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Delhi Elections: रेवड़ियां बांटने में हर दल आगे, कैसे पूरे होंगे चुनावी वादे?
Fri, 10 Jan 2025 08:22 PM IST
निर्मल कांत
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली।
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 10 Jan 2025 08:22 PM IST
सार
आर्थिक विशेषज्ञों की मानें तो जिस तरह भाजपा-आम आदमी पार्टी और कांग्रेस मुफ्त की घोषणाएं कर रही हैं, चुनाव के बाद उन्हें पूरा करने के लिए सरकार के सामने दो ही विकल्प होंगे। या तो उसे आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स बढ़ाना पड़ेगा जिससे उसे अतिरिक्त आय हो और वह अपने वादे को पूरा कर सके, या उसे केंद्र या अन्य स्रोतों से उधार लेना पड़ेगा।
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दिल्ली विधानसभा चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रेवड़ियां बांटकर चुनाव जीतना ऐसा फॉर्मूला बन चुका है, जिसे चुनाव जीतने के लिए हर राजनीतिक दल पूरे जोर शोर से आजमाता है, चाहे राज्य की आर्थिक स्थिति कैसी भी हो। यही कारण है कि कभी हिमाचल प्रदेश से तो कभी कर्नाटक से ऐसे समाचार मिलते रहते हैं, जिसमें मुफ्त योजनाओं से बढ़े आर्थिक बोझ के कारण सरकारें अपने कर्मचारियों को वेतन तक नहीं दे पातीं। क्या दिल्ली भी उसी राह बढ़ती हुई दिखाई दे रही है?
आर्थिक विशेषज्ञों की मानें तो जिस तरह भाजपा-आम आदमी पार्टी और कांग्रेस मुफ्त की घोषणाएं कर रही हैं, चुनाव के बाद उन्हें पूरा करने के लिए सरकार के सामने दो ही विकल्प होंगे। या तो उसे आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स बढ़ाना पड़ेगा जिससे उसे अतिरिक्त आय हो और वह अपने वादे को पूरा कर सके, या उसे केंद्र या अन्य स्रोतों से उधार लेना पड़ेगा। अन्यथा वादों को पूरा कर पाना किसी भी सरकार के लिए मुश्किल हो जाएगा।
राजनीतिक दलों की प्रमुख घोषणाएं
केजरीवाल ने अभी आम आदमी पार्टी का घोषणा पत्र जारी नहीं किया है, लेकिन उन्होंने कई बड़ी घोषणाएं कर दिल्ली का राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। आम आदमी पार्टी ने अब तक चल रही मुफ्त बिजली-पानी की घोषणा के साथ-साथ कुछ नई घोषणाएं की हैं। इनमें पुजारियों-ग्रंथियों के लिए 18000 रुपये प्रति माह वेतन, हर कॉलोनी में सरकार के खर्च पर गार्ड, हर महिला को 2100 रुपये की आर्थिक सहायता और सभी बुजुर्गों को मुफ्त इलाज सेवा शामिल है। इन पर हजारों करोड़ रुपये तक की लागत आने का अनुमान है।
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भाजपा की योजनाओं पर हजारों करोड़ होगा खर्च
भाजपा ने अभी तक अपना संकल्प पत्र जारी नहीं किया है, लेकिन उसकी भी कई घोषणाएं दिल्ली के लिए बड़ा खर्च साबित हो सकती हैं। माना जा रहा है कि भाजपा वर्तमान में चल रही सभी योजनाओं को जारी रखने के साथ-साथ हर परिवार को 300 यूनिट बिजली, हर धार्मिक स्थल को 500 यूनिट बिजली और पानी मुफ्त देने जा रही है।
भाजपा दिल्ली में आयुष्मान योजना के साथ-साथ अन्य योजनाएं लागू करेगी। भाजपा भी महिलाओं को 2500 से 3000 रुपये महीने की आर्थिक सहायता भी देगी। हर झुग्गी में रहने वाले गरीब परिवार को पक्का मकान दिए जाने की योजना भी भाजपा कर सकती है। इन योजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है।
कांग्रेस भी पीछे नहीं
कांग्रेस ने भी अपना घोषणा पत्र जारी नहीं किया है, लेकिन पार्टी ने हर परिवार को 25 लाख रुपये के इलाज की सेवा देने की घोषणा की है। कांग्रेस ने हर महिला को 2500 रुपये हर महीने देने का वादा किया है। वह बिजली-पानी के साथ कई अन्य सेवाओं की घोषणा भी करने वाली है।
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आर्थिक विशेषज्ञों की मानें तो जिस तरह भाजपा-आम आदमी पार्टी और कांग्रेस मुफ्त की घोषणाएं कर रही हैं, चुनाव के बाद उन्हें पूरा करने के लिए सरकार के सामने दो ही विकल्प होंगे। या तो उसे आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स बढ़ाना पड़ेगा जिससे उसे अतिरिक्त आय हो और वह अपने वादे को पूरा कर सके, या उसे केंद्र या अन्य स्रोतों से उधार लेना पड़ेगा। अन्यथा वादों को पूरा कर पाना किसी भी सरकार के लिए मुश्किल हो जाएगा।
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राजनीतिक दलों की प्रमुख घोषणाएं
केजरीवाल ने अभी आम आदमी पार्टी का घोषणा पत्र जारी नहीं किया है, लेकिन उन्होंने कई बड़ी घोषणाएं कर दिल्ली का राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। आम आदमी पार्टी ने अब तक चल रही मुफ्त बिजली-पानी की घोषणा के साथ-साथ कुछ नई घोषणाएं की हैं। इनमें पुजारियों-ग्रंथियों के लिए 18000 रुपये प्रति माह वेतन, हर कॉलोनी में सरकार के खर्च पर गार्ड, हर महिला को 2100 रुपये की आर्थिक सहायता और सभी बुजुर्गों को मुफ्त इलाज सेवा शामिल है। इन पर हजारों करोड़ रुपये तक की लागत आने का अनुमान है।
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भाजपा की योजनाओं पर हजारों करोड़ होगा खर्च
भाजपा ने अभी तक अपना संकल्प पत्र जारी नहीं किया है, लेकिन उसकी भी कई घोषणाएं दिल्ली के लिए बड़ा खर्च साबित हो सकती हैं। माना जा रहा है कि भाजपा वर्तमान में चल रही सभी योजनाओं को जारी रखने के साथ-साथ हर परिवार को 300 यूनिट बिजली, हर धार्मिक स्थल को 500 यूनिट बिजली और पानी मुफ्त देने जा रही है।
भाजपा दिल्ली में आयुष्मान योजना के साथ-साथ अन्य योजनाएं लागू करेगी। भाजपा भी महिलाओं को 2500 से 3000 रुपये महीने की आर्थिक सहायता भी देगी। हर झुग्गी में रहने वाले गरीब परिवार को पक्का मकान दिए जाने की योजना भी भाजपा कर सकती है। इन योजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है।
कांग्रेस भी पीछे नहीं
कांग्रेस ने भी अपना घोषणा पत्र जारी नहीं किया है, लेकिन पार्टी ने हर परिवार को 25 लाख रुपये के इलाज की सेवा देने की घोषणा की है। कांग्रेस ने हर महिला को 2500 रुपये हर महीने देने का वादा किया है। वह बिजली-पानी के साथ कई अन्य सेवाओं की घोषणा भी करने वाली है।