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Asha Kiran Death: आशा किरण में 13 बच्चों की मौत पर घिरी केजरीवाल सरकार, भाजपा ने मांगा इस्तीफा

Sat, 03 Aug 2024 02:12 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Sat, 03 Aug 2024 02:12 PM IST
सार

दिल्ली का यह शेल्टर होम मंदबुद्धि बच्चों की उचित देखरेख के लिए बनाया गया, लेकिन यह हमेशा से ही गलत कारणों से चर्चा में रहा है। पहले भी गलत देखरेख के कारण यहां अनेक बच्चों की मौत के कारण हंगामा हुआ था, लेकिन समय बीतने के साथ ही सब कुछ ठंडा पड़ गया और एक बार फिर यह शेल्टर होम बच्चों के लिए खतरनाक साबित हुआ।

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Delhi Asha Kiran Death Case Arvind Kejriwal Government in question as BJP attack sharpens news and updates
आशा किरण शेल्टर होम को लेकर बैकफुट पर आम आदमी पार्टी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शराब घोटाले में जेल में बंद अरविंद केजरीवाल की सरकार एक नई मुसीबत में फंस गई है। अभी वह ओल्ड राजेंद्र नगर के एक कोचिंग सेंटर में हुई तीन बच्चों की दर्दनाक मौत के मामले से बाहर निकल भी नहीं पाई है कि रोहिणी के आशा किरण शेल्टर होम में 27 मंदबुद्धि बच्चों की मौत ने सरकार को बैकफुट पर ला दिया है। आरोप है कि केवल जुलाई महीने में ही इस शेल्टर होम में 13 मंदबुद्धि बच्चों की मौत हुई है, जबकि इस वर्ष यानी जनवरी से अब तक कुल 27 बच्चों की मौत हुई है। बच्चों की मौत के खुलासे से दिल्ली की राजनीति में नया घमासान मच गया है। भाजपा ने अरविंद केजरीवाल से तत्काल अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है। वहीं, दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी मार्लेना ने इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच का आदेश देकर 48 घण्टे में रिपोर्ट की मांग की है। 
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दिल्ली का यह शेल्टर होम मंदबुद्धि बच्चों की उचित देखरेख के लिए बनाया गया है, लेकिन यह हमेशा से ही गलत कारणों से चर्चा में रहा है। पहले भी गलत देखरेख के कारण यहां अनेक बच्चों की मौत के कारण हंगामा हुआ था, लेकिन समय बीतने के साथ ही सब कुछ ठंडा पड़ गया और एक बार फिर यह शेल्टर होम बच्चों के लिए खतरनाक साबित हुआ। बच्चों की मौत की संख्या की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है, लेकिन भाजपा नेताओं का दावा है कि गलत देखरेख के कारण यहां दर्जनों बच्चों की दर्दनाक मौत हो रही है और इस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। भाजपा ने मांग की है कि सरकार को इन मौतों पर जनता को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। 
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कैसी लापरवाही के आरोप
दिल्ली सरकार की तरफ से यहां रखे हुए सभी मंदबुद्धि बच्चों के देखरेख की पूरी सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। उन्हें भोजन से लेकर दवाओं तक की पूरी सुविधा निःशुल्क है और उनकी देखरेख के लिए केयरटेकर रखे हुए हैं। लेकिन लोगों का आरोप है कि बच्चों की पूरा आहार भी है दिया जाता है। उन्हें साफ पानी भी उपलब्ध नहीं कराया जाता। चूंकि बच्चे मंदबुद्धि होते हैं, लिहाजा वे अपनी परेशानियों के बारे में किसी से कुछ कह भी नहीं पाते। आरोप है कि बच्चों के परिजन भी कभी कभी ही यहां आकर उनसे मिलते हैं। वे उनकी देखरेख और परेशानियों को जानने के लिए बहुत उत्सुक भी नहीं होते। यही कारण है कि उनके साथ अभद्रता होती रहती है और यह भ्रष्टाचार कभी सामने नहीं आता। 
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'केजरीवाल इस्तीफा दें'
भाजपा नेता शाजिया इल्मी ने अमर उजाला से कहा कि दिल्ली में लगातार एक के बाद एक नए-नए हादसे हो रहे हैं। कभी कोचिंग सेंटर में नगर निगम की लापरवाही के कारण बच्चों की मौत हो रही है, तो कहीं शेल्टर होम में दर्जनों बच्चों की मौत हो रही है। यह सीधे सीधे सरकार की प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि अरविंद केजरीवाल जेल में रहकर दिल्ली की प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं संभाल सकते। अब उन्हें अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। 

शाजिया इल्मी ने कहा कि दिल्ली सरकार की लापरवाही बरतने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कोचिंग सेंटर और शेल्टर होम का मामला अकेला ऐसा मामला नहीं है। दूसरे विभागों में भी इसी तरह का भ्रष्टाचार चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सरकार और उसका पूरा का पूरा तंत्र लूट और भ्रष्टाचार में लिप्त हो जाता है, तो इसी तरह पूरा सिस्टम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि आज का यह प्रकरण बताता है कि किस तरह केजरीवाल मॉडल जनता की सेवा करने की बजाय लूट का मॉडल बन गया है। उन्होंने कहा कि करोड़ों की आबादी वाली दिल्ली के हित में   यही बेहतर है कि अब केजरीवाल सरकार इस्तीफा दे। 

'दिल्ली में कोई सरकारी नहीं'
दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा है कि राजधानी में लगातार घट रही घटनाओं को देखकर यही लगता है कि यहां पर कोई सरकार काम नहीं कर रही है। यहां कभी कोचिंग सेंटर में, कभी बिजली के तारों की चपेट में आने से तो कभी बारिश के पानी में डूबकर लोगों की मौत हो रही है। यादव ने कहा कि इस शर्मनाक घटना की तत्काल जांच की जानी चाहिए और  लापरवाही बरतने के जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। 


'मां-बेटे की मौत पर चुप क्यों बीजेपी'
शेल्टर होम में एक महीने में ही 13 मंदबुद्धि बच्चों की मौत पर प्रश्न के जवाब में दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि भाजपा उस मां-बच्चे की मौत पर कोई प्रदर्शन करने नहीं गई जिसमें एक नाले में डूबकर मां-बेटे की दर्दनाक मौत हो गई। आम आदमी पार्टी नेता ने कहा कि सरकार ने मामले की जांच का आदेश दे दिया है। जल्द ही सच सामने आ जायेगा। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई की बात भी कही है।
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