत्ति विरोधी कानून के तहत कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ जांच के सिलसिले में उनसे पूछताछ की। पेशे से कारोबारी 52 वर्षीय वाड्रा ने कहा कि इस पूछताछ का मकसद किसानों के आंदोलन जैसे देश से जुड़े ‘वास्तविक मुद्दों’ से ध्यान भटकाना है।
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सूत्रों के मुताबिक, वाड्रा को आयकर विभाग के कार्यालय पहुंचकर जांच में शामिल होना था लेकिन उन्होंने कोविड-19 से संबंधित दिशानिर्देशों का हवाला दिया। इसके बाद आयकर अधिकारियों का दल सुखदेव विहार स्थित उनके आधिकारिक परिसर पहुंचा और पूछताछ की।
सूत्रों ने बताया कि आयकर विभाग के दल की ओर से बेनामी संपत्ति लेनदेन (निषेध) कानून के प्रावधानों के तहत करीब आठ घंटों तक वाड्रा से पूछताछ की गई और उनका बयान दर्ज किया गया। सूत्रों ने जानकारी दी है कि राजस्थान के बीकानेर में वाड्रा से संबंधित एक कंपनी द्वारा कुछ भूखंड खरीदे जाने के संदर्भ में पूछताछ की गई। इसी मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2015 में धनशोधन का मामला दर्ज किया था।
प्रवर्तन निदेशालय अतीत में इसको लेकर वाड्रा से पूछताछ कर चुका है तथा उसने 2019 में उनकी कंपनी ‘स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड’ की 4.62 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। सूत्रों ने बताया कि ईडी ने विदेश में कथित तौर पर कुछ अघोषित संपत्ति होने तथा इस मामले से जुड़े दस्तावेज आयकर विभाग को सौंपे थे ताकि बाद में बने बेनामी संपत्ति कानून के तहत कार्रवाई हो सके।
वाड्रा का कहना था कि आयकर अधिकारियों के सवाल उनकी पिछले पांच-सात वर्षों की गतिविधियों से जुड़े थे। ब्रिटेन में कथित तौर पर कुछ अघोषित आय रखने के आरोप में भी वाड्रा आयकर विभाग की जांच के दायरे में हैं। प्रवर्तन निदेशालय भी धनशोधन विरोधी कानून के तहत वाड्रा के खिलाफ इन आरोपों की जांच कर रहा है। कांग्रेस ने कुछ महीने पहले कहा था कि वाड्रा के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई की जा रही है।